कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी नेताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाया
पार्टी के अंदर निजी विचार नहीं चलेंगे मल्लिकार्जुन खड़गे

हैदराबाद में रविवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे। ● एएनआई
हैदराबाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को बेहद सख्त लहजे में अनुशासन का पाठ पढ़ाया है। उन्होंने साफ कर दिया कि अब पार्टी के अंदर निजी विचार नहीं चलेंगे। नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी लाइन पर ही अपनी बात रखनी होगी। इसके साथ उन्होंने पार्टी नेताओं को जनता के संपर्क में रहने की नसीहत भी दी।
खड़गे ने कहा कि पार्टी नेताओं को व्यक्तिगत मतभेदों को दूर रखकर कांग्रेस की सफलता को प्राथमिकता देनी चाहिए। कांग्रेस कार्यसमिति की विस्तारित बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 महात्मा गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की शताब्दी वर्ष है। ऐसे में 2024 में भाजपा को सत्ता से बेदखल करना महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश बदलाव चाहता है। हिमाचल और कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस की जीत इसका प्रमाण है। पर इसके लिए हमें कड़ी मेहनत करनी होगी। पार्टी को 18 से 25 वर्ष के युवाओं तक पहुंचना होगा और उन्हें विचारधारा के बारे में बताना होगा। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए खड़गे ने कहा कि हम सब को अनुशासन में रहना होगा। हमें अपनी वाहवाही के लिए ऐसा नहीं करना चाहिए, जिससे पार्टी को नुकसान हो।
खड़गे ने कहा, खुद को अनुशासित रखेंगे तभी लोग पार्टी और हमारा अनुकरण करेंगे और हमारी बात मानेंगे। लोकतंत्र को बचाने के मकसद से केंद्र सरकार को सत्ता से हटाने के लिए पूरी ताकत झोंकनी चाहिए। जिन राज्यों में पार्टी की सरकार है, वहां उनके अच्छे कामों को प्रचारित करना होगा। इसके साथ लोगों को यह भी बताना है कि केंद्र सरकार कैसे हमारी सरकारों की प्रगति में रोड़े डालती है। जहां हम विपक्ष में हैं, वहां हमें सत्तारूढ़ दल की खामियों को बेनकाब करना है।
हैदराबाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को बेहद सख्त लहजे में अनुशासन का पाठ पढ़ाया है। उन्होंने साफ कर दिया कि अब पार्टी के अंदर निजी विचार नहीं चलेंगे। नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी लाइन पर ही अपनी बात रखनी होगी। इसके साथ उन्होंने पार्टी नेताओं को जनता के संपर्क में रहने की नसीहत भी दी।
खड़गे ने कहा कि पार्टी नेताओं को व्यक्तिगत मतभेदों को दूर रखकर कांग्रेस की सफलता को प्राथमिकता देनी चाहिए। कांग्रेस कार्यसमिति की विस्तारित बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 महात्मा गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की शताब्दी वर्ष है। ऐसे में 2024 में भाजपा को सत्ता से बेदखल करना महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश बदलाव चाहता है। हिमाचल और कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस की जीत इसका प्रमाण है। पर इसके लिए हमें कड़ी मेहनत करनी होगी। पार्टी को 18 से 25 वर्ष के युवाओं तक पहुंचना होगा और उन्हें विचारधारा के बारे में बताना होगा। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए खड़गे ने कहा कि हम सब को अनुशासन में रहना होगा। हमें अपनी वाहवाही के लिए ऐसा नहीं करना चाहिए, जिससे पार्टी को नुकसान हो।
खड़गे ने कहा, खुद को अनुशासित रखेंगे तभी लोग पार्टी और हमारा अनुकरण करेंगे और हमारी बात मानेंगे। लोकतंत्र को बचाने के मकसद से केंद्र सरकार को सत्ता से हटाने के लिए पूरी ताकत झोंकनी चाहिए। जिन राज्यों में पार्टी की सरकार है, वहां उनके अच्छे कामों को प्रचारित करना होगा। इसके साथ लोगों को यह भी बताना है कि केंद्र सरकार कैसे हमारी सरकारों की प्रगति में रोड़े डालती है। जहां हम विपक्ष में हैं, वहां हमें सत्तारूढ़ दल की खामियों को बेनकाब करना है।
