प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन के 20 साल पूरे होने पर एक कार्यक्रम को संबोधित किया
भारत जल्द महाशक्ति बनेगामोदी28/09/2023 

अहमदाबाद में बुधवार को वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने साइंस सिटी का दौरा किया। इस दौरान एक रोबोट ने उन्हें चाय परोसी।

अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि उनका लक्ष्य भारत को वैश्विक विकास का इंजन बनाना है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि देश जल्द दुनिया की आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरेगा।
एक संस्थान बन गया है वाइब्रेंट गुजरात नरेंद्र मोदी वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन के 20 साल पूरे होने पर यहां साइंससिटी में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन की पूरी यात्रा को याद करते हुए उन्होंने कहा कि 20 साल पहले वाइब्रेंट गुजरात के छोटे-छोटे बीज बोए थे। आज यह एक वट वृक्ष बन गया है। मोदी ने विस्तार से बताया कि कैसे एक साधारण शुरुआत से, वाइब्रेंट गुजरात कार्यक्रम एक संस्थान में बदल गया है। पूरे साल यहां विकास के इंजन को रफ्तार देने का काम किया जाता है। साथ ही इससे जुड़े अधिकारी भी अब कार्यक्रम को बखूबी समझकर राज्य को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने का काम कर रहे हैं।
पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि जब ये आयोजन किए जा रहे थे तब तत्कालीन केंद्र सरकारें गुजरात की औद्योगिक प्रगति के प्रति उदासीन थी। विकास के रास्ते में रोड़े अटकाती थीं। उनके मुताबिक जो भी निवेशक गुजरात में निवेश करने के इच्छुक होते उन्हें यहां आने से मना किया जाता था। प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात वाइब्रेंट समिट ऐसे दौर में शुरू करने की कल्पना की गई जब राज्य भूकंप की त्रासदी से उबर ही रहा था।
पिछली सरकारों को घेरा
अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि उनका लक्ष्य भारत को वैश्विक विकास का इंजन बनाना है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि देश जल्द दुनिया की आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरेगा।
एक संस्थान बन गया है वाइब्रेंट गुजरात नरेंद्र मोदी वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन के 20 साल पूरे होने पर यहां साइंससिटी में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन की पूरी यात्रा को याद करते हुए उन्होंने कहा कि 20 साल पहले वाइब्रेंट गुजरात के छोटे-छोटे बीज बोए थे। आज यह एक वट वृक्ष बन गया है। मोदी ने विस्तार से बताया कि कैसे एक साधारण शुरुआत से, वाइब्रेंट गुजरात कार्यक्रम एक संस्थान में बदल गया है। पूरे साल यहां विकास के इंजन को रफ्तार देने का काम किया जाता है। साथ ही इससे जुड़े अधिकारी भी अब कार्यक्रम को बखूबी समझकर राज्य को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने का काम कर रहे हैं।
पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि जब ये आयोजन किए जा रहे थे तब तत्कालीन केंद्र सरकारें गुजरात की औद्योगिक प्रगति के प्रति उदासीन थी। विकास के रास्ते में रोड़े अटकाती थीं। उनके मुताबिक जो भी निवेशक गुजरात में निवेश करने के इच्छुक होते उन्हें यहां आने से मना किया जाता था। प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात वाइब्रेंट समिट ऐसे दौर में शुरू करने की कल्पना की गई जब राज्य भूकंप की त्रासदी से उबर ही रहा था।
पिछली सरकारों को घेरा
भूकंप आते ही मोबाइल पर तुरंत मिल जाएगी चेतावनी
