Tuesday, September 19, 2023

महिला आरक्षण बिल कैबिनेट से मंजूर

महिला आरक्षण बिल कैबिनेट से मंजूर

लोकतंत्र की अच्छाई संग नए संसद भवन में जाएंगे मोदी● संसद, विधानसभाओं में 33 आरक्षण की तैयारी ● डेढ़ घंटे चली मंत्रिमंडल की बैठक में हुआ फैसला महिला सांसद 15 फीसदी से भी कम

 
महिला आरक्षण बिल कैबिनेट से मंजूर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पुराने संसद भवन में अंतिम बार लोकसभा सत्र को संबोधित किया। 
महिला आरक्षण बिल कैबिनेट से मंजूर

लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या 15 फीसदी से भी कम है, जबकि राज्य विधानसभा में उनका प्रतिनिधित्व करीब 10 फीसदी है। राज्यसभा में पारित बिल रद्द नहीं होता, सरकार चाहती तो बिल को उसी स्वरूप में आगे बढ़ा सकती थी। लेकिन सूत्रों का कहना है कि प्रस्तावित बिल में कई संशोधन किए गए हैं। नए स्वरूप और जरूरतों के मुताबिक बिल सदन में लाया जाएगा।

नई दिल्ली news पुराने संसद भवन में संचालित अंतिम सत्र में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अतीत के गौरवशाली पलों को याद किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की अच्छाई के साथ हम नए संसद भवन में जाएंगे। नई इमारत में मंगलवार से कामकाज शुरू होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्रत्त्ी, पीवी नरसिंह राव, अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह समेत अन्य नेताओं के देश के निर्माण में योगदान की प्रशंसा की।

विश्वास बढ़ता गया प्रधानमंत्री ने कहा, पिछले 75 वर्ष में लोकतंत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि सामान्य जन का संसद पर विश्वास बढ़ता गया। उन्होंने कहा, संविधान सभा से शुरू हुई 75 वर्षों की संसदीय यात्रा, उपलब्धियों, अनुभव, यादों और सीख से भरी रही। अब हम इस ऐतिहासिक भवन से विदा ले रहे हैं। इस दौरान उत्तम से उत्तम सृजन किया गया।

उपलब्धियां गिनाईं मोदी ने अपनी सरकार के समय हुए निर्णय गिनाते हुए कहा कि सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ सदन में कई ऐतिहासिक निर्णय हुए। दशकों से लंबित विषयों का स्थायी समाधान हुआ। इसमें अनुच्छेद 370 की समाप्ति, एक राष्ट्र-एक कर, जीएसटी, वन रैंक वन पेंशन, गरीबों के लिए 10 आरक्षण जैसे फैसले हुए। उन्होंने कहा, डॉ. राजेंद्र प्रसाद से लेकर डॉ. अब्दुल कलाम, रामनाथ कोविंद और वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तक के संबोधनों का लाभ मिला है।

जनअपेक्षाएं पूरी करेगी

मिनट के संबोधन में मोदी ने सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों का जिक्र किया

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नई दिल्ली संसद के विशेष सत्र के बीच सोमवार को कैबिनेट बैठक में महिला आरक्षण बिल को मंजूरी मिल गई। इस विधेयक में लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में डेढ़ घंटे तक चली बैठक में यह फैसला लिए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, सरकार ने इसका आधिकारिक ऐलान नहीं किया। यह बिल मंगलवार को लोकसभा में पेश किया जा सकता है।

नए स्वरूप में विधेयक माना जा रहा है कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण बिल को वर्ष 2010 में राज्यसभा में पारित बिल से अलग स्वरूप में लेकर आएगी। वर्ष 2010 में यूपीए सरकार के दौरान उच्च सदन में पारित बिल लोकसभा में नहीं लाया जा सका था।

27 वर्षों से लंबित सूत्रों का कहना है कि करीब 27 सालों से लंबित महिला आरक्षण विधेयक संसद के पटल पर आएगा। इस पर दोनों सदनों की मुहर जरूरी होगी। लोकसभा में सरकार के पास पूर्ण बहुमत है, जबकि राज्यसभा में भी कांग्रेस सहित कई दलों के समर्थन के चलते इस बार राह मुश्किल नहीं लगती। हालांकि, सपा और राजद जैसे दल अब भी इस का विरोध कर रहे हैं।

अलग प्रावधान संभव विशेष सत्र बुलाए जाने की खबर के बाद से महिला आरक्षण बिल को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। कैबिनेट ने इस बिल को मंजूरी दे दी है। संभावना जताई जा रही है कि महिला आरक्षण विधेयक के भीतर एससी-एसटी और ओबीसी महिलाओ को आरक्षण का प्रावधान भी किया जा सकता है।

नई इमारत में आज क्या ●

● उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष संसद के केंद्रीय कक्ष में समारोह का नेतृत्व करेंगे

● कार्यक्रम राष्ट्रगान के साथ शुरू और खत्म होगा। इसके बाद सांसदों नए भवन पहुंचेंगे

● इससे पहले पुराने संसद भवन के प्रांगण में तीन अलग-अलग समूह की तस्वीरें ली जाएंगी

● लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 1.15 बजे, राज्यसभा की बैठक दोपहर 2.15 बजे शुरू होगी

पुरानी इमारत आजाद भारत के सभी बड़े फैसलों की गवाह है। इसमें भारतीय वास्तु कला की छाप है। इसे नफरत से नहीं देखना चाहिए। इस सदन में नेहरू जी, आंबेडकर जी और सरदार पटेल जैसे लोग बैठे थे।

-मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस अध्यक्ष

संसद का पुराना भवन आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। ये लोकतंत्र की स्वर्णिम यात्रा का एक अहम अध्याय है। इस भवन से विदाई लेना भावुक पल है। हम जब इस सदन को छोड़कर जा रहे हैं तो हमारा मन भी अनेक यादों से भरा है।

-नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री


एलआईसी कर्मियों-एजेंट की ग्रेच्युटी-पेंशन सीमा बढ़ी

नई दिल्ली वित्त मंत्रालय ने एलआईसी एजेंट और कर्मचारियों से जुड़ी चार नई सौगातों को मंजूरी दी है। इनके तहत ग्रेच्युटी सीमा में वृद्धि के साथ ही पारिवारिक पेंशन की दर एक समान करने का प्रावधान किया गया है। साथ ही टर्म इश्योरेंस कवर को बढ़ाया गया है।

सरकार के इस कदम से एलआईसी के एक लाख से अधिक नियमित कर्मचारियों और 13 लाख से अधिक एजेंट को फायदा होगा। वित्त मंत्रालय के मुताबिक एलआईसी एजेंटों के लिए ग्रेच्युटी सीमा तीन लाख से बढ़कर पांच लाख रुपये हो जाएगी।

सरकार का मानना है कि इससे एलआईसी एजेंटों की कामकाज की स्थिति और लाभ में पर्याप्त सुधार आएगा। वहीं, एलआईसी कर्मचारियों के परिवारों के कल्याण के लिए पारिवारिक पेंशन की 30 प्रतिशत की एक समान दर लागू होगी।

डेढ़ लाख तक होगा टर्म इंश्योरेंस एजेंटों के लिए टर्म इंश्योरेंस कवर को 3,000 से 10,000 रुपये की मौजूदा सीमा से बढ़ाकर 25,000 से रुपये 1,50,000 रुपये कर दिया गया है।

नवीनीकरण कमीशन के पात्र होंगे फिर से नियुक्त एजेंटों को नवीनीकरण कमीशन के लिए पात्र बनाने को मंजूरी दे दी गई है। वर्तमान में एलआईसी एजेंट पुरानी एजेंसी के तहत पूरे किए गए किसी भी कारोबार के लिए नवीकरण कमीशन के लिए पात्र नहीं होते हैं।


समाचार चैनलों में सख्त नियामक तंत्र जरूरी कोर्ट

 
समाचार चैनलों में सख्त नियामक तंत्र जरूरी कोर्ट

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह टीवी समाचार चैनलों की निगरानी के स्व-नियामक तंत्र को सख्त बनाना चाहता है। कोर्ट ने न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (एनबीडीए) को नए दिशानिर्देशों के साथ आने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की खंडपीठ ने इन जवाबों का संज्ञान लिया कि एनबीडीए नए दिशा-निर्देशों को तैयार करने के लिए अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) एके सीकरी और पूर्व अध्यक्ष आरवी रवीन्द्रन के साथ परामर्श कर रहा है। एनबीडीए की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार ने नए दिशानिर्देशों के साथ आने के लिए चार सप्ताह का वक्त मांगा।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही तीन चरणीय तंत्र बना चुकी है, जिसमें से पहला स्व-नियामक ही है।


शिवसेना विधायकों पर फैसले में देरी से अदालत सख्त

शीर्ष अदालत ने विधानसभा अध्यक्ष को एक सप्ताह के भीतर यह बताने को कहा है कि मुख्यमंत्री शिंदे और अन्य विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग वाली अर्जी का निपटारा कब तक कर दिया जाएगा। जून, 2022 में एकनाथ शिंदे की अगुवाई में शिवसेना के कई विधायकों ने पार्टी से अलग होकर भाजपा के साथ सरकार बनाई थी।


आदित्य’ ने वैज्ञानिक डाटा जुटाना शुरू किया

 
‘आदित्य’ ने वैज्ञानिक डाटा जुटाना शुरू किया

बेंगलुरु आदित्य एल-1 सूर्य मिशन अंतरिक्ष यान ने आंकड़े जुटाने शुरू कर दिए हैं। ये आंकड़े पृथ्वी के चारों ओर मौजूद कणों के व्यवहार के विश्लेषण में वैज्ञानिकों की मदद करेंगे। इसरो ने सोमवार को एक्स पर पोस्ट किया, आदित्य एल-1 में लगे सेंसरों ने पृथ्वी से 50 हजार किलोमीटर से ज्यादा की दूरी पर आयन और इलेक्ट्रॉन को मापना शुरू कर दिया है। अंतरिक्ष यान के एल-1 कक्षा में स्थापित होने के बाद भी यह जारी रहेगा।