रिजर्वेशन वाले कोच में चढ़े किसान, सीटों पर जमाया कब्जा, यात्रियों को नहीं मिली जगह, जीआरपी और आरपीएफ से भी हुई झड़प
किसानों का नौचंदी पर कब्जा, लखनऊ कूच

रविवार को सिटी स्टेशन पहुंचे किसानों, भाकियू कार्यकर्ताओं ने नौचंदी एक्सप्रेस पर कब्जा कर लिया, इस दौरान हंगामे की स्थिति रही।

रविवार को भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ सिटी स्टेशन पहुंचे गौरव टिकैत।

मेरठ लखनऊ के ईको गार्डन में सोमवार को होने वाली भाकियू की किसान महापंचायत के लिए रविवार को सैकड़ों किसान हुक्का लेकर नौचंदी एक्सप्रेस से लखनऊ कूच कर गए। किसानों ने नौचंदी एक्सप्रेस पर कब्जा कर लिया। बिना रिजर्वेशन के किसानों ने कोच कब्जा लिए। इससे आम यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा और दर्जनों यात्री स्टेशन पर ही रह गए। कई किसानों की यात्रियों से सीट को लेकर नोकझोंक भी हुई। आरपीएफ और जीआरपी जवानों से किसानों की झड़प हुई। लेकिन किसानों ने कब्जाए कोच नहीं छोड़े। रिजर्वेशन के बाद भी लखनऊ नहीं जा सके यात्रियों ने स्टेशन अधीक्षक कार्यालय पर हंगामा काटा और रिफंड की मांग की।
सोमवार को भारतीय किसान यूनियन की लखनऊ के ईको गार्डन में किसान महापंचायत है। रविवार को मेरठ जनपद के सैकड़ों किसान जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी और सत्यवीर जंगेठी के नेतृत्व में नारे लगाते हुए सिटी स्टेशन पर पहुंचते रहे। शाम 6 बजे तक सैकड़ों किसान स्टेशन पर एकत्र हो गए।
सवा छह बजे नौचंदी एक्सप्रेस के प्लेटफार्म पर आते ही किसानों ने उसे कब्जा लिया। काफी किसान एक एसी कोच में भी घुस गए। उन्हें वहां से निकालने के लिए जीआरपी और आरपीएफ जवानों ने मनाया, लेकिन वे नहीं माने और एसी कोच में बैठकर रवाना हो गए।
फेफड़े की गांठ पर डॉ वीरोत्तम का व्याख्यान

उत्तर प्रदेश पैरा क्रिकेट टीम में सोनू गौतम का चयन
पीएम ने शिल्पकारों को मेक इन इंडिया की शान बताया
यशोभूमि से हुनर को बाजार मिलेगा मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को दिल्ली मेट्रो में सफर किया। उन्होंने नए मेट्रो स्टेशन यशोभूमि तक के विस्तार का उद्घाटन किया।
नई दिल्ली news प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वोकल फॉर लोकल यानी स्थानीय उत्पादों की वकालत करते हुए रविवार को सम्मेलन आधारित पर्यटन (कांफ्रेंस टूरिज्म) के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत मंडपम और यशोभूमि देश के आतिथ्य, श्रेष्ठता और उसकी भव्यता के प्रतीक बनेंगे। क्योंकि, दोनों में ही भारतीय संस्कृति और अत्याधुनिक सुविधाओं का संगम है। यशोभूमि से देश के कारीगरों और शिल्पकारों के हुनर को बाजार मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर के पहले चरण को राष्ट्र को समर्पित किया। साथ ही पीएम विश्वकर्मा योजना की शुरुआत भी की। दिल्ली के द्वारका स्थित इस एक्सपो केंद्र का नाम यशोभूमि रखा गया है। जबकि भारत मंडपम में हाल ही में जी-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया था।
25 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा का उद्योग प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया में कांफ्रेंस टूरिज्म एक बड़े क्षेत्र के रूप में विकसित हो रहा है, जिसमें भारत के लिए असीम संभावनाएं हैं। कांफ्रेंस टूरिज्म पूरी दुनिया में 25 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा का उद्योग है और हर साल विभिन्न देशों में हजारों की संख्या में प्रदर्शनियां लगती हैं। यह बड़ा बाजार है। इसके लिए आने वाले लोग सामान्य पर्यटक की अपेक्षा कई गुना ज्यादा पैसा खर्च करते हैं। इतना बड़े उद्योग में भारत की हिस्सेदारी सिर्फ एक प्रतिशत है। भारत की बड़ी कंपनियों को हर साल अपने कार्यक्रम के लिए विदेश जाना पड़ता है।
