Wednesday, September 6, 2023

इंडिया और भारत पर ‘महाभारत’

 सियासत जी-20 के निमंत्रण पत्र में प्रेसिडेंट ऑफ भारत लिखने पर विवाद

इंडिया और भारत पर ‘महाभारत’ raju bhai news blogger
 
इंडिया और भारत पर ‘महाभारत’
इंडिया और भारत पर ‘महाभारत’

देश का नाम बदलने का अधिकार किसी को भी नहीं है। आखिर सत्तारूढ़ दल देश से जुड़े एक नाम को लेकर क्यों परेशान है। हम बुधवार को बैठक में विपक्षी गठबंधन के नेताओं के साथ चर्चा करेंगे। -शरद पवार, अध्यक्ष, एनसीपी

निमंत्रण पत्र पर भारत नाम है तो किसी को परहेज क्यों? भारत का विरोध कौन कर रहा है? इनको देश से बड़ा दल नजर आता है और ये राजनीति में फंसकर देश की छवि बिगाड़ रहे हैं।

-अनुराग ठाकुर, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री

इंडिया की बजाय भारत लिखने से क्या हो जाएगा। भारत का नाम भारत के रूप में नहीं लेंगे, तो क्या नाम लेंगे?

-राजीव चंद्रशेखर, केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री

यह देश लोगों का है, किसी सियासी दल का नहीं। गठबंधन ने यदि अपना नाम भारत रख लिया तो क्या भारत का नाम भी बदल देंगे। -अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री, दिल्ली

आजादी के बाद ही सभी गुलामी के निशाने को मिटा देने चाहिए थे। यह भारत के सांस्कृतिक उत्थान का वर्ष है। जय हो भारत।

-गिरिराज सिंह, केंद्रीय मंत्री

पूरी दुनिया हमें इंडिया के नाम से जानती है। अचानक ऐसा क्या हो गया कि देश का नाम बदलने की जरूरत पड़ गई। -ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

कहां से आए नाम

● पौराणिक मान्यताओं को आधार मानने पर भारत नाम के पीछे दुष्यंत के बेटे भरत का जिक्र है। ऋग्वेद की शाखा ऐतरेय ब्राह्मण में भी दुष्यंत के बेटे भरत के नाम पर ही भारत नामकरण है। जैन समुदाय के धार्मिक ग्रंथों में भी भारत नाम का जिक्र है।

● इंडिया नाम को लेकर भी कुछ तथ्य हैं। सिंधु नदी को ग्रीक में इंडस कहते थे। यह शब्द लैटिन भाषा से लिया गया। यूनान के इतिहासकार हेरोटोस ने 440 ईसा पूर्व इंडिया शब्द का इस्तेमाल किया था।

नई दिल्ली Raju bhai news blogger जी20 शिखर सम्मलेन के दौरान राष्ट्रपति की ओर से दिए जाने वाले रात्रिभोज के निमंत्रण पत्र में प्रेसिडेंट ऑफ भारत लिखे जाने पर राजनीतिक ‘महाभारत’ छिड़ गई। मंगलवार को विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार देश के दोनों नामों इंडिया और भारत में से इंडिया को बदलना चाहती है। वहीं, कई केंद्रीय मंत्रियों ने सवाल किया कि भारत कहने में आखिर क्या आपत्ति है।

अटकलों को बल देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर विश्व नेताओं के रात्रिभोज का निमंत्रण पत्र साझा किया। प्रधान ने निमंत्रण पत्र की तस्वीर के साथ ‘प्रेसीडेंट ऑफ भारत’ हैशटैग का इस्तेमाल किया और कहा, जन गण मन अधिनायक जय हे, भारत भाग्य विधाता। जय हो। वहीं, केंद्रीय आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि कांग्रेस हर चीज को विकृत किए जाने के तौर पर देखती है। मुझे नहीं लगता कि इसमें (भारत शब्द के उपयोग में) कोई समस्या है।

इससे पहले, कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि क्या यह सच है। राष्ट्रपति भवन ने जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए नौ सितंबर को प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया की बजाय प्रेसिडेंट ऑफ भारत के नाम पर निमंत्रण भेजा गया है। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि भाजपा केवल यही सोच सकती है कि लोगों को किस तरह बांटा जाए।

उन्होंने कहा कि एक बार फिर वे इंडियंस और भारतीयों के बीच दरार पैदा कर रहे हैं। लेकिन यह स्पष्ट है कि हम सभी एक हैं! उधर, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा, भाजपा के खिलाफ पार्टियां एकजुट हुईं और अपने गठबंधन को उपयुक्त नाम इंडिया दिया। अब भाजपा चाहती है इंडिया को बदलकर भारत कर दिया जाए।

कोर्ट ने कहा था, दोनों शब्द बोलने को स्वतंत्र

सुप्रीम कोर्ट ने इस साल जून में इंडिया नाम बदलकर भारत करने की मांग वाली एक याचिका स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि भारत के लोग भारत और इंडिया, दोनों में से कुछ भी बोलने के लिए स्वतंत्र हैं।