इसरो ने कहा, एल1 के आसपास जुटाए गए आंकड़ों से सौर वायु की उत्पति, इसकी गति और अंतरिक्ष मौसम से संबंधित चीजों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। आदित्य एल-1 में छह सेंसर लगे हैं, जो इलेक्ट्रॉन के अलावा सुपर-थर्मल और शक्तिशाली आयनों को माप रहे हैं।

पृथ्वी की कक्षाओं के दौरान के आंकड़ों से वैज्ञानिकों को पृथ्वी के चारों ओर, विशेष रूप से इसके चुंबकीय क्षेत्र में मौजूद कणों के व्यवहार का विश्लेषण करने में मदद मिलेगी।


अक्तूबर से ही सता सकता है पराली का धुआं

पंजाब, हरियाणा और यूपी में फसल अवशेष जलाने के मामले मिले, अगले माह और बढ़ने की आशंका 

अक्तूबर से ही सता सकता है पराली का धुआं
अक्तूबर से ही सता सकता है पराली का धुआं
खेत में फसल अवशेष जलाता किसान। ● फाइल फोटो
अक्तूबर से ही सता सकता है पराली का धुआं
अक्तूबर से ही सता सकता है पराली का धुआं
अक्तूबर से ही सता सकता है पराली का धुआं

नई दिल्ली पराली जलाने के मामलों को लेकर हर साल छह राज्यों की निगरानी की जाती है। इनमें से तीन राज्यों में अक्तूबर से पहले ही पराली जलाने के शुरुआती संकेत मिलने लगे हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के मुताबिक पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बीते तीन दिनों में पराली जलाने के दस घटनाएं दर्ज की गई हैं।

राजधानी दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत के एक बड़े भूभाग को जाड़े की शुरुआत में भारी प्रदूषण का सामना करना पड़ता है। धान की फसल के बाद कृषि अवशेष को खेतों में जलाने से उठने वाला धुआं इसका बड़ा कारण रहता है। इसके चलते न सिर्फ पराली जलाने से किसानों को रोकने के लिए तमाम उपाय किए जाते हैं, बल्कि पराली जलाने की घटनाओं की उपग्रहों के जरिए मिलने वाले चित्रों के आधार पर निगरानी भी की जाती है।

पंद्रह सितंबर के बाद से घटनाएं दिखने लगी भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्य प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखता है। आमतौर पर पराली जलाने की घटनाएं सितंबर के अंत या अक्तूबर की शुरुआत से ही देखने को मिलती हैं, लेकिन इस बार पंद्रह सितंबर के बाद से ही पराली जलाने की घटनाएं दिखने लगी हैं। हालांकि, घटनाओं की संख्या कम है।

सप्ताह बाद हवा पर असर दिखने के आसार भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के मुताबिक, 15 से 18 सितंबर के बीच पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से कुल दस घटनाएं फसल अवशेष जलाने की दर्ज की गई हैं। इनमें से छह घटनाएं अकेले पंजाब की हैं, जबकि हरियाणा और उत्तर प्रदेश की दो-दो घटनाएं है। अगले कुछ दिनों में घटनाओं के बढ़ने के आसार हैं। मौसम के अलग-अलग कारकों की वजह से अभी दिल्ली-एनसीआर की हवा सालभर के अपने सबसे अच्छे दौर से गुजर रही है, लेकिन सप्ताह बाद हवा पर पराली के धुएं का असर दिखने के आसार हैं।

चालीस दिन रहता है सबसे अधिक बुरा हाल

दिल्ली-एनसीआर की हवा को पराली का धुआं चालीस दिनों तक परेशान करता है। पंद्रह अक्तूबर से 25 नवंबर तक हवा में पराली के धुएं की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा हो जाती है। इसके चलते कई बार वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से भी ऊपर यानी गंभीर श्रेणी में पहुंच जाती है। इस बार भी ऐसे ही हालात रहे तो वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी में पहुंचेगा।

हर साल रोकथाम के तरीके अपनाए जा रहे

खासतौर पर पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की रोकथाम के तमाम तरीके अपनाए जाते हैं। इसके चलते पराली जलाने की घटनाओं में कुछ कमी भले आई है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में पराली जलाई जा रही है। पिछले साल छह राज्यों में पराली जलाने की करीब सत्तर हजार घटनाएं पिछले साल दर्ज की गई थीं।


निगम के कई अस्पतालों में वेंटिलेटर लगाए जाएंगे

नई दिल्ली दिल्ली नगर निगम के बड़े अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में कई स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा। इस संबंध में दिल्ली सरकार ने निगम को 117 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है।

फंड इस्तेमाल सात बड़े अस्पतालों, डिस्पेंसरियों, प्रसूति और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 1720 प्रोजेक्ट में किया जाएगा। साथ ही कुछ अस्पतालों में प्रशासनिक ब्लॉक बनाए जाएंगे। इसके अलावा वेंटिलेटर भी इंस्टॉल किए जाएंगे।

