हिमालय में हिमस्खलन पर्वतारोहियों के लिए खतरा



News media हिमालय पर हिमस्खलन की घटना अत्यधिक गरमी (जलवायु परिवर्तन) की वजह से बढ़ रही है। यह पर्वतारोहियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। इस वजह से पिछले पांच दशक में हिमालय की ऊंची चोटियों पर 564 पर्वतारोहियों की जान जा चुकी है। एक शोध में इसका खुलासा हुआ है।
शोध से यह भी पता चला है हिमालय में हिमस्खलन के कारण मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पर्वतारोहियों के लिए यह सबसे बड़ी चुनौती है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऊंचाई पर गरमी की वजह से हिमस्खलन का जोखिम ज्यादा होता है। इसकी चपेट में आने से उनकी जान तक जा रही है। हिमालय पर्वत शृंखला पर चढ़ाई के दौरान जलवायु परिवर्तन (वैश्विक तापमान) खतरे को और बढ़ा रहा है। एक हालिया विश्लेषण के अनुसार पिछले 50 वर्षों में हिमालय में 4,500 मीटर (14,770 फुट) से अधिक ऊंची चोटियों पर हिमस्खलन के कारण करीब 564 लोगों की जान चली गई।
हिमालय पर 8,000 मीटर से ऊपर की 14 चोटियों और 6,000 मीटर से ऊपर की कुछ अन्य प्रमुख चोटियों पर साल 1895 से 2022 के बीच करीब 1,400 पर्वतारोहियों की मौतें हुई हैं। इनमें से 33 फीसदी की मौत हिमस्खलन की वजह से हुई।
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