सबसे बड़े प्रदर्शनी सभागारों में से एक यशोभूमि दुनिया के सबसे बड़े प्रदर्शनी सभागारों में से एक है। एक लाख सात हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में बने इन प्रदर्शनी सभागारों का उपयोग प्रदर्शनियों, व्यापार मेलों और व्यावसायिक कार्यक्रमों की मेजबानी के लिए किया जाएगा। ये एक भव्य अग्रदीर्घा (फोयर) स्थान से जुड़े हुए हैं, तांबे की छत के साथ डिजाइन किया गया है।
भारत सबसे बड़ी जीत के साथ एशियाई चैंपियन

एशिया कप क्रिकेट के फाइनल मुकाबले में रविवार को श्रीलंका को शिकस्त देने के बाद ट्रॉफी के साथ जश्न मनाती टीम इंडिया।

भारत ने रविवार को आठवीं बार एशिया कप जीत लिया। श्रीलंकाई टीम 15.2 ओवर में 50 रन पर आउट हो गई। टीम इंडिया ने बिना विकेट खोए 263 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। वनडे इतिहास में यह भारत की गेंद शेष रहते सबसे बड़ी जीत है। सिराज ने 21 गेंदों में छह विकेट लिए।
राह चलती बेटी को अगर छेड़ा, तो यमराज के यहां पहुंच जाएंगे,योगी।
अम्बेडकरनगर गिरफ्त से भागने की कोशिश में लगी गोली, एसओ निलंबित

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानून संरक्षण के लिए है लेकिन कानून को बंधक बनाकर व्यवस्था में सेंध लगाने के प्रयास की इजाजत किसी को नहीं है। शोहदों को चेतावनी देते हुए कहा, बेटियों से छेड़छाड़ करने वाले यमराज के पास पहुंच जाएंगे।
सीएम गोरखपुर के मानसरोवर रामलीला मैदान में 343 करोड़ की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास-लोकार्पण के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे।
राम मंदिर निर्माण में लापरवाही पर दो अफसर हटे
लखनऊ अयोध्या में राममंदिर निर्माण का कार्य राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में है लेकिन राजकीय निर्माण निगम के अधिकारी इसमें जरा भी रुचि नहीं ले रहे। तमाम तरह की अनियमितताएं बरती जा रही हैं। ऐसे ही दो अधिकारियों के ढुलमुल रवैये पर नृपेंद्र मिश्र द्वारा सख्त नाराज़गी जताए जाने पर अयोध्या के कमिश्नर गौरव दयाल ने जीएम अजय मिश्र व प्रोजेक्ट मैनेजर अनूप मिश्र को अयोध्या से तुरंत हटाने और विभागीय कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
हुआ यूं कि 9 सितंबर को श्रीराम जन्मभूमि निर्माण समिति के महासचिव नृपेंद्र मिश्र अयोध्या में कार्यों का निरीक्षण कर रहे थे। श्रीराम जन्मभूमि पथ पर कैनोपी बनाई जानी है। इसके निर्माण के लिए निर्माण निगम ने बड़ा सा गड्ढा खोद दिया। लेकिन कैनोपी निर्माण एक माह बाद भी शुरू नहीं हुआ। नृपेंद्र मिश्र ने दोनों अधिकारियों से सवाल किया तो दोनों संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। यही नहीं कमिश्नर गौरव दयाल भी खुद कार्य में तेजी लाने के निर्देश दे रहे थे।
विभागीय कार्रवाई कर दंडित करने को कहा
नृपेंद्र मिश्र की नाराज़गी के बाद आयुक्त ने प्रोजेक्टर मैनेजर अनूप कुमार शुक्ला और जीएम अजय मिश्र को तुरंत अयोध्या से स्थानांतरित करने के लिए राजकीय निर्माण निगम के एमडी को निर्देश दिए हैं। विभागीय कार्रवाई कर दंडित करने को कहा गया है। इस पत्र की प्रतिलिपि पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव व मुख्य अभियंता को भी उचित कार्यवाही के लिए भेजी गई है।
संसद का विशेष सत्र आज से, कई बिल पर होगी चर्चा
करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में विपक्ष की ओर से महिला आरक्षण विधेयक को पेश करने की मांग रखी गई। सरकार ने यह सत्र क्यों बुलाया है, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।
मकान के विवाद में दो पक्षों में हुआ जमकर पथराव


हस्तिनापुर गंगा नदी की बाढ़ मे बही पुल की अप्रोच रोड भी लोगों के जी का जंजाल बन गयी है। गंगा के उस पार जाने वाले किसान व ड्यूटी करने जाने वाले लोग इसे जान जोखिम मे डालकर पार कर रहे है। परंतु विभाग द्वारा दुरूस्त कराने के लिए कान पर जूं नही रेंग रही है। जिससे लोगो मे रोष है।
