Sunday, September 10, 2023

आज की खबर हर अस्पताल में तैनात होंगे नोडल अधिकारीयोगी

 Today news निजी अस्पतालों को अनिवार्य रूप से देनी होगी संचारी रोगों से प्रभावित व्यक्तियों की जानकारी, हर शाम होगा निरीक्षण

आज की खबर हर अस्पताल में तैनात होंगे नोडल अधिकारीयोगी
 
हर अस्पताल में तैनात होंगे नोडल अधिकारीयोगी
हर अस्पताल में तैनात होंगे नोडल अधिकारीयोगी
समीक्षा की खास बातें

● मुख्यमंत्री ने पशुओं में लम्पी बीमारी से बचाव के प्रबन्धन की समीक्षा की

● स्थिति सामान्य होने तक प्रदेश में पशु मेलों का आयोजन स्थगित रखा जाए,

● अन्तरराज्यीय पशु परिवहन पर रोक लगाई जाए

● लम्पी वायरस से संक्रमित गोवंश, स्वस्थ हुए गोवंश और गैर संक्रमित गोवंश के लिए पृथक-पृथक बाड़े की व्यवस्था

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि इंसेफेलाइटिस, डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया जैसे संचारी रोगों की रोकथाम लिए खासी सतर्कता बरती जाए। प्रदेश के सभी पीएचसी, सीएचसी, जिला अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों के लिए जिलाधिकारी द्वारा एक-एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए। यह नोडल अधिकारी हर दिन सायंकाल अपने प्रभार के अस्पतालों की जांच कर व्यवस्था सुचारू बनाए रखें। चिकित्सा व स्वास्थ्य व्यवस्था में अराजकता व अव्यवस्था फैलाने की कुत्सित करने वालों से पूरी कठोरता से निपटा जाए।

मुख्यमंत्री ने शनिवार को उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश में संचारी रोगों की स्थिति की समीक्षा कर यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आगामी अक्टूबर माह से इसका नवीन चरण प्रारंभ होना है। इंसेफेलाइटिस नियंत्रण और कोविड प्रबंधन के दो सफल मॉडल संचारी रोग अभियान में हमारे लिए उपयोगी होंगे। उन्होंने कहा कि कहीं भी हॉटस्पॉट की स्थिति न बनने पाए। यदि कहीं भी ऐसी स्थिति हो तो वहां संबंधित नगर आयुक्त व अधिशाषी अधिकारी स्वयं पहुंच कर निरीक्षण करें। अस्पतालों में दवा की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए। सभी सरकारी व निजी अस्पतालों/मेडिकल कॉलेजों में नए रोगियों की नियमित रिपोर्टिंग जरूर हो।

गौतमबुद्धनगर, लखनऊ कानपुर समेत 21 जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाए सीएम ने कहा कि हाल के दिनों में गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर नगर, मेरठ, मुरादाबाद जनपद डेंगू से प्रभावित रहे हैं। बुलंदशहर में डेंगू आउटब्रेक की स्थिति भी देखी गई। जबकि बरेली, सीतापुर, शाहजहांपुर, हरदोई बदायूं, पीलीभीत और संभल में मलेरिया का असर रहा है।

इसी तरह, प्रयागराज, कानपुर नगर, बाराबंकी, कुशीनगर, संत कबीरनगर, सहारनपुर व बस्ती में चिकनगुनिया की दृष्टि से संवेदनशील हैं।


सपा प्रतिनिधिमंडल शामली जाएगा
 
सपा प्रतिनिधिमंडल शामली जाएगा
लखनऊ में सपा कार्यालय के बाहर शुक्रवार रात लगी यह होर्डिंग चर्चा का विषय रही। हालांकि बाद में इस होर्डिंग को उतार लिया गया।

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 11 सितंबर को शामली जाएगा। वहां थानाभवन क्षेत्र के गांव हिंड निवासी दो बच्चों विशु पुत्र रोहताश उम्र आठ वर्ष और अब्दुल खालिक पुत्र अजीब उम्र लगभग छह वर्ष लापता हो गए थे और बाद में उनकी लाश मिली।