गूगल ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के परामर्श के साथ भारत में ‘एंड्रॉयड भूकंप अलर्ट सिस्टम’ पेश किया है। कंपनी ने कहा, एनडीएमए और एनएससी के परामर्श के साथ आज हम भारत में एंड्रॉयड भूकंप अलर्ट प्रणाली पेश कर रहे हैं।
सपा के राष्ट्रीय सचिव बने प्रभुदयाल वाल्मीकि


पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि।
मवाना। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश अखिलेश यादव ने पूर्व मंत्री पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि को समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय सचिव मनोनीत किया है। इससे सपा में पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि का कद बढ़ गया है।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय सचिव नामित कर उनसे पार्टी में सक्रियता निभाते, अच्छा कार्य करने की उम्मीद की है। उनके राजनीति सफर के अनुसार प्रभुदयाल वाल्मीकि वर्ष 2002 में पहली बार हस्तिनापुर विधान सभा सीट से सपा से विधायक बने और करीब छह माह बाद वर्ष 2003 में प्रदेश में सपा की सरकार बनी, जिसमें प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने उन्हें प्रदेश में काम करने का मौका देते हुए लघु उद्योग व रेशम विभाग का राज्य मंत्री बनाया था। इसके बाद प्रभुदयाल वाल्मीकि पार्टी की सेवा करते रहे। दोबारा सपा ने उन पर भरोसा करते हुए वर्ष 2012 में टिकट पर चुनाव लड़ाया और दोबारा विधायक चुने गये। पांच साल तक सेवा करते रहे।
पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि ने बताया कि उन्हें कई बार मौके मिले और उन्हें लुभावने पद का ऑफर भी दिया गया, लेकिन वे सपा के वफादार सिपाही हैं। वहीं प्रभुदयाल वाल्मीकि ने राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सपा के वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया है। सपा के राष्ट्रीय सचिव बनाये जाने पर प्रधानाचार्य डॉक्टर देवेंद्र कुमार, शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह, सुधीर कामिल, कृष्ण पाल यादव, हाजी इरफान मलिक, रईस आजम, सतपाल भगत, मास्टर खिलाड़ी सिंह, निर्मित यादव, मिंटू चौधरीएडवोकेट ने बधाईदी।
मवाना। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश अखिलेश यादव ने पूर्व मंत्री पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि को समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय सचिव मनोनीत किया है। इससे सपा में पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि का कद बढ़ गया है।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय सचिव नामित कर उनसे पार्टी में सक्रियता निभाते, अच्छा कार्य करने की उम्मीद की है। उनके राजनीति सफर के अनुसार प्रभुदयाल वाल्मीकि वर्ष 2002 में पहली बार हस्तिनापुर विधान सभा सीट से सपा से विधायक बने और करीब छह माह बाद वर्ष 2003 में प्रदेश में सपा की सरकार बनी, जिसमें प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने उन्हें प्रदेश में काम करने का मौका देते हुए लघु उद्योग व रेशम विभाग का राज्य मंत्री बनाया था। इसके बाद प्रभुदयाल वाल्मीकि पार्टी की सेवा करते रहे। दोबारा सपा ने उन पर भरोसा करते हुए वर्ष 2012 में टिकट पर चुनाव लड़ाया और दोबारा विधायक चुने गये। पांच साल तक सेवा करते रहे।
पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि ने बताया कि उन्हें कई बार मौके मिले और उन्हें लुभावने पद का ऑफर भी दिया गया, लेकिन वे सपा के वफादार सिपाही हैं। वहीं प्रभुदयाल वाल्मीकि ने राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सपा के वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया है। सपा के राष्ट्रीय सचिव बनाये जाने पर प्रधानाचार्य डॉक्टर देवेंद्र कुमार, शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह, सुधीर कामिल, कृष्ण पाल यादव, हाजी इरफान मलिक, रईस आजम, सतपाल भगत, मास्टर खिलाड़ी सिंह, निर्मित यादव, मिंटू चौधरीएडवोकेट ने बधाईदी।
