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प्रधानमंत्री ने यूक्रेन का नाम लिए बिना युद्ध से गहराए भरोसे के संकट का जिक्र किया, विश्व कल्याण के लिए मिलकर चलना होगादुनिया में भरोसा पैदा करना होगा मोदी


दुनिया की आधी से अधिक आबादी वाले समूह जी20 का 18वां सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। दो दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन शनिवार को राजधानी के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में शिखर सम्मेलन की बैठक में शामिल जी20 सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष एवं प्रतिनिधि। बैठकों के सत्र में भारत की ओर से आमंत्रित नौ देशों के प्रतिनिधि भी शिरकत कर रहे हैं। ● एएफपी
उथल-पुथल पर ठोस समाधान जरूरी
मोदी ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल, उत्तर-दक्षिण का बंटवारा, पूरब-पश्चिम की दूरी, खाद्य, तेल और खाद का प्रबंधन, आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ, ऊर्जा और जल समस्या जैसी चुनौतियों के ठोस समाधान की ओर बढ़ना होगा। चुनौतियों से निपटने को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे।
युद्ध से विश्वास की कमी और गहराई
प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध ने विश्वास की कमी को और गहरा कर दिया है। इसे एक-दूसरे पर विश्वास में बदलने का समय आ गया है। पीएम ने पूरी दुनिया से इसे एक-दूसरे पर विश्वास में बदलने की अपील की। बोले- यह ऐसा समय है, जब सदियों पुरानी चुनौतियां हमसे नए समाधान मांग रही हैं। कई दफा इस बात पर जोर दिया कि इस समूह को ग्लोबल साउथ की आवाज भी सुननी चाहिए।
नई दिल्ली news प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले कोविड और अब यूक्रेन युद्ध से आए वैश्विक भरोसे में आई कमी के संकट का जिक्र करते हुए इस खाई को पाटने का आह्वान किया है। उन्होंने रूस-यूक्रेन का नाम लिए बिना कहा कि युद्ध ने विश्वास की कमी को और गहरा कर दिया है। इसे अब एक-दूसरे पर विश्वास में बदलने का समय आ गया है। पुरानी चुनौतियों के नए समाधान खोजने की अपील भी की।
मोदी ने यहां ‘भारत मंडपम’ में जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की शुरुआत करते हुए अपने संबोधन में कहा कि कोविड के बाद विश्व में एक बड़ा संकट विश्वास का आया है। जब हम कोविड को हरा सकते हैं तो हम आपसी विश्वास पर आए इस संकट पर भी विजय प्राप्त कर सकते हैं। बतौर अध्यक्ष भारत पूरी दुनिया से ये आह्वान करता है कि हम मिलकर सबसे पहले इस वैश्विक भरोसे में कमी को एक विश्वास और एक भरोसे में बदलें।
प्रभावितों के प्रति संवेदना
शिखर सम्मेलन की शुरुआत में पीएम मोदी मोदी ने कहा कि कुछ देर पहले मोरक्को में आए भूकंप से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना प्रकट करना चाहता हूं। हम प्रार्थना करते हैं कि सभी घायल लोग शीघ्र स्वस्थ हों। इस कठिन समय में पूरा विश्व समुदाय मोरक्को के साथ है।
नई दिल्ली में शनिवार को जी20 के पहले सत्र को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। ● एएफपी
नई दिशा देने का समय
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का ये समय पूरी दुनिया को नई दिशा दिखाने वाला और नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण समय है। ये वो समय है, जब वर्षों पुरानी चुनौतियां हमसे नए समाधान मांग रही हैं, इसलिए हमें मानव केंदित दृष्टिकोण निभाते हुए ही आगे बढ़ना है।
आम लोगों का जी-20 बना
मोदी ने कहा, भारत की जी20 अध्यक्षता देश के भीतर और बाहर एकजुटता का प्रतीक बन गई है। भारत में ये पीपुल्स जी-20 (लोगों का जी-20) बन गया है। करोड़ों भारतीय इससे जुड़े। जी20 के सदस्य देश वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 85 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार का 75 प्रतिशत से अधिक और विश्व जनसंख्या का लगभग दो-तिहाई प्रतिनिधित्व करते हैं।
प्रधानमंत्री की सीट के आगे भारत
जी-20 बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट के आगे भारत लिखा हुआ था। हाल ही में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की तरफ से भेजे गए निमंत्रण और पत्र में इंडिया के बजाय भारत नाम ही लिखा जा रहा है। विपक्ष इसे नाम बदलने की कोशिश के रूप में देख रहा है। जबकि सरकार का कहना है कि संविधान में दोनों का उल्लेख है। हालांकि आयोजन में दोनों नाम साथ में उपयोग किए गए हैं।
