Monday, September 11, 2023

जी 20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा - दुनिया की व्यवस्थाएं वर्तमान वास्तविकता के मुताबिक होनी चाहिए Today news

जी 20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा - दुनिया की व्यवस्थाएं वर्तमान वास्तविकता के मुताबिक होनी चाहिए Today news

आज की ताजा खबर समय के साथ बदले संयुक्त राष्ट्रमोदी
 
समय के साथ बदले संयुक्त राष्ट्रमोदी
गांधी जी को श्रद्धांजलि देने राजघाट पहुंचे राष्ट्राध्यक्ष

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस सहित जी-20 समूह के अन्य नेता रविवार सुबह राजघाट पहुंचे। यहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

ब्राजील को समूह की अध्यक्षता सौंपी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा को जी-20 समूह की अध्यक्षता सौंप दी। उन्होंने ब्राजील के राष्ट्रपति को सदस्यता हस्तांतरित करते हुए पारंपरिक गैवल (एक प्रकार का हथौड़ा) सौंपा।

चीन के बीआरआई प्रोजेक्ट से हटेगा इटली

इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने जी-20 शिखर सम्मेलन में चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग को बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) से बाहर निकलने की अपनी योजना के बारे में बताया। इटली में मीडिया रिपोर्ट में रविवार को यह जानकारी दी गई है।


नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन रविवार को संयुक्त राष्ट्र संघ में सुधारों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्व को बेहतर भविष्य की ओर ले जाने के लिए यह जरूरी है कि दुनिया की व्यवस्थाएं वास्तविकता के मुताबिक होनी चाहिए।

सम्मेलन में ‘एक भविष्य’ सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह प्रकृति का नियम है कि जो व्यक्ति और संस्था समय के साथ स्वयं में बदलाव नहीं लाती, वह अपना वजूद खत्म कर देती है। उन्होंने कहा कि आज हर वैश्विक संस्था को अपनी प्रासंगिकता बढ़ाने के लिए सुधार करना आवश्यक है। इसी सोच के साथ हमने अफ्रीकन यूनियन को जी-20 का स्थायी सदस्य बनाने की पहल की है।

सदस्यों की संख्या नहीं बढ़ी उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना के समय विश्व आज की तुलना में भिन्न था। तब सिर्फ 51 संस्थापक सदस्य देश थे। लेकिन, आज उसमें शामिल देशों की संख्या 200 हो चुकी है। इसके बावजूद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यों की संख्या उतनी ही है, जबकि दुनिया काफी बदल चुकी है। परिवहन, संचार, स्वास्थ्य, शिक्षा हर क्षेत्र का कायाकल्प हो चुका है। ये नई वास्तविकता हमारे नए वैश्विक ढांचे में दिखनी चाहिए।

क्रिप्टोकरेंसी पर मानक बनें मोदी ने कहा, क्रिप्टोकरेंसी सामाजिक व्यवस्था और मौद्रिक एवं वित्तीय स्थिरता के लिए एक नया विषय है। उन्होंने इसके विनियमन के लिए वैश्विक मानक तय करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें बहुपक्षीय विकास बैंकों के दायरे का विस्तार भी करना होगा। इस दिशा में हमारे फैसले तुरंत और प्रभावी होने चाहिए।

मानव केंद्रित विकास की तरफ ध्यान प्रधानमंत्री ने राष्ट्राध्यक्षों से कहा कि मैंने मानव केंद्रित विकास की तरफ ध्यान आकर्षित किया है। आज भारत जैसे देशों के पास इतना कुछ है जो पूरे विश्व से साझा कर सकते हैं। भारत ने चंद्रयान मिशन के आंकड़ों को मानव हित में साझा करने की बात की है। यह हमारी मानव केंद्रित विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

भारत दुनिया की असाधारण रूप से एक महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्था है। भारत जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने से लेकर नागरिकों के लिए विकास और समृद्धि के लिए कनाडा का एक महत्वपूर्ण भागीदार है।

जस्टिन ट्रूडो प्रधानमंत्री कनाडा

जी20 के अध्यक्ष के तौर पर भारत ने दुनिया को एकता और शांति का संदेश देने की पूरी कोशिश की। भारत-फ्रांस को दुनिया के विखंडन का विरोध करने की दिशा में काम करना होगा।

इमैनुएल मैक्रों राष्ट्रपति फ्रांस

जी-20 शिखर सम्मेलन में आए राष्ट्राध्यक्ष रविवार को नई दिल्ली में राजघाट स्थित महात्मा गांधी के समाधि स्थल पहुंचे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक समेत अन्य नेताओं ने बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। । ● 

स्थायी सदस्यता पर तुर्किये ने भारत का समर्थन किया

अमेरिका के बाद तुर्किये ने भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत का समर्थन किया है। तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने कहा कि यह गर्व की बात है कि भारत सुरक्षा परिषद में भूमिका निभा रहा है। वह सुरक्षा परिषद में पांच स्थायी,15 अस्थायी सदस्यों को स्थायी सदस्य बनाए जाने के पक्ष में हैं।

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