कर्ण मंदिर भूमि जांच को दस दिन का समय मांगाखबर 28/09/2023 हस्तिनापुर, प्राचीन कर्ण मंदिर भूमि विवाद का मामला अभी समाप्त होता नजर नहीं आ रहा है। भूमि की जांच में लगे प्रशासन ने इस मामले में अगले दस दिन का समय और बढ़ाया गया है।कस्बे में मौजूद महाभारत कालीन प्राचीन कर्ण मंदिर के महंत शंकर देव महाराज ने मंदिर की भूमि विवाद को लेकर चकबंदी विभाग पर सांठ गांठ का आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्हीं की लापरवाही से दूसरे पक्ष के हक में फैसला गया है जिस मामले की पूरी निष्पक्षता से जांच नहीं की गई है जिसके बाद उन्होंने 13 सितंबर को जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच करने की मांग करते हुए अग्नि समाधि लेने की घोषणा की थी जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों में हड़काम मच गया।
18 सितंबर को अग्नि समाधि की घोषणा की गई थी जिसके बाद एसडीएम अखिलेश यादव और सीओ आशीष शर्मा ने महंत शंकर देव महाराज से मंदिर पर वार्ता की ओर इस मामले में अगले 10 दोनों का समय मांगा था जिस बीच भूमि मामले की पूरी जांच में टीम लगाई गई।
कस्बे में मौजूद महाभारत कालीन प्राचीन कर्ण मंदिर के महंत शंकर देव महाराज ने मंदिर की भूमि विवाद को लेकर चकबंदी विभाग पर सांठ गांठ का आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्हीं की लापरवाही से दूसरे पक्ष के हक में फैसला गया है जिस मामले की पूरी निष्पक्षता से जांच नहीं की गई है जिसके बाद उन्होंने 13 सितंबर को जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच करने की मांग करते हुए अग्नि समाधि लेने की घोषणा की थी जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों में हड़काम मच गया।
18 सितंबर को अग्नि समाधि की घोषणा की गई थी जिसके बाद एसडीएम अखिलेश यादव और सीओ आशीष शर्मा ने महंत शंकर देव महाराज से मंदिर पर वार्ता की ओर इस मामले में अगले 10 दोनों का समय मांगा था जिस बीच भूमि मामले की पूरी जांच में टीम लगाई गई।
हमारे पितृ कल से पधारेंगे घर, तर्पण के जल से होंगे तृप्त


कब होता है पितृ पक्ष भाद्र पक्ष की पूर्णिमा से प्रारम्भ होकर श्राद्ध पक्ष आश्विन मास की अमावस्या तक होता है। पूर्णिमा का श्राद्ध उनका होता है, जिनकी मृत्यु वर्ष की किसी पूर्णिमा को हुई हो। वैसे, ज्ञात, अज्ञात सभी का श्राद्ध आश्विन अमावस्या को किया जाता है।
जल और तिल ही क्यों श्राद्ध पक्ष में जल और तिल (देवान्न) द्वारा तर्पण किया जाता है। जो जन्म से लय (मोक्ष) तक साथ दे, वही जल है। तिलों को देवान्न कहा गया है। इससे ही पितरों को तृप्ति होती है।
तीन पीढ़ियों तक का ही श्राद्ध श्राद्ध केवल तीन पीढ़ियों तक का ही होता है। धर्मशास्त्रत्तें के मुताबिक सूर्य के कन्या राशि में आने पर परलोक से पितृ अपने स्वजनों के पास आ जाते हैं। देवतुल्य स्थिति में तीन पीढ़ी के पूर्वज गिने जाते हैं। पिता को वसु के समान, रुद्र दादा के समान और परदादा आदित्य के समान माने गए हैं। इसके पीछे एक कारण यह भी है कि मनुष्य की स्मरण शक्ति केवल तीन पीढ़ियों तक ही सीमित रहती है।
कौन कर सकता है तर्पण पुत्र, पौत्र, भतीजा, भांजा कोई भी श्राद्ध कर सकता है। जिनके घर में कोई पुरुष सदस्य नहीं है लेकिन पुत्री के कुल में हैं तो धेवता और दामाद भी श्राद्ध कर सकते हैं।