भीकुंड गांव के समीप बने गंगा नदी के पुल की अप्रोच रोड गंगा की बाढ मे बह गयी। वही खादर क्षेत्र के कई गांवो के लोगो का कहना है कि उनके द्वारा मांग की गयी थी कि पुल की अप्रोच रोड मे पर्याप्त पुलिया बनाई जानी चाहिए। जिससे कि पानी की निकासी हो सके परंतु विभाग द्वारा केवल हयूमपाइप डालकर ही इतिश्री कर ली। अब जब बाढ का समय आता है तो अप्रोच रोड से पानी टकराकर बैक मारता है जिससे कई गांवो मे बाढ की स्थिति बन जाती हैं। परंतु पानी के तेज प्रवाह के सामने अप्रोच रोड नही टिक पाई और भीकुंड गांव के सामने बह गयी। जिस कारण बाढ उतर जाने के पश्चात भी आवागमन बाधित है। जिससे गगा के उस पार जाने वाले लोगो को काफी परेशानी होती है।
बिजली सुदृढ़ीकरण में मात्र आठ फीसदी काम
मेरठ भारत सरकार की रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत बिजली व्यवस्था और सुदृढ़ करने के काम की रफ्तार मेरठ और बागपत जिलों में सुस्त है। 30 से 40 फीसदी कार्य के मुकाबले आठ फीसदी काम हो पाया है। मार्च 2024 तक 80 फीसदी कार्य का लक्ष्य पूरा करने पर कार्य की रफ्तार सवाल उठा रहा है।
आरडीएसएस स्कीम से 2024-25 तक 12 से 15 प्रतिशत वाणिज्यिक हानियों को कम करने का लक्ष्य है। पश्चिमांचल डिस्कॉम को भी बजट आवंटित कर चुका है।पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के छह कलस्टर के लिए तीन हजार करोड़ आवंटित किए गए हैं। मेरठ में आरडीएस स्कीम के तहत कार्य करीब एक माह विलंब से शुरू हुए। अभी भी कार्यों की रफ्तार बेहद धीमी है। अभी तक महज आठ फीसदी कार्यों पर प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था जांच समिति के सभापति एवं सदस्य नाराजगी जता चुके हैं। स्कीम के तहत नए बिजलीघरों का निर्माण होना है। जर्जर तार, खंभे बदले जाने हैं। ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के साथ नई लाइनों का निर्माण कराया जाएगा। पश्चिमांचल के 14 जिलों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का काम कराया जाएगा।
टीबी का इंजेक्शन जांच के लिए भेजा , मरीज सुरक्षित
मेरठ, जिला अस्पताल में भर्ती 12 टीबी मरीजों की तबीयत बिगड़ने के मामले में सील किये गये इंजेक्शन की जांच के लिए लखनऊ लैब भेजा गया है। लखनऊ से रिपोर्ट आने तक इंजेक्शन पर रोक लगा दी गई है। उधर, अपर निदेशक स्वास्थ्य डा.अर्चना त्यागी की टीम सोमवार को जांच करेगी।
शुक्रवार की देर रात टीबी मरीजों को इंजेक्शन लगाने से 12 मरीजों की तबीयत बिगड़ गई थी। आननफानन में जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने सभी 12 मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती कर इलाज किया गया। अब सभी 12 मरीजों की स्थिति सामान्य है। उनका टीबी का सामान्य इलाज चल रहा है। उधर, उच्चाधिकारियों के आदेश पर सील किये गये इंजेक्शन को जांच के लिए लखनऊ लैब में भेजा गया है। जब तक लखनऊ से रिपोर्ट नहीं आ जाती तो इंजेक्शन का प्रयोग पर रोक जारी रहेगी।
मरीजों की स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर रखे हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार अब मरीजों की स्थिति सामान्य है। अपर निदेशक स्वास्थ्य ने बताया कि सोमवार को जांच की जाएगी। फिलहाल अधिकारियों का कहना है कि जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आती है तो इंजेक्शन का प्रयोग नहीं होगा। इस मामले को लेकर अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
अन्य जिलों से भी ली जा रही जानकारी अधिकारियों ने यह भी बताया कि वैसे जिस इंजेक्शन से टीबी मरीजों की तबीयत खराब होने की बात सामने आई है तो उसकी सप्लाई दूसरे जिलों में भी हुई है। उन जिलों में इंजेक्शन की क्या स्थिति है जानकारी प्राप्त की जा रही है।
ऊर्जा राज्यमंत्री से की शिकायत, जांच बैठी
