हस्निापुर के गुढ़ा, मवाना के मंदवाड़ी और हाजीपुर में हुई उप चुनाव की वोटों की गिनती

हस्तिनापुर ब्लाक में विजेता प्रत्याशी मूलचंद को प्रमाण पत्र देते चुनाव अधिकारी।


आज की खबर मवाना हस्तिनापुर ग्राम गुढ़ा में प्रधान पद के लिए हुए उप चुनाव के बाद शुक्रवार को मतगणना हुई। इसमें चुनाव परिणाम आए और प्रत्याशी मूलचंद ने अपने प्रतिद्वंदी तेजवीर को 318 मतों से शिकस्त देते हुए विजय हासिल की। वहीं, ग्राम पंचायत मंदवाड़ी के ग्राम पंचायत सदस्य पद पर प्रत्याशी लोमस ने रवि कुमार को हराकर जीत दर्ज की।
चुनाव अधिकारी एनके सहानिया ने बताया कि बुधवार को ग्राम गुढ़ा में प्रधान पद के लिए उप चुनाव के बाद शुक्रवार को ब्लाक सभागार में सुबह आठ बजे से मतगणना हुई। करीब 10 बजे तक चली मतगणना में प्रत्याशी मूलचंद को 808 मत मिले, जबकि तेजवीर को 490 मत मिले। मतगणना के बाद चुनाव अधिकारी ने विजेता प्रत्याशी को प्रमाण पत्र दिया। पुलिस सुरक्षा के बीच विजेता प्रत्याशी मूलंचद को घर भेज दिया।
लोमस ग्राम पंचायत सदस्य चुने त्रिस्तरीय पंचायत उप चुनाव में मवाना ब्लाक सभागार में ग्राम पंचायत मंदवाड़ी के ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए मतगणना हुई। इसमें 35 मत ग्राम पंचायत सदस्य प्रत्याशी लोमस को मिले। दूसरे प्रत्याशी रवि कुमार को एक भी मत नहीं मिला। जीते प्रत्याशी लोमस अपना विजयी प्रमाणपत्र लेने ब्लाक कार्यालय नहीं पहुंचे। सहायक निर्वाचन अधिकारी आजम परवेज खान ने ग्राम पंचायत सदस्य के जीत का प्रमाणपत्र गांव प्रधान सुनीता देवी के पति फतेह चन्द शर्मा को सौंप दिया। मवाना ब्लाक के गांव मंदवाड़ी में मतदान 27.34 प्रतिशत हुआ था। 128 मतदाताओं में से 35 ने मतदान किया।
इनमें 26 पुरुष व नौ महिला मतदाता शामिल रहीं। उधर दो मतपेटी ब्लाक कार्यालय पर बने स्ट्रांग रूम में जमा करा दी गई। शुक्रवार सुबह दोनों मतपेटी में से 35 मत निकले। गिनती के बाद सभी 35 मत लोमस को मिले। सहायक निर्वाचन अधिकारी आजम परवेज खान ने लोमस को गांव के वार्ड दस से ग्राम पंचायत सदस्य के रूप में लोमस का विजयी घोषित कर दिया।

देहरादून कार्यालय में आचार्य बालकृष्ण ने एलोपैथी और आयुर्वेद के बीच लड़ाई पर स्पष्ट तरीके से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि 1972 से चीन में एलोपैथी के साथ चीनी पैथी पढ़ाई जाती है। इसी तरह भारत में भी मेडिकल साइंस में आयुर्वेद पढ़ाया जाना चाहिए। इससे यह विश्व में प्रसिद्ध हो जाएगा।
हिन्दुस्तान शिखर समागम में पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पहाड़ में कई गांव खंडहर हो गए हैं, खेती बंजर पड़ी है। कलस्टर बनाकर जड़ी-बूटी उगानी चाहिए। इससे किसान भी समृद्ध होंगे और दवाओं के लिए पर्याप्त जड़ी-बूटियां मिल सकेंगी। एक हजार करोड़ की जड़ी-बूटी तो पतंजलि खुद खरीद सकता है। उन्होंने हर्षिल की राजमा का उदाहरण देते हुए स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग पर जोर दिया। कहा कि इससे उत्तराखंड समृद्ध होगा। प्रदेश की भलाई से खुद का भी लाभ होगा।
आयुर्वेद की निंदा या विरोध करने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए। दुनिया को दुनिया की भाषा में समझाना होगा। उन्होंने एक करोड़ से ज्यादा लोगों को कोरोनिल से बचाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि 30 हजार कर्मचारियों में से एक की भी पतंजलि में मौत नहीं हुई। दुनिया के पांच सौ से ज्यादा वैज्ञानिक पतंजलि से जुड़कर रिसर्च कर रहे हैं। एलोपैथी एवं आयुर्वेद पैथी के झगड़े पर नहीं जाना चाहिए। पहले हमें अपनी परंपराओं पर गर्व करना होगा, उसके बाद ही दुनिया उस पर विश्वास करती है।
उन्होंने अपनी हाल ही में हिमालय की चोटियों की यात्राओं एवं दो नई चोटियों की खोज के बारे में बताया। कहा कि वहां पर जड़ी बूटियों का अथाह भंडार है। वहां अद्भुत नजारे हैं। उन चोटियों का नाम नंदी, ओम कैलाश चोटी रखा है। यहां पर मेडिसिन के लिए भारी मात्रा में जड़ी-बूटियां मिल सकती हैं। पर्यावरण के लिहाज से उत्तराखंड बहुत महत्वपूर्ण है।