निगम के अस्पतालों और अन्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत योजना के बारे में निगम महापौर डॉ. शैली ओबरॉय ने एमसीडी हेडक्वार्टर में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि केजरीवाल सरकार की तर्ज पर निगम में भी स्वास्थ्य मॉडल लागू किया जा रहा है। दिल्ली सरकार ने निगम को केपिटल और रेवेन्यू हेड के तहत फंड दिया है, जिसे निगम में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। राज्य सरकार ने कैपिटल फंड में 54 करोड़ रुपये और रेवेन्यू हेड में 63 करोड़ रुपये दिए हैं। इस फंड को निगम अस्पतालों और अन्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर खर्च किया जाएगा।

महापौर ने बताया कि कैपिटल हेड में मिले 54 करोड़ रुपये के फंड को 451 प्रोजेक्टों में लगाया जाएगा। वहीं, रेवेन्यू हेड में मिले 63 करोड़ रुपये से 1269 प्रोजेक्ट पूरे किए जाएंगे।


हंगामा मवाना में बिना अनुमति निकाली सम्राट मिहिर भोज यात्रा


हंगामा मवाना में बिना अनुमति निकाली सम्राट मिहिर भोज यात्रा
यात्रा में पहुंचे लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बाद में सभी को छोड़ दिया गया।

मेरठ के मवाना में सोमवार को सम्राट मिहिर भोज की जयंती को लेकर यात्रा निकालने पर हंगामा हो गया। पुलिस-प्रशासन ने बिना अनुमति यात्रा निकालने पर रोक लगा दी, गुर्जर समाज के लोगों ने विरोध करते हुए हंगामा कर दिया।

पुलिस ने 20 लोगों को हिरासत में लिया। सरधना विधायक अतुल प्रधान ने समर्थकों के साथ पहुंचकर हंगामा कर दिया। उन्हें भी हिरासत में लिया गया। इससे गुस्साए युवाओं ने बसों के शीशे तोड़ दिए। हंगामा करते हुए बसों से निकलकर सड़क पर आ गए और पैदल यात्रा निकाली। यह देख पुलिस ने अतुल प्रधान व उनके समर्थकों को छोड़ दिया। वह कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। बाद में जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक, सपा नेता मुखिया गुर्जर ने भी मिहिर भोज की प्रतिमा पर मार्ल्यापण किया। मवाना एसडीएम अखिलेश यादव ने कहा है कि यात्रा की अनुमति नहीं थी। धारा-144 का उल्लंघन किया गया है। पुलिस कार्रवाई की जा रही है। 


कांता कर्दम बनी पीठासीन सभापति

कांता कर्दम बनी पीठासीन सभापति
कांता कर्दम बनी पीठासीन सभापति
कांता कर्दम। ● 

मेरठ,मुख्य मेरठ के लिए सोमवार को संसद के इतिहास की बड़ी खुशखबरी का दिन रहा। सांसद कांता कर्दम को पहली बार राज्यसभा की पीठासीन सभापति के दायित्वों के निर्वहन का अवसर मिला। यह उसी तरह है, जिस तरह लोकसभा में सांसद राजेन्द्र अग्रवाल कई बार स्पीकर के दायित्वों का निर्वहन करते हैं। सांसद कांता कर्दम ने राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्तर से आदेश के बाद सदन की कार्यवाही का संचालन भी किया। इसके लिए कांता र्कम ने उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और भाजपा नेतृत्व का आभार जताया है।

राज्यसभा सांसद कांता कर्दम ने बताया कि सभापति और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को संसद के विशेष सत्र के दौरान उपसभापति के पैनल का पुर्नगठन किया गया। इस पुर्नगठन में उन्हें भी राज्यसभा के संचालन के लिए नामित किया गया है। राज्यसभा को संचालित करने का यह बहुत बड़ा सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह पल उनके राजनीतिक जीवन के लिए अविस्मरणीय है।

इस अवसर के लिए उन्होंने उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और भाजपा नेतृत्व का विशेष तौर से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति और महिलाओं को लोकतंत्र के मंदिर में इस भूमिका पर सेवा करने का मौ़का देने के लिए देश के शीर्ष नेतृत्व धन्यवाद।


सम्राट मिहिर भोज की जयंती का मामला, मंत्री दिनेश खटीक और मुखिया गुर्जर भी पहुंचे, बाद में सभी को छोड़ा●

अतुल को हिरासत में लिया, फिर भी निकली यात्रा

अतुल को हिरासत में लिया, फिर भी निकली यात्रा
मूर्ति पर माल्यार्पण करते राज्यमंत्री दिनेश खटीक,विधायक अतुल प्रधान व मुखिया गुर्जर।
अतुल को हिरासत में लिया, फिर भी निकली यात्रा
यात्रा के दौरान पुलिस ने सरधना विधायक अतुल प्रधान को हिरासत में लिया।

सुबह होते ही बड़ा महादेव पर जुट गई थी भारी भीड़

मवाना। गुर्जर समाज की ओर से मवाना में बड़ा महादेव मंदिर से यात्रा निकालने का कार्यक्रम था। इसे लेकर राजपूत समाज की ओर से ज्ञापन देकर विरोध दर्ज कराया गया था। सोमवार को मंदिर पर गुर्जर समाज के सैकड़ों लोग एकत्र हो गए। सूचना पर पहुंचे एसपी देहात कमलेश बहादुर ने यात्रा स्थल को छावनी में तब्दील कर दिया। शांतिभंग की आशंका में पुलिस ने 20 युवकों को हिरासत में लेकर मेरठ पुलिस लाइन भेज दिया। इसके बाद सरधना विधायक अतुल प्रधान भीड़ के साथ मवाना पहुंचे। पुलिस ने सभी को बड़ा महादेव शिव मंदिर पर रोक दिया, इसके बाद भी गुर्जर समाज के लोग यात्रा निकालने की जिद पर अड़े रहे।