मेरठ डौरली निवासी सुमित चौहान ने ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर को शिकायत दी। इसमें बिजली कर्मचारियों पर घेर में काम के दौरान उसके पास आने तथा सोफीपुर बिजलीघर के जेई व कर्मचारियों द्वारा डराने-धमकाने, और 5500 रुपये लेने का आरोप लगाया। इसके बाद भी बिजली चोरी की झूठा मुकदमा उनके खिलाफ दर्ज करा दिया। ऊर्जा राज्यमंत्री ने जांच के निर्देश दिए हैं।
हापुड़-गाजियाबाद सबसे अच्छे, बागपत-सहारनपुर सबसे खराब
जनसुनवाई और आईजीआरएस की मासिक टॉप और बॉटम 10 जिलों की रैकिंग जारी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली के पैमाने पर प्रदेश में अमेठी व कन्नौज सबसे बेहतर रहे हैं जबकि बागपत व गोरखपुर के जिलाधिकारियों की कार्यशैली सबसे खराब पाई गई है। जी हां, इसी तरह अलीगढ़ व श्रावस्ती सबसे अच्छे पुलिस अधीक्षकों वाले जिले पाए गए हैं, जबकि बरेली एसएसपी और लखनऊ पुलिस आयुक्त की कार्यशैली सबसे खराब पाई गई है।
जनसुनवाई समाधान प्रणाली, आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन की अगस्त की टॉप और बॉटम 10 जिलों की रैंकिंग मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत की गई है। प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों, पुलिस कमिश्नर, एसएसपी और एसपी के अलावा तहसीलों के कार्यों के विस्तृत मूल्यांकन के आधार पर ये लिस्ट तैयार हुई है।
सुधार के निर्देश लिस्ट में खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने कड़ी हिदायत देते हुए अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने के लिए निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि एक माह बाद दोबारा उन सभी के कार्यों की समीक्षा होगी, जिसमें खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। अधिकारी जनता के लिए कारगर बनेंगें तो उनका कार्यकाल भी यादगार बनेगा।
टॉप और बॉटम 10 जिलाधिकारी आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन के कार्यों में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले टॉप 10 जिलाधिकारियों में क्रमश अमेठी, कन्नौज, श्रावस्ती, सोनभद्र, गाजियाबाद, महोबा, मिर्जापुर, हापुड़, शाहजहांपुर और भदोही हैं। वहीं बागपत, गोरखपुर, बरेली, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, सिद्धार्थनगर, सहारनपुर, रामपुर और मुरादाबाद के जिलाधिकारियों के प्रदर्शन को सबसे खराब बताया गया है।
योजना शिल्पकारों को पहचान दिलाएगी
राजनाथ

लखनऊ नई दिल्ली केंद्रीय मंत्रियों ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विश्वकर्मा जयंती के मौके पर ‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना की शुरुआत की सराहाना की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में भाग लिया और कहा कि यह योजना शिल्पकारों को पहचान दिलाएगी।
योजना के शुभारंभ के मौके पर राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत की आत्मनिर्भरता और समृद्धि को आकार देने में कारीगरों और शिल्पकारों की अमूल्य भूमिका को रेखांकित किया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, धर्मेंद्र प्रधान और पीयूष गोयल ने भी योजना की प्रशंसा की।
राजनाथ ने कहा कि हमने 2014 से लघु स्तर के कारीगरों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा। यह योजना इन कारीगरों को पहचान देगी। प्रधानमंत्री ने यह सुनिश्चित किया है कि ये पारंपरिक शिल्पकार एक बार फिर समृद्ध बनें। राजनाथ सिंह ने कहा, पहले की सरकारों द्वारा कला को उचित महत्व न देने के कारण पारंपरिक शिल्पकारों की प्रतिभा खत्म हो गई। जब 2014 में नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद संभाला, तो हमने इन पारंपरिक शिल्पों को फिर समृद्ध बनाने के लिए प्रयास करने का निर्णय किया।