नई दिल्ली एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को शिखर सम्मेलन में जी-20 सैटेलाइट मिशन शुरू करने का प्रस्ताव रखा। इसका उद्देश्य ‘ग्लोबल साउथ’ देशों की मदद के लिए पर्यावरण और जलवायु आंकड़े मुहैया कराना है।
प्रधानमंत्री ने कहा, जी-20 उपग्रह मिशन चंद्रयान मिशन से प्राप्त आंकड़ों की तरह ही पूरी मानवता के लिए फायदेमंद साबित होगा। इसी भावना के साथ भारत पर्यावरण और जलवायु अवलोकन के लिए जी-20 उपग्रह मिशन की शुरूआत करने का प्रस्ताव कर रहा है। नरेंद्र मोदी ने कहा, इससे प्राप्त जलवायु और मौसम संबंधी आंकड़े सभी देशों खासकर ग्लोबल साउथ के देशों के साथ साझा किए जाएंगे। भारत सभी को आमंत्रित करता है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा सहित अन्य नेताओं की उपस्थिति में यह सुझाव दिया।
नई दिल्ली एजेंसियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इटली के प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के साथ विभिन्न मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता की।
मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के साथ मेरी मुलाकात बहुत अच्छी रही। हमारी बातचीत में व्यापार, वाणिज्य, रक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों और अन्य क्षेत्रों पर चर्चा हुई। भारत और इटली वैश्विक समृद्धि के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।’ मोदी जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए यहां पहुंचे विभिन्न नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर रहे हैं।

नई दिल्ली में शनिवार को वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन के ऐलान के दौरान जी20 के राष्ट्राध्यक्षों के साथ पीएम नरेंद्र मोदी। ● एपी
नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। भारत ने जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन की शुरुआत करते हुए सभी देशों से इससे जुड़ने का आह्वान किया है। इसके तहत पेट्रोल में एथेनाल या किसी अन्य जैव ईंधन को 20 फीसदी तक मिश्रित करने का प्रावधान है। इसका मकसद जलवायु खतरों से निपटने के लिए हरित ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जी-20 के पहले सत्र ‘एक धरती’ में संबोधन के दौरान शनिवार को यह प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि सभी देश ईंधन मिश्रण के क्षेत्र में साथ मिलकर काम करें। हमारा प्रस्ताव है कि पेट्रोल में इथेनॉल (मिश्रण) ब्लेंडिंग को वैश्विक स्तर पर 20 फीसदी तक ले जाने के लिए पहल की जाए। या फिर विश्व के लिए हमें कोई और ब्लेंडिंग मिक्स निकालने पर काम करना होगा, जिससे ऊर्जा आपूर्ति बनी रहे और जलवायु भी सुरक्षित रहे। इस संदर्भ में आज हम ग्लोबल बायोफ्यूल एलांस लॉन्च कर रहे हैं।
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति जो. बाइडन के काफिले में शामिल गाड़ी को शनिवार सुबह दूसरे होटल में यात्री पहुंचाते हुए सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ लिया। इस कार पर होटल और प्रगति मैदान में प्रवेश करने से संबंधित पास लगे हुए थे।
घटना का पता चलते ही विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गई। पूछताछ में पता चला कि यह कार बाइडन के काफिले में शामिल है। इसे आईटीसी मौर्या होटल से प्रगति मैदान जाना था, लेकिन इससे पहले चालक गाड़ी को यात्री लाने के लिए इस्तेमाल करने लगा।
बाइडन नई दिल्ली स्थित आईटीसी मौर्या होटल में ठहरे हुए हैं। शनिवार को होटल से प्रगति मैदान स्थित आयोजन स्थल तक जाने के लिए अमेरिका के काफिले में लगभग 60 गाड़ियां शामिल रहीं। इसमें शामिल कुछ गाड़ियां अमेरिका से आई हैं, जबकि अन्य गाड़ियां भारत से मुहैया करवाई गई हैं। इनमें कुछ गाड़ियों को किराये पर लिया गया है।

कानपुर news जी-20 समिट में हुए नए समझौतों से अमेरिका और आईआईटी कानपुर के बरसों पुराने रिश्ते ताजा हो गए। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समझौते के तहत इंडो-यूएस ग्लोबल चैलेंजेज इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए आपसी समझौते पर खुशी जाहिर की।