प्रशासन की बात सुनने को तैयार नहीं थे लोग

एडीएम प्रशासन अमित कुमार सिंह, एसपी देहात समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था। जब भीड़ काबू नहीं हुई तो पुलिस ने सरधना विधायक सहित भीड़ को हिरासत में लेकर तीन बसों में भर दिया। इससे गुस्साए युवाओं ने बसों के शीशे तोड़ दिए। हंगामा करते हुए बसों से निकलकर सड़क पर आ गए और पैदल यात्रा निकाली। सड़क पर बवाल और बसों में तोड़फोड़ देख पुलिस ने अतुल प्रधान व उनके समर्थकों को छोड़ दिया। यात्रा के दौरान जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक, सरधना विधायक अतुल प्रधान, सपा नेता मुखिया गुर्जर समेत सैकड़ों युवाओं ने सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति पर माल्यार्पण किया।

मवाना सम्राट मिहिर भोज की जयंती को लेकर यात्रा और माल्यार्पण के मामले को लेकर सोमवार सुबह से प्रशासन व पुलिस अलर्ट मोड पर रही। मवाना में बड़ा महादेव मंदिर से लेकर थाना तिराहे तक नगर छावनी में तब्दील रहा। पुलिस प्रशासन की सूझबूझ और जनप्रतिनिधियों के कारण लोगों ने गाड़ियों से आकर थाना तिराहे पर सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति पर माल्यार्पण किया।

राज्यमंत्री दिनेश खटीक, विधायक अतुल प्रधान, सपा नेता मुखिया गुर्जर ने प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में गुर्जर समाज के प्रतिष्ठित लोगों से बातचीत कर शांतिपूर्ण माल्यार्पण करने की अपील की। सोमवार को प्रारंभ में हंगामे की स्थिति हुई बाद में मार्ल्यापण के बाद सब शांति से निपट गया।

10 बजे के बाद बढ़ती गई भीड़ सोमवार सुबह से बड़ा महादेव पर भारी पुलिस बल तैनात था। करीब दस बजे से गुर्जर समाज के लोग वहां पहुंचे। इसके बाद भीड़ बढ़ती गई। मौके पर सरधना विधायक अतुल प्रधान समर्थकों के साथ पहुंच गए। प्रशासन व पुलिस अफसरों से वार्ता हुई। विधायक अतुल प्रधान, मुखिया गुर्जर व अनेक युवा ट्रैक्टर, कारों व बसों से तहसील तिराहे पर पहुंचे। सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति पर पुष्प अर्पित किए।

धीरे-धीरे सभी नेता व क्षेत्र के युवा अपने घरों को लौट गए। उसी समय राज्यमंत्री दिनेश खटीक वहां पहुंचे और सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति पर पुष्प अर्पित किए। इससे पहले राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने प्रशासनिक अफसरों व गुर्जर नेताओं के साथ रविवार को मवाना में बैठक बुलाई थी। उन्होंने कहा कि सम्राट मिहिर भोज सभी के लिए पूज्यनीय हैं। उनकी जयंती शांतिपूर्ण तरीके से मनाना उनका सम्मान है।

सम्राट मिहिर भोज की जयंती पर फूलमालाएं अर्पण करने का कार्यक्रम था। वर्ष 2019 से प्रति वर्ष माल्यार्पण कार्यक्रम होता रहा है, लेकिन आज इस कार्यक्रम को रोकने का प्रयास किया गया।

-मुखिया गुर्जर, सपा नेता

यात्रा की अनुमति नहीं थी। उसके बाद भी नगर में भीड़ ने एकत्र होकर धारा 144 का उल्लंघन किया है। पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है। सिर्फ मार्ल्यापण का कार्यक्रम था। यात्रा की अनुमति नहीं दी गई थी।

-अखिलेश यादव, एसडीएम मवाना

हम भाईचारा बढ़ाने वाले लोग हैं, किसी के प्रति द्वेष नहीं रखते है। प्रशासन ने बड़ा महादेव मंदिर पर रोका। बाद में प्रशासन ने अपनी गाड़ी में बैठाया। वहां से आकर सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति पर माल्यार्पण किया।

-अतुल प्रधान, विधायक, सरधना

सम्राट मिहिर भोज सभी के लिए सम्मानीय हैं। समाज की ओर से मार्ल्यापण के लिए मुझे बुलाया गया था। मैंने मार्ल्यापण किया। सब शांतिपूर्ण रहा। समाज में भाईचारा बढ़ाना ही हमारा काम हैै।