उधर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना भारत के सभ्यतागत लोकाचार और पारंपरिक शिल्प कौशल का आदर्श मिश्रण पेश करती है और इसके माध्यम से कारीगरों को मुख्यधारा में लाया जा रहा है।उन्होंने कहा, भारत की विकास यात्रा में यह ऐतिहासिक दिन है।
सीबीआई ने रिश्वत मामले में सात लोगों को दबोचा
अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में कार्यकारी सचिव आशीष राजदान, राजकोट की एक निजी कंपनी ‘हेतल कुमार प्रवीणचंद्र राज्यगुरु’ के मालिक तथा पांच अन्य लोगों शशांक कुमार जैन, सोमेश चंद्र, वीर ठक्कर, राजीव रंजन और तरंग अग्रवाल हैं। सीबीआई के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि आरोप हैं कि ओडिशा में ‘एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल’ की निविदा प्राप्त करने के लिए आरोपियों ने साजिश रची। यह निविदा एक निजी कंपनी (एचपी राज्यगुरु) को जारी की गई थी। आरोप है कि जैन निजी कंपनी को निविदा देने के लिए ब्रिज एंड रूफ कंपनी (इंडिया) लिमिटेड के अज्ञात अधिकारियों की ओर से राज्यगुरु से सीधे और एक अन्य व्यक्ति के माध्यम से रिश्वत की मांग कर रहा था।
ऐप कंपनियां मंजूरी के बाद ही लोन दे पाएंगी

नई दिल्ली, केंद्र सरकार देश में चल रहे अवैध लोन ऐप्स पर शिकंजा और सख्त करने जा रही है। अब वही ऐप्स कंपनियां लोन दे पाएंगी, जो आरबीआई से स्वीकृति होंगी और यही गूगल प्ले स्टोर और ऐप्पल स्टोर पर भी संचालित होंगी। बाकी ऐप्स को हटा दिया जाएगा। इसके लिए जल्द ही आरबीआई के साथ बैठक कर नए मानदंड तय किए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने हाल ही में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अवैध लोन ऐप्स को पूरी तरह से खत्म करने के लिए सरकार कड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में आरबीआई के साथ बैठक करने की योजना है ताकि इन ऐप्स के लिए जल्द से जल्द एक व्हाइटलिस्ट बनाई जा सके। इस सूची में वो ऐप्स शामिल होंगे, जिन्हें नियामकों ने मंजूरी प्रदान की होगी। ऐप स्टोर पर सिर्फ ऐसे लोन ऐप्स को शामिल करने के लिए नए नियम बनाए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गूगल प्ले स्टोर और ऐपल ऐप स्टोर पर कई लोन ऐप्स हैं, जिनका इस्तेमाल भारतीय करते हैं। हम लोन ऐप्स के लिए आए आवेदनों पर नजर रख रहे हैं। गूगल और ऐप्पल को गैरकानूनी ऐप्स को शामिल नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
बैंक खाते में राशि न होने पर भी यूपीआई से भुगतान कर सकेंगे
आरबीआई ने इसी साल अप्रैल में यूपीआई का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। इसके तहत बैंकों में पहले से मंजूर कर्ज के जरिए भुगतान को मंजूरी देने की बात कही गई थी। अभी बचत खाते, ओवरड्राफ्ट खाता, प्रीपेड वॉलेट और क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से जोड़ा जा सकता है। अब यूपीआई के दायरे में क्रेडिट लाइन सेवा को भी शामिल कर लिया गया है। आरबीआई से मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही यह सुविधा अधिकांश सरकारी और निजी बैंक शुरू कर सकते हैं।
क्या है क्रेडिट लाइन सेवा: यह एक तरह का ऋण होगा, जो बैंकों की ओर से अपने ग्राहकों के लिए पहले से मंजूर होगा। इसमें क्रेडिट कार्ड की तरह ही ग्राहक को खर्च करने के लिए निश्चित रकम निर्धारित की जाएगी। कुछ बैंकों में इसकी सीमा 50 हजार रुपये तक हो सकती है।
सितंबर में डीजल की बिक्री घटी
किस्त समय पर चुकाने को एसबीआई ने चॉकलेट भेजी

मुंबई, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने कर्जदारों, खासकर खुदरा ग्राहकों से समय पर मासिक किस्त (ईएमआई) का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है। बैंक ने बताया कि वह मासिक किस्त के भुगतान में चूक वाले संभावित कर्जदारों को चॉकलेट भेज रहा है।
एसबीआई में प्रबंध निदेशक अश्विनी कुमार तिवारी ने बताया कि ईएमआई भुगतान में चूक की योजना बना रहे कर्जदार बैंक द्वारा याद दिलाने के बाद भी कोई जवाब नहीं देते हैं। इसलिए उनके घर पर बिना उन्हें सूचित किए जाना एक अच्छा विकल्प है।