इस एमओयू पर आईआईटी काउंसिल की ओर से आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रोफेसर अभय कारिंदकर और एसोसिएशन ऑफ अमेरिकन यूनिवर्सिटीज की प्रेसीडेंट बारबरा स्नाइडर के हस्ताक्षर हैं। आईआईटी कानपुर का अमेरिका से जन्मजात रिश्ता रहा है। आईआईटी कानपुर की स्थापना हरकोर्ट बटलर टेक्निकल इंस्टीट्यूट की कैंटीन में दिसंबर 1959 में हुई थी। 1963 में यह अपने मूल कैंपस में आया। वैसे सोसाइटी एक्ट में इसका पंजीकरण दो नवंबर 1959 को हो गया था।
नई दिल्ली में शनिवार को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनकी बेटी सायमा वाजेद के साथ सेल्फी लेते अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन।
नई दिल्ली में शनिवार को शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को रिसीव करने केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल पहुंचीं।
भारत मंडपम में शनिवार को सऊदी अरब के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान से गर्मजोशी के साथ मिलते पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन।
प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम के शिल्प बाजार में शनिवार को इंटरनेशनल मीडिया सेंटर में अपनी कारीगरी दिखाता एक कारीगर।
आगरा में शनिवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो के पुत्र कोसेंग पंगारेप और पत्नी बारिश के बीच ताजमहल का दीदार करने पहुंचे

नई दिल्ली में जी20 राष्ट्राध्यक्षों की पत्नियों ने आईसीएआर पूसा का दौरा किया।
15 प्रधानमंत्रियों की पत्नियों ने 1200 एकड़ में फैले आईएआरआई परिसर का दौरा किया, विपणन किए जाने वाले खाद्य उत्पादों को किया गया प्रदर्शित
नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार को भारत मंडपम में जिस वक्त विश्व के शीर्ष नेता जी20 शिखर सम्मेलन में शिरकत कर रहे थे, उस दौरान उनकी पत्नियां (प्रतिनिधिमंडल) ने पूसा में भारत की समृद्धि कृषि व्यवस्था को समझ रही थीं। जी20 के 15 प्रधानमंत्रियों की पत्नियों ने मोटे अनाज के उत्पादन, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) की आधुनिक खेती-बाड़ी को प्रदर्शनी के माध्यम से जानकारी प्राप्त की।
जापान के प्रधानमंत्री फुमिओ किशिदा की पत्नी योको किशिदा, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ति, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा की पत्नी रितु बंगा सहित जी20 नेताओं की लगभग 15 पत्नियों ने पूसा स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) परिसर का दौरा किया। 1200 एकड़ क्षेत्रफल में फैले परिसर में मोटे अनाज की खेती की जाती है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की पत्नी क्योको जयशंकर ने इन प्रतिनिधिमंडल का भव्य स्वागत किया। प्रतिनिधियों को 18 देशों के मोटे अनाज और भारत में बढ़ते स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को एक प्रदर्शनी के माध्यम से बताया गया।
कृषि मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट में उल्लेख किया कि प्रदर्शनी क्षेत्र में 15 एग्रीस्टार्टअप ने जमीनी स्तर की चुनौतियों से निपटने के लिए नवीन तकनीकी के माध्यम से समाधान का प्रदर्शन किया।
आदिवासी किसान से मुलाकात एक घंटे की यात्रा के दौरान प्रतिनिधियों ने मध्य प्रदेश की महिला आदिवासी किसान लहरी बाई से भी मुलाकात की। बाई ने अपने खेत में मोटे अनाज के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। लहरी बाई दूरदराज के गांवों की उन 20 महिला किसानों में से हैं, जिन्होंने आईएआरआई में जी20 नेताओं की पत्नियों के साथ मोटे अनाज की खेती के बारे में अनुभव और ज्ञान साझा किया।ये महिलाएं अपने-अपने क्षेत्रों में मोटे अनाज की खेती के आंदोलन में सबसे आगे हैं। मोटे अनाज के उत्पादक 11 राज्यों-मध्य प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, यूपी, तमिलनाडु, उत्तराखंड और ओडिशा के गांवों से आमंत्रित किया गया था।
आईएआरआई के निदेशक एके सिंह ने बताया कि खाद्य और पोषण सुरक्षा में अनुसंधान के माध्यम से कृषि में हुई प्रगति को प्रदर्शनियों के माध्यम से बताया गया। महिलाओं ने कृषि व्यवस्था के बारे में विस्तार से समझने में गहरी रुचि ली।
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