कौआ, कुत्ता और गाय इनको यम का प्रतीक माना गया है। गाय को वैतरिणी पार करने वाली कहा गया है। कौआ भविष्यवक्ता और कुत्ते को अनिष्ट का संकेतक कहा गया है। इसलिए, श्राद्ध में इनको भी भोजन दिया जाता है। चूंकि हमको पता नहीं होता कि मृत्यु के बाद हमारे पितृ किस योनि में गए, इसलिए प्रतीकात्मक रूप से गाय, कुत्ते और कौआ को भोजन कराया जाता है।
कैसे करें श्राद्ध
● पहले यम के प्रतीक कौआ, कुत्ते और गाय का अंश निकालें ( इसमें भोजन की समस्त सामग्री में से कुछ अंश डालें)
● फिर किसी पात्र में दूध, जल, तिल और पुष्प लें। कुश और काले तिलों के साथ तीन बार तर्पण करें। ऊं पितृदेवताभ्यो नम पढ़ते रहें।
● वस्त्रत्तदि जो भी आप चाहें पितरों के निमित निकाल कर दान करें।
सूक्ष्म विधि
दूरदराज में रहने वाले, सामग्री उपलब्ध नहीं होने, तर्पण की व्यवस्था नहीं हो पाने पर एक सरल उपाय के माध्यम से पितरों को तृप्त किया जा सकता है। दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके खड़े हो जाइए। अपने दाएं हाथ के अंगूठे को पृथ्वी की ओर करिए। 11 बार पढ़ें..ऊं तस्मै स्वधा नम। यह पितरों के प्रति आपकी भावांजलि होगी।
कब कौन सा श्राद्ध
पूर्णिमा का श्राद्ध 29 सितम्बर
प्रतिपदा /द्वितीया 30 सितम्बर
तृतीया 1 अक्तूबर
चतुर्थी 2 अक्तूबर
पंचमी 3 अक्तूबर
षष्ठी 4 अक्तूबर
सप्तमी 5 अक्तूबर
अष्टमी 6 अक्तूबर
नवमी 7 अक्तूबर
दशमी 8 अक्तूबर
एकादशी 9/10 अक्तूबर
(दोनों दिन मान्य)
द्वादशी 11 अक्टूबर
र्त्योदशी 12 अक्तूबर
पितृ विसर्जन अमावस्या 14 अक्तूबर
अर्चितानाममूर्तानां पितृणां दीप्ततेजसाम् ।
नमस्यामि सदा तेषां ध्यानिनां दिव्यचक्षुषाम्।।
(जो सबके द्वारा पूजित, अमूर्त, अत्यन्त तेजस्वी, ध्यानी तथा दिव्यदृष्टि सम्पन्न हैं, उन पितरों को मैं सदा नमस्कार करता हूँ।)
आज गूजेंगी सबके प्यारे नबी हमारे की सदाएं, जलसे होंगे
मेरठ, ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर आज शहरभर में कार्यक्रम होंगे। शाहपीर गेट, घंटाघर और लालकुर्ती में कड़ी सुरक्षा के बीत जुलूस-ए-मोहम्मदी निकलेंगे। कई स्थानों पर सीरत उन नबी के जलसे होंगे। मिलाद शरीफ का आयोजन किया जाएगा। लालकुर्ती में नात, किरात एवं तकरीर के मुकाबलें होंगे। जिसमें 20 से अधिक मदरसों, स्कूलों के बच्चे भाग लेंगे। सभी कार्यक्रमों की तैयारियों को बुधवार शाम को अंतिम रूप दे दिया गया। दूसरी ओर, मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश के सिलसिले में मस्जिदों और घरों में सजावट की गई।
रऊफउल हसन एडवोकेट ने बताया कि जश्न ए ईद मिलादुन्नबी कमेटी मेरठ कैंट की ओर से कार्यक्रम की तैयारी पूरी कर ली गई। हजरत बाले मियां के मुतवल्ली मुफ्ती मोहम्मद अशरफ ने बताया कि आज दरगाह परिसर में लंगर का आयोजन होगा। कार्यक्रम का आयोजन सात अक्तूबर को किया जाएगा। इधर, शाहपीर गेट नौगजा, बड़ी मस्जिद, घंटाघर से जुलूस निकलेगा। सैय्यद अहमद अली शत्तारी कादरी मकबरा शाहपीर शाह के मुख्य गेट से बाहर लंगर कराएंगे।
काम के हैं ये यूएक्स और यूआई कोर्स
डिजिटल दुनिया में यूएक्स और यूआई डिजाइनिंग की मांग बढ़ती जा रही है। टेक्नोलॉजी के जानकार और पेशेवरों के लिए इसमें अपस्किलिंग अच्छे अवसर देगी। यहां पेश हैं इसके कुछ अच्छे ऑनलाइन कोर्स


सॉफ्टवेयर, कंप्यूटिंग और आईटी के पेशेवरों के लिए यूजर इंटरफेस (यूआई) डिजाइन और यूजर एक्सपीरिएंस (यूएक्स) डिजाइनिंग का स्किल अच्छे मौके बना रहा है। इसके जानकार डिजिटल सर्विसेज, मोबाइल एप्लीकेशंस और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के लिए काम करते हैं।
क्या है यूआई और यूएक्स डिजाइनिंग यूजर इंटरफेस डिजाइनिंग किसी एप्लीकेशन या वेबसाइट से यूजर के संवाद को संभव और बेहतर बनाती है। वहीं यूजर एक्सपीरिएंस का मतलब है किसी डिजिटल उत्पाद को इस्तेमाल करने में यूजर का अनुभव कितना बेहतर रहा। यूएक्स एवं यूआई डिजाइन में ग्राफिक्स, इलस्ट्रेशन, इसकी कमियां, डिजिटल पेज के नेविगेशन बटन आदि की डिजाइनिंग करनी होती है।