सपा प्रतिनिधिमंडल वहां जाकर उनके परिजनों से मिलेगा।


आयुष काउंसलिंग में 4449 ने कराया पंजीकरण
 लखनऊ news प्रदेश के आयुष विभाग (आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथिक) के शैक्षणिक सत्र 2023 के प्रवेश के लिए आयुष नीट (यूजी) काउंसिलिंग की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। काउंसलिंग के लिए राजकीय नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कालेज एवं चिकित्सालय में बने नोडल केन्द्र पर अब तक 4449 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है।
आम आदमी पार्टी करेगी शिक्षकों का सम्मान
लखनऊ आम आदमी पार्टी रविवार को सुबह 10 बजे लखनऊ के सहकारिता भवन में शिक्षक समागम एवं सम्मान समारोह का आयोजन करेगी। इसमें सभी संवर्ग के शिक्षकों की समस्याओं एवं उनके निवारण पर मंथन किया जाएगा। पार्टी के प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह सम्मेलन के मुख्य अतिथि होंगे, जबकि निर्वतमान प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह विशिष्ट अतिथि होंगे।

भाजपा सामाजिक संरचना बिगाड़ रही अखिलेश
भाजपा सामाजिक संरचना बिगाड़ रही अखिलेश

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा ने प्रदेश की मिलीजुली सामाजिक संरचना को बिगाड़ने के साथ विकासकार्यों पर अवरोध खड़ा किया है। स्मार्टसिटी बनाने का जो वादा झूठा निकला। केंद्र सरकार के मानकों पर खुद राजधानी लखनऊ पिछड़ती गई है।अखिलेश ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा है कि स्वच्छ भारत मिशन हो या शिक्षा-स्वास्थ्य की योजनाएं सभी में प्रदेश फिसड्डी हो गया है।


हर जिले में खुलेंगे संस्कृत विद्यालय
 

प्रदेश में हैं 1246 संस्कृत विद्यालय

वर्तमान में प्रदेश में 1246 संस्कृत विद्यालय हैं जिनमें से 973 सहायता प्राप्त संस्कृत विद्यालय हैं जबकि दो राजकीय संस्कृत विद्यालय हैं। शेष निजी क्षेत्र के संस्कृत विद्यालय हैं।

प्रदेश में लम्बे समय से संस्कृत शिक्षा उपेक्षित रही है। सरकार अब संस्कृत को आसान तरीके से हर व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास में जुट गई है।

- जे पी सिंह, सदस्य, उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषदलखनऊ प्रदेश में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने और संस्कृत शिक्षा के प्रति बच्चों का रुझान बढ़े इसके लिए सरकार प्रदेश के हर जिले में आवासीय संस्कृत विद्यालय खोलने जा रही है। नये संस्कृत आवासीय स्कूल आधुनिक सुविधा सम्पन्न होंगे। कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर स्थापित होने वाले इन विद्यालयों में संस्कृतमय माहौल होगा तथा ज्यादातर स्मार्ट क्लास होंगे।

Today News आधुनिक विषयों का समावेश कर एनसीईआरटी की पुस्तकों से पढ़ाई होगी। इन आवासीय संस्कृत विद्यालयों में न सिर्फ +2 तक की पढ़ाई होगी बल्कि उसके बाद की रोजगारपरक शिक्षा भी दी जाएगी। पहले चरण में 35 और दूसरे चरण में 40 संस्कृत विद्यालयों की स्थापना की है यह योजना। इस योजना के तहत एक ही परिसर के भीतर पूरी तरह से संस्कृतमय वातावरण में संस्कृत शिक्षा मुहैय्या कराना है। दो माह पूर्व शिक्षा विभाग की ओर से तैयार एक प्रस्ताव शासन को भेजा गया था जिस पर विभिन्न एजेन्सियों से राय लेने के बाद वित्त विभाग ने भी मंजूरी प्रदान कर दी है। अब विभागीय औपचारिकताओं के बाद इसे कैबिनेट में भेजा जाएगा।