-दिनेश खटीक, जलशक्ति राज्यमंत्री

ट्रैफिक किया डायवर्ट, मेरठ-पौड़ी रोड पर जाम लगा

मवाना। मवाना में तहसील तिराहे स्थित सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति पर माल्यार्पण कराने के लिए पुलिस को यातायात को डायवर्ट करना पड़ा। इससे मेरठ पौड़ी रोड पर जाम लग गया। हस्तिनापुर से आ रहे मेरठ पौड़ी हाईवे पर यातायात को बहसूमा से डायवर्ट करने के आदेश ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को दिये। पुलिस कर्मियों ने बैरियर लगाकर यातायात रोक दिया। इससे मेरठ-पौड़ी हाईवे पर जाम लग गया। दूसरी ओर युवाओं के जुलूस के दौरान हाईवे पर मेरठ से आ रहे यातायात को रोक दिया गया। इस यातायात में स्कूल से आ रही कई बसें फंस गई। गर्मी के मौसम में बसों में सवार छोटे बालकों को परेशानी हुई।

बस के अंदर हुई तोड़फोड़

बड़ा महादेव मंदिर पर बस के अंदर मौजूद युवाओं ने बस में तोड़फोड़ कर दी । इस दौरान बस के शीशे तोड़कर कुछ युवा बाहर निकल आये और पैदल यात्रा निकालने लगे। इस घटना के बाद पुलिस में हड़कप मच गया ओर क्यूआरटी फोर्स यात्रा के बीच पहुंच गई।

मुखिया गुर्जर समेत 42 के खिलाफ मुकदमा दर्ज

एसएसपी ने बताया मवाना में पुलिस की ओर से धारा 144 उल्लंघन पर 42 के खिलाफ 186-188 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमे में मुखिया गुर्जर समेत 42 लोगों को नामजद किया गया है।

हस्तिनापुर प्रमुख के साथ नोकझोंक

यात्रा शुरू होने से पहले बड़ा महादेव मंदिर पर पहुंचे हस्तिनापुर प्रमुख नितिन पोसवाल के साथ भीड़ एकत्र करने को लेकर अफसरेां की बहस हो गई। बहस के दैरान प्रमुख ने बताया कि वह राज्यमंत्री का इंतजार कर रहे हैं। उसके बाद शांति पूर्वक चले जायेंगे, लेकिन उसके बाद भी अफसरों के साथ प्रमुख की बहस हो गई। इस दैरान मौके पर परीक्षितगढ़ प्रमुख ब्रह्मसिंह ओर मवाना प्रमुख पति योगेश प्रधान भी मौके पर पहुंच गये ओर मामले को शांत किया।

ड्रोन कैमरे में कैद हुए बवाल करने वाले

मवाना। पुलिस प्रशासन द्वारा घटना स्थल से लेकर तोड़फोड़ स्थल तक हुए सारे मामले की वीडियो ड्रोन कैमरे की मदद से बनवाई है। जिसके आधार पर वीडियो में कैद हुए लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस तैयारी कर रही है। इस मामले में एसडीएम सीओ आशीष शर्मा का कहना है कि वीडियोग्राफी कराई गई है। अभी मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा है। अफसरों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जायेगी।


फर्जी बिल या चालान के माध्यम से किया गया कर छूट का दावा

जीएसटी चोरी में 1.25 लाख कंपनियों की जांच

 
जीएसटी चोरी में 1.25 लाख कंपनियों की जांच
एक लाख करोड़ की कर चोरी पकड़ी थी

वित्त वर्ष 2022-23 में 1.01 लाख करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी पकड़ी गई। यह पिछले साल की तुलना में करीब दोगुना आंकड़ा है। वित्त वर्ष 2021-22 में डीजीसीआई ने 54,000 करोड़ रुपये की कर चोरी का पता लगाया था। बीते वित्त वर्ष में कर चोरी के करीब 14,000 मामले दर्ज किए गए थे। ॉ

ऐसे हुआ खुलासा

बोर्ड के डाटा विश्लेषण के साथ ही अन्य विभागों से मिली महत्वपूर्ण जानकारियों और डाटा के आधार पर संदिग्ध कंपनियों की सूची बनाई गई है। इसके अलावा आयकर विभाग और जीएसटी पंजीकरण के आंकड़ों के साथ कारोबारियों द्वारा दाखिल कॉरपोरेट कर रिटर्न सहित अन्य जानकारियों का विश्लेषण किया गया है।

इस तरह करते हैं फर्जीवाड़ा

इनपुट टैक्स क्रेडिट के तहत जीएसटी करदाता को उत्पाद में इस्तेमाल किए गए इनपुट्स (कच्चे माल) पर चुकाए गए टैक्स पर छूट की इजाजत होती है। कई कंपनियां फर्जी बिल या चालान के जरिए फर्जी कर छूट दावा करती हैं। इसके लिए वे माल एवं सेवा की आपूर्ति असल में नहीं करती हैं लेकिन फर्जी बिल लगाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करती हैं। इससे सरकार के राजस्व का नुकसान होता है।

नई दिल्ली जीएसटी विभाग देशभर में सवा लाख कंपनियों पर शिकंजा कसने जा रहा है। बताया जा रहा है कि इन कंपनियों ने जीएसटी चोरी के लिए फर्जी कर छूट (इनपुट टैक्स क्रेडिट) दावे किए हैं, जिनकी जांच शुरू कर दी गई है। यह जांच अभियान दिसंबर तक चलेगा।