यहां हम दे रहे हैं इसके कुछ ऑनलाइन कोर्सेज
● इंट्रोडक्शन टु यूजर एक्सपीरिएंस प्रिंसिपल मिशिगन यूनिवर्सिटी का यह ऑनलाइन कोर्स 6 हफ्ते का 4000 रुपयों के लगभग का है। www.coursera.org/learn/introtoux-principles-and-processes पर जानकारी लें।
● गूगल यूएक्स डिजाइन सर्टिफिकेट गूगल का यह कोर्स कोर्सेरा प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। सात दिन में पूरा करने पर कोई फीस नहीं ली जाएगी। www.coursera.org/professional-certificates/ google-ux-design पर जानकारी ले सकते हैं।
● इंट्रोडक्शन टु यूजर एक्सपीरिएंस डिजाइन जॉर्जिया टेक स्कूल ऑफ इंटरैक्टिव कंप्यूटर प्रोफेशनल्स का यह कोर्स वीडियो, प्रैक्टिकल असाइनमेंट, गेम्स आदि के माध्यम से यूएक्स डिजाइन सिखाता है। लिंक है- www.coursera.org/learn/user-experience-design
● यूआई यूएक्स डिजाइन स्पेशलाइजेशन कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ आर्ट्स का यह कोर्स 5 घंटे प्रति दिन देने पर 4 महीने में खत्म होता है। रुपये 4000 से 6000 रुपये फीस देनी पड़ सकती है। www.coursera.org/specializations/ui-ux-design पर विस्तार से जानकारी लें।
कुछ निशुल्क यूआई यूएक्स डिजाइन कोर्स
●ग्रेट लर्निंग का यूएक्स/यूआई कोर्स फॉर बिगनर्स
●उडेमी का यूजर एक्सपीरिएंस फंडामेंटल्स
●लिंक्डइन लर्निंग पर एक्सप्लोरिंग ए यूजर एक्सपीरिएंस डिजाइनर
राहुल गांधी ने बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे उठाए

नई दिल्ली, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कुलियों के साथ मुलाकात का वीडियो बुधवार को जारी कर महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि भारत का भार उठाने वालों के कंधे आज मजबूरियों के बोझ से झुके हुए हैं।
कांग्रेस नेता ने पिछले सप्ताह आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर कुलियों के साथ मुलाकात की थी। इस दौरान उनकी समस्याओं के बारे में जाना था। राहुल गांधी ने बुधवार को इस मुलाकात का एक वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर जारी किया। उन्होंने कहा, कुछ दिनों पहले रामेश्वर जी (सब्जी विक्रेता) से मुलाकात हुई थी। इसकी खबर मिलते ही कुछ कुली भाइयों ने मुझे उनसे मिलने का अनुरोध किया। जैसे ही मुझे मौका मिला, मैं दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल पहुंच गया। कुली भारत के सबसे मेहनती लोगों में हैं।
बीमार पेंशन धारक घर बैठे दे सकेंगे जीवन प्रमाणपत्र
सेंसेक्स 173 अंक चढ़ा
सेंसेक्स 173.22 अंक बढ़कर 66,118.69 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स शुरूआती कारोबार में नुकसान में रहा तथा बाद में और लुढ़ककर 65,549.96 अंक तक आ गया। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलएंडटी, इन्फोसिस और मारुति के शेयरों में लिवाली से इसने नुकसान की भरपाई कर ली। निफ्टी भी 51.75 अंक की बढ़त के साथ 19,716.45 अंक पर बंद हुआ।
दूध के दाम नहीं बढ़ेंगे अमूल
अहमदाबाद, अमूल ब्रांड के तहत अपने दुग्ध उत्पाद बेचने वाले गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (जीसीएमएमएफ) ने कहा है कि दूध के दामों में और बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।
महासंघ के प्रबंध निदेशक जयेन एस मेहता ने बुधवार को कहा कि मानसूनी बरसात अच्छी रहने के बाद दूध खरीद का काम काफी बेहतर रहने का अनुमान है। ऐसे में दूध के दाम और बढ़ने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने यह बात इस सवाल के जवाब में कही कि क्या आने वाले महीनों में कीमतों में किसी तरह की बढ़ोतरी होगी।
No comments:
Post a Comment