देहरादून में शुक्रवार को हयात रीजेंसी में आयोजित ‘हिन्दुस्तान शिखर समागम 2023’ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘प्रकृति का प्रगति पथ’ सत्र में अपनी बात रखी। ● हिन्दुस्तान
देहरादून news उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ‘एक देश एक चुनाव’ का रास्ता साफ करने के लिए तीन साल पहले ही कुर्सी छोड़ने को तैयार हैं। धामी के मुताबिक, एक बार में चुनाव से विकास कार्यों में तेजी आएगी। खर्च भी बचेगा।
देहरादून स्थित हयात रीजेंसी में शुक्रवार को ‘हिन्दुस्तान’ शिखर समागम का उद्घाटन सीएम पुष्कर सिंह धामी ने किया। ‘प्रकृति का प्रगति पथ’ सत्र में एक सवाल के जवाब में सीएम धामी ने कहा कि पांच साल में एक बार चुनाव होने से देश को बहुत सुविधा होगी। अभी लोकसभा, विधानसभा, निकाय से लेकर पंचायत के चुनाव अलग-अलग समय पर होने से थोड़ी-थोड़ी देर पर मशीनरी ठप हो जाती है। इससे विकास प्रक्रिया भी प्रभावित होती है, खर्च भी बढ़ता है। इसलिए एक भारत श्रेष्ठ भारत बनाने के लिए, एक देश एक चुनाव प्रक्रिया सहायक सिद्ध होगी। एंकर दिबांग ने जब सवाल पूछा कि तो क्या आप तीन साल पहले इसके लिए तैयार होंगे तो सीएम धामी ने बिना संकोच जवाब दिया कि निश्चित तौर पर ऐसा होना चाहिए, उनके लिए देश पहले आता है, दूसरे नंबर पर पार्टी और अंत में व्यक्ति आता है। इसलिए जो भी फैसला देश हित में होगा उसमें व्यक्तिगत कोई मायने नहीं रखती, इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल का हर किसी को स्वागत करना चाहिए।
सनातन पर विपक्षी नजरिए की पोल खुली सनातन धर्म पर उदयनिधि की टिप्पणी को लेकर सीएम ने कहा कि अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र ने भी ऐसा ही बयान दिया है। इंडिया गठबंधन के लोग लगातार इस पर टिप्पणी कर रहे हैं। इस पर उनके नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी, नीतेश कुमार, ममता बनर्जी का कोई बयान नहीं आता है। इससे स्पष्ट है कि उक्त सभी नेता सनातन को किस दृष्टि से देखते हैं। सीएम ने कहा कि सनातन न नया है न पुराना है। सनातन पहले भी था अब भी है और आगे भी रहेगा। जो लोग राजनीतिक दृष्टि से इसकी व्याख्या कर रहे हैं, उन्होंने इसे ठीक प्रकार से पढ़ा ही नहीं है।
देश का नाम भारत ही होना चाहिए
सीएम ने कहा कि सभी देशों का अंग्रेजी और उनकी मूल भाषा में एक ही नाम होता है। इसलिए अपने देश का एक नाम भारत ही ठीक है। विपक्ष इस पर बेवजह विवाद कर रहा है। विपक्ष द्वारा भारत नामकरण को उनके गठबंधन पर आधारित बताए जाने पर धामी ने कहा कि विपक्ष का गठबंधन मूलरूप से यूपीए गठबंधन ही है। विपक्षी दल अपना वजूद बचाने को साथ आए हैं। पीएम मोदी ने 2019 में 2014 से बड़ी जीत दर्ज की, अब 2024 में 2019 का रिकॉर्ड भी ध्वस्त होगा। सीएम ने कहा, देश में साठ साल तक एक ही पार्टी का शासन रहा, उसमें भी एक परिवार का बोलबाला रहा है, लेकिन इस दौरान जिस प्रकार से उन्नित होनी चाहिए वो नहीं हो पाई। आज पीएम मोदी के नेतृत्व में पूरी दुनिया के अंदर भारत का मान, सम्मान, स्वाभिमान और पहचान बढ़ी है। भारत दुनिया को नेतृत्व देने वाली श्रेणी में खड़ा हो गया है।
लोकसभा चुनाव से पहले यूसीसी
देहरादून सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव से पहले समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होगा। यूसीसी उत्तराखंड की देवभूमि से शुरू होगा और पूरे देश के अंदर देवों की कृपा से भी लागू होगा। सीएम धामी ने कहा कि यूसीसी को लेकर गठित कमेटी का काफी काम कर लिया है, जैसे ड्राफ्ट मिलेगा वैसे ही इसे लागू कर देंगे। उत्तराखंड पहला राज्य होगा जहां पर यूसीसी लागू होगा। कमेटी सभी पहलुओं पर काम कर रही है, क्योंकि जो ड्राफ्ट उत्तराखंड का बन रहा है पूरे देश के अंदर उसका प्रभाव जाने वाला है। इसलिए सभी बातों का आकलन करने के बाद उस ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूसीसी किसी को परेशान करने व टारगेट करने के लिए नहीं है, बल्कि यह तो पूरे देश के सशक्तिकरण के लिए है।
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