बताया जा रहा है कि ये 1.25 लाख कंपनियां देशभर की हैं। इनमें से अधिकतर फर्जी फर्जी हो सकती हैं। इसके अलावा इनमें कई सरकारी एजेंसियां और प्रतिष्ठित कंपनियां भी शामिल हैं। केंद्र और राज्यों के जीएसटी अधिकारी इनके खिलाफ जांच को अंजाम दे रहे हैं। एक फर्जीवाड़े में दिल्ली की एक फर्जी कंपनी ने मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों की पांच कंपनियों को आपूर्ति की है।

जांच का दूसरा चरण गौरतलब है कि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा-शुल्क बोर्ड ने दो महीने का विशेष जांच अभियान शुरू किया था। इसे 14 मई से 14 जुलाई के बीच अंजाम दिया गया। इसके तहत 77,200 संस्थानों और कंपनियों की जांच की गई। इनमें से 20,800 फर्जी पाई गई। इसके बाद दायरा बढ़ाते हुए 1.25 लाख कंपनियों की जांच की गई।


रुपया 13 पैसे और टूटकर नए निचले स्तर पर

नई दिल्ली। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में सोमवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट आई और यह 13 पैसे और टूटकर 83.29 (अस्थायी) प्रति डॉलर के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गया। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अन्य मुद्राओं की तुलना में डॉलर के मजबूत होने से रुपये की धारणा कमजोर हुई।


गोल्ड ईटीएफ निवेश 16 माह के शिखर पर

नई दिल्ली, अमेरिका में ब्याज दरों में वृद्धि जारी रहने के बीच गोल्ड ईटीएफ में अगस्त में 1,028 करोड़ रुपये का निवेश आया है, जो इसका 16 माह का उच्चस्तर है। अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने से आर्थिक वृद्धि की रफ्तार प्रभावित हुई है।

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार, इसके साथ ही इस श्रेणी में सालाना आधार पर प्रवाह 1,400 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। समीक्षाधीन अवधि में गोल्ड ईटीएफ में प्रवाह के अलावा इसका संपत्ति आधार और निवेशक खातों (फोलियो) की संख्या में भी वृद्धि हुई है। आंकड़ों के अनुसार, गोल्ड ईटीएफ में अगस्त में 1,028 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। इससे पहले जुलाई में इसमें 456 करोड़ रुपये का निवेश मिला था।


सोना 180 रुपये चढ़ा, चांदी 400 रुपये मजबूत

वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतों में उछाल के बीच राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना 180 रुपये की तेजी के साथ 60,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 60,020 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी की कीमत भी 400 रुपये बढ़कर 74,400 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई



कहा, नए भवन में पुरानी संसद की अच्छी यादें लेकर जाएंगे

नई संसद जन अपेक्षाओं को पूरा करेगी गोयल


नई संसद जन अपेक्षाओं को पूरा करेगी गोयल
संसद के विशेष सत्र में सोमवार को राज्यसभा में बोलते नेता सदन पीयूष गोयल।
नई संसद जन अपेक्षाओं को पूरा करेगी गोयल
लोकतंत्र का मजबूत मंच

गोयल ने कहा कि लोकतंत्र को जीवित रखने और मजबूत बनाने का जो सबसे बड़ा मंच है, वह संसद है। उन्होंने कहा कि भारत की लोकतंत्र की प्रणाली स्वदेशी आधार पर बनी है। उन्होंने कहा कि गुलामी से मुक्त होने के बाद बहुत कम बड़े देश ऐसे हैं जहां लोकतंत्र टिक पाया है।

नई संसद गर्व का विषय

गोयल ने संसद के नये भवन को सभी के लिए गर्व का विषय बताया। जी20 की सफलता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सम्मेलन में भारत ने वसुधैव कुटुंबकम् की भावना के तहत यह दिखाया कि हम केवल अपने देश ही नहीं पूरे विश्व की की भलाई चाहते हैं।

अच्छी यादों का गवाह

गोयल ने कहा कि सदस्य जब नए संसद भवन में जाएंगे तो इस जगह की अच्छी- अच्छी यादें लेकर जाएंगे। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने को याद करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक कदम की इसी सदन से शुरुआत हुई थी।

नेताओं के भाषण याद किए

गोयल ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, एचडी देवेगौड़ा, मनमोहन सिंह, उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी आदि नेताओं के सदन में दिये गये भाषणों का स्मरण किया। उन्होंने कहा, पीएम मोदी ने भारत को विकसित देश बनाने का आह्वान किया है।

नई दिल्ली संसद के विशेष सत्र के पहले दिन केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि नए संसद भवन में सभी सांसद नए संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ जाएं। उन्होंने कहा कि नया संसद भवन देश की 140 करोड़ जनता की आशाओं को पूरा करेगा। आमजन की आशाओं और उम्मीदों को पूरा करना ही संसद सदस्यों का मूल उद्देश्य है।

राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने संसदीय यात्रा के बारे में चर्चा की शुरुआत करते हुए सोमवार को ये बात कही। चतुर्थी उत्सव की बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि आज की चर्चा हम सभी को और उत्साह देगी और प्रेरित करेगी कि आगे भी हम देश के निर्माण में अपना योगदान कैसे दे सकते हैं।