बैंक ने बयान में कहा कि भुगतान में चूक की योजना बना रहे कर्जदार बैंक द्वारा याद दिलाने के बाद भी कोई जवाब नहीं देते हैं। इसलिए उनके घर पर बिना उन्हें सूचित किए जाना एक अच्छा विकल्प है। यह कदम अभी प्रायोगिक चरण में है और इसे लगभग 15 दिन पहले ही लागू किया गया है। अबतक इसकी सफलता दर जबर्दस्त रही है।
अमेरिकी बैंक पर बाजार की नजर
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, यह सप्ताह मौद्रिक नीति वाला होगा। फेडरल रिजर्व ब्याज दर पर निर्णय की घोषणा 20 सितंबर को करेगा। डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल, अमेरिकी में बॉन्ड प्रतिफल और कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 1,239.72 अंक के लाभ में रहा।
श्रीलंका अपने दूसरे सबसे न्यूनतम स्कोर 50 रन पर ढेर ●सिराज ने चटकाए छह विकेट, फाइनल में 10 विकेट से जीत मिली
सिराज ने बनाया टीम इंडिया को सरताज






पाक के चंगुल में फंसा बांग्लादेश
चामिंडा वास के 20 साल पुराने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी
मोहम्मद सिराज ने वनडे में सबसे कम गेंदों पर पांच विकेट लेने के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। उन्होंने मात्र 16 गेंद में पांच बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर श्रीलंका के ही चमिंडा वास की बराबरी की। वास ने 2003 में बांग्लादेश के खिलाफ इतनी ही गेंदों में पांच विकेट झटके चटकाए थे।
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वां सबसे कम स्कोर है यह वनडे क्रिकेट में किसी भी टीम का। सबसे न्यूनतम स्कोर का रिकॉर्ड जिम्बाब्वे (35 रन, 18 ओवर) के नाम है जो उसने 2004 में श्रीलंका के खिलाफ बनाया था
चौथे भारतीय
● सिराज सबसे तेज 50 विकेट लेने वाले चौथे भारतीय गेंदबाज हैं। उन्होंने अपने 29वें मैच में यह मुकाम हासिल कर युज्वेंद्रा चाहल (30 मैच) को पीछे छोड़ा और मोहम्मद शमी की बराबरी की। अजित अगरकर (23 मैच) पहले, कुलदीप यादव (24 मैच) दूसरे, जसप्रीत बुमराह (28) तीसरे नंबर पर हैं।
● 50 विकेट उन्होंने 1002 गेंद में पूरे किए। वह सबसे कम गेंदों में यह मुकाम पाने वाले दुनिया के दूसरे गेंदबाज हैं। रिकॉर्ड श्रीलंका के अजंता (847 गेंद) के नाम है।
पहले भारतीय
सिराज भारतीय वनडे क्रिकेट के इतिहास में एक ओवर में चार विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बने। फाइनल में यह भारत की तरफ से पेसर (6 विकेट) का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
सिराज का यह प्रदर्शन एशिया कप में किसी भी गेंदबाज का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। रिकॉर्ड श्रीलंका के अंजता मेंडिस ( 13/6) के नाम दर्ज है। उन्होंने 2008 में भारत के खिलाफ कराची में यह उपलब्धि हासिल की थी। अंजता और सिराज के अलावा कोई भी एशिया कप छह विकेट नहीं ले पाया है।
● श्रीलंका ने 1999 में कोका कोला चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत को 54 रन पर ढेर कर दिया था। अब 24 साल बाद भारत ने एशिया कप में उसे 50 पर समेट दिया
हार्दिक ने तीन विकेट
सिराज ने श्रीलंका के शनाका और कुसल मेंडिस के भी विकेट लिए। सिराज का स्पैल होने के बाद हार्दिक ने भी तीन विकेट चटकाए। श्रीलंका की ओर से मेंडिस (17) और हेमंथा (13 नाबाद) ही दोहरे अंक तक पहुंचे। पांच तो खाता भी नहीं खोल पाए। श्रीलंका का स्कोर पांचवा विकेट गिरने पर 12 रन था जो इस मुकाम पर उसका भारत के खिलाफ न्यूनतम स्कोर था।
गेंद स्विंग कर रही थी और मैंने आउटस्विंगर से अधिक विकेट लिए। इस विकेट पर मुझे इतनी स्विंग मिल रही थी कि मैंने बल्लेबाज को फ्रंट फुट पर जाने और उन्हें ड्राइव करने के लिए उकसाया। - मोहम्मद सिराज
श्रीलंका के धनंजय डिसिल्वा का विकेट लेने के बाद जश्न मनाते भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज।