सरकार संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में सुधार कार्य करा रही है वहीं पुराने जर्जर संस्कृत विद्यालयों के भवनों का कायाकल्प किया जा रहा है। लखनऊ में नये संस्कृत शिक्षा निदेशालय के निर्माण के लिए पहले ही हरी झंडी मिल चुकी है। वहीं स्थाई संस्कृत शिक्षकों के कार्यकाल का फिर से नवीनीकरण किया जा चुका है संस्कृत विषय से सिविल सर्विस की तैयारी करने वालों को प्रदेश के प्रमुख जिलों में निशुल्क कोचिंग की सुविधा मुहैय्या कराने पर भी विचार चल रहा है और जल्द ही इस पर निर्णय की सम्भावना है।




सिर्फ 0.7 बजट खर्च कर सका नगर विकास

विकास का बजट और खर्च (विभागवार) करोड़ में

सिर्फ 0.7 बजट खर्च कर सका नगर विकास
सिर्फ 0.7 बजट खर्च कर सका नगर विकास
सिर्फ 0.7 बजट खर्च कर सका नगर विकास
सिर्फ 0.7 बजट खर्च कर सका नगर विकास
सिर्फ 0.7 बजट खर्च कर सका नगर विकास
सिर्फ 0.7 बजट खर्च कर सका नगर विकास
सिर्फ 0.7 बजट खर्च कर सका नगर विकास
सिर्फ 0.7 बजट खर्च कर सका नगर विकास
सिर्फ 0.7 बजट खर्च कर सका नगर विकास
सिर्फ 0.7 बजट खर्च कर सका नगर विकासप्रदेश सरकार द्वारा विकास की रफ्तार तेज करने की कोशिशों में विभाग ही आड़े आ रहे हैं। 2023-24 के लिए यूपी के बजट में विकास कार्यों के लिए (पूंजीगत परिव्यय) आवंटित बजट में से वित्तीय वर्ष के पांच माह बीत जाने के बाद कुल प्रगति महज 17.2 फीसदी ही है। सबसे खराब स्थिति नगर विकास विकास विभाग की है जहां विकास कार्यों पर एक फीसदी से भी कम 0.7 फीसदी ही बजट खर्च किया जा सका ह30 फीसदी बजट खर्च बजट खपाने की स्थिति यह है कि 2023-24 का कुल बजट 690242 करोड़ रुपये में से पांच महीने 31 अगस्त तक 183008 करोड़ (26.5) खर्च हुए थे। इसमें 30 राजस्व मद से तथा 17.2 पूंजीगत मद से खर्च हुआ है। राजस्व मद से अधिक बजट खर्च होने का ग्राफ इसलिए अधिक है क्योंकि इसमें पेंशन, वेतन तथा अन्य खर्चे शामिल हैं।

सबसे अच्छी गति ग्राम्य विकास विभाग की वित्त विभाग के आंकड़ें बता रहे हैं कि विकास मद में बजट खर्च करने में सबसे अच्छी रिपोर्ट ग्राम्य विकास विभाग की है। ग्राम्य विकास विभाग ने 23.6 फीसदी बजट अगस्त तक खर्च कर दिए थे। इसके बाद ऊर्जा विभाग की खर्च की गति संतोषजनक मानी जा रही है यहां पर 18.6 फीसदी बजट खर्च किया जा चुका है।

स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग की योजनाओं में खर्च की गति सुस्त विकास के लिए सबसे अधिक बजट पाने वाले विभागों में नगर विकास विभाग के बाद चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने कुल 6.1, उद्योग (भारी एवं मध्यम) ने 6.0, कृषि विभाग ने कुल 7.7, गृह (पुलिस) विभाग ने 10.6,लोक निर्माण (सड़क) ने 10.7, पंचायती राज विभाग ने 11.6, आवास विभाग ने 12.3 तथा चिकित्सा शिक्षा ने कुल 12.8 बजट 31 अगस्त तक खर्च किया था।

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