गोयल ने जीएसटी, तीन तलाक जैसे कानूनों के संदर्भ में कहा कि मोदी सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षो में समाज के सभी वर्गों विशेषकर महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। संसद पर हुए हमले का उल्लेख करते हुए कहा, हमें सुरक्षा को लेकर भविष्य में और सतर्क रहने की जरूरत है।


























विपक्ष को कमजोर कर रहा केंद्र खड़गे

विपक्ष को कमजोर कर रहा केंद्र खड़गे
विशेष सत्र में सोमवार को राज्यसभा में बोलते विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे।

नई दिल्ली राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर विपक्ष को कमजोर करने का आरोप लगाया। नेता विपक्ष ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि मजबूत विपक्ष नहीं होने का मतलब है कि व्यवस्था में कुछ खामियां हैं। लेकिन आज केंद्र सरकार एक मजबूत विपक्ष को केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल के जरिए कमजोर कर रही है।

खड़गे ने नेहरू के कार्यकाल के दौरान किए गए विभिन्न कार्यों का हवाला देते हुए कहा,उनकी पार्टी ने 70 वर्षों में लोकतंत्र को मजबूत किया और भारत को मजबूत बनाने की नींव डाली। लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे कमजोर किया है। नेहरू जी प्रमुख मुद्दों पर सभी से बात करते थे। विपक्ष के साथियों से भी बात करते थे, सबकी राय लेते थे पर आज हमारी बात सुनने कोई नहीं आता है। खड़गे ने कहा, संसद में प्रधानमंत्री कभी-कभार आते हैं। जब आते हैं तो इवेंट बनकर चले जाते हैं। पीएम देशभर में जाते हैं लेकिन मणिपुर में तीन महीने से दंगे हो रहे हैं, वहां नहीं जाते हैं।

भाषण कविता से शुरू शेर से खत्म खड़गे ने कविता के जरिये केंद्र पर हमला बोला। कहा, बदलना है तो अब हालात बदलो, ऐसे नाम बदलने से क्या होता है? युवाओं को रोजगार दो, सबको बेरोजगार करके क्या होता है? दिल को बड़ा करके देखो, लोगों को मारने से क्या होता है? कुछ कर नहीं सकते तो कुर्सी छोड़ दो, बात-बात में डराने से क्या होता है? अपनी हुक्मरानी पर तुम्हें गुरूर है, लोगों को डराने से क्या होता है?


श्रमिकों के 50 फीसदी आवेदन खारिज हो रहे

यह हाल तब है जबकि निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के पास चार हजार करोड़ रुपये हैं। सरकार ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में भी 246 करोड़ रुपये का लाभ श्रमिकों तक पहुंचाने का रखा है। दिल्ली सरकार के आउटकम बजट रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल 11.51 लाख निर्माण श्रमिकों ने पंजीकरण कराया। उस समय बड़े स्तर पर अभियान चलाने के बाद 8.45 लाख श्रमिकों ने पंजीकरण कराया। लेकिन अगले वित्तीय वर्ष 2022-23 में जब 3.19 लाख श्रमिकों ने पंजीकरण नवीनीकरण के लिए आवेदन किया तो महज 1.77 लाख को मंजूरी मिली, जबकि 1.23 आवेदन लंबित पड़े रह गए और 19 हजार से अधिक को खारिज कर दिया। हालांकि सरकार का कहना है कि नवीनीकरण प्रक्रिया के लिए वर्तमान में कैंप से लेकर मोबाइल वैन तक की तैनाती की गई है। अब तक 1.35 लाख से अधिक आवेदन मिल चुके हैं।



विशेष शिक्षकों के भर्ती दस्तावेज सत्यापित होंगे

विशेष शिक्षकों के भर्ती दस्तावेज सत्यापित होंगे

नई दिल्ली दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कुछ विशेष शिक्षक (प्राथमिक) अतिथि को भर्ती नियम के अनुसार पद के लिए आवश्यक योग्यता न होने के बावजूद नियुक्ति की अनुमति देने का मामला सामने आया है। इसको शिक्षा निदेशालय के उच्च अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। निदेशालय की समावेशी शाखा ने फिर से दस्तावेज सत्यापन के संबंध में आदेश जारी किए हैं।

आदेश के अनुसार, विशेष शिक्षक रखने को लेकर पैनल बनाने के निर्देश थे। भर्ती नियमों को लेकर स्कूल प्रमुखों को दिशा-निर्देश भी जारी किए थे। मगर, शाखा को कुछ नए भर्ती शिक्षकों की नियुक्ति के खिलाफ कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसमें स्कूल प्रमुखों की ओर से पद के लिए योग्यता न रखने वाले कुछ उम्मीदवारों को नियुक्ति की अनुमति देने का आरोप लगाया गया है, जिसे उच्च अधिकारियों द्वारा बहुत प्रतिकुल लिया गया है। निदेशालय ने सभी जिलों के उप शिक्षा निदेशकों से 25 सितंबर तक अनुपालन रिपोर्ट मांगी है।









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