केक और कुकीज खाकर अच्छा नाश्ता छोड़ दे रहे 25 लोग
काम पर जाने की जल्दी के कारण हर चार में से एक इंसान स्नैक्स से चला रहा काम






लंदन, सेहत के लिए पौष्टिक नाश्ता बहुत जरूरी है, पर काम पर जाने की जल्दी में अक्सर लोग स्नैक्स से काम चलाने लगे हैं। एक अध्ययन में सामने आया है कि हर चार में से एक व्यक्ति सुबह पौष्टिक आहार की जगह खराब गुणवत्ता वाला स्नैक्स खा रहा है। यह अध्ययन यूरोपियन जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
स्कूल ऑफ लाइफ कोर्स एंड पॉपुलेशन साइंसेज के एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि खराब गुणवत्ता वाला नाश्ता करने वाले 25 फीसदी लोगों में स्ट्रोक और हृदय रोग का खतरा होता है। शोधार्थियों ने इसके लिए 854 प्रतिभागियों की स्नैक्स संबंधी आदतों का विश्लेषण किया और ये निष्कर्ष सामने आए।
प्रतिभागियों में से 95 फीसदी ने यह भी माना कि वे हफ्ते में कम से कम एक बार वे नाश्ते में कुकीज और केक जैसे स्नैक्स को जगह देते हैं। उन्होंने यह बात मानी कि वे अपनी आदतों को बदलना चाहते हैं पर कई कोशिशों के बावजूद वे इसमें सफल नहीं हो सके।
पैकेट बंद फूड पसंद कर रहे लोग अध्ययन के मुताबिक, ब्रिटेन में एक समूह पर अध्ययन किया गया, जिनमें अधिकतर महिलाएं थीं। पाया गया कि पिछले कुछ वर्षों में प्रतिभागियों में से एक चौथाई ने नाश्ते में स्वस्थ आहार की जगह खराब और पैकेट बंद स्नैक्स को जगह दी। बहुत अधिक मात्रा में तला हुआ, अधिक मीठा और नमकीन आहार ने उनके स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाला। शोधार्थियों ने कहा, सेहत के लिए नाश्ते की गुणवत्ता मायने रखती है। इसके विपरीत स्नैक्स अधिक खाने से स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं पैदा होती हैं। इससे स्वस्थ आहार से मिलने वाला पोषण शरीर को नहीं मिलता और लोग बीमार हो जाते हैं।
फल और ड्राईफ्रूट से बदलें आदत शोधार्थियों ने कहा, स्नैक्स की जगह नाश्ते में फल और ड्राइफ्रूट लेने चाहिए। पैकेट बंद फूड की तरह इन्हें भी पकाने की जरूरत नहीं होती। अक्सर लोग समय बचाने के चक्कर में खराब गुणवत्ता वाला आहार ले रहे हैं। अध्ययन के अनुसार, जो लोग उच्च गुणवत्ता वाले नाश्ता करते हैं, वे उन लोगों की तुलना में अधिक स्वस्थ थे जो ज्यादातर कम गुणवत्ता वाले स्नैक्स खाते हैं।
नौ लाख साल पूर्व 13 सौ लोग बचे थे
नौ लाख साल पहले इंसान की पूरी प्रजाति विलुप्त होने के करीब पहुंच गई थी। इस दौरान धरती पर केवल 13 सौ लोग जिंदा बचे थे। चीन में हुए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। अध्ययन में ये भी बताया गया है कि पृथ्वी पर रहने वाले आठ अरब लोग क्या आज सिर्फ इसलिए जिंदा हैं क्योंकि ये 1300 लोग इतने मजबूत थे कि वे तमाम विपरीत परिस्थितियों में भी जिंदा रहे।शांघाई, वैज्ञानिकों ने अध्ययन के लिए दो लाख साल पहले के आदिमानवों के कुछ अवशेष संरक्षित किए। इनमें से करीब 3,150 लोगों डीएनए लेकर उनका अध्ययन किया गया है। जेनेटिक विश्लेषण के आधार पर किए गये अध्ययन में इंसान के पूर्वजों के उस दौर के जीवन की जांच की गयी है, जब मानव जाति समूल नाश के कगार पर पहुंच गयी थी।
अध्ययन में बताया गया है कि एक लाख 20 हजार साल तक इंसानियत के समूल नाश का खतरा बना रहा। बता दें कि जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिये वैज्ञानिक जेनेटिक बदलावों का पता लगाकर अति प्राचीन समय के आदिमानवों का भी विश्लेषण कर सकते हैं। इस अध्ययन के नतीजों को साइंस पत्रिका में प्रकाशित किया गया।
हिमयुग को माना गया वजह अध्ययन के मुताबिक ऐसा संभवतया हिमयुग के वक्त धरती का तापमान गिरने की वजह से हुआ था जो करीब एक लाख 20 हजार साल तक जारी रहा। उसके बाद जब तापमान बढ़ने लगा तो आबादी बहुत तेजी से बढ़ी।
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