Monday, September 4, 2023

भारत ने दुनिया का दृष्टिकोण बदला

 मोदी बोले, वैश्विक चुनौतियों के समाधान का हिस्सा बना

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भारत ने दुनिया का दृष्टिकोण बदला
वैश्विक चुनौतियों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान

चीन की आपत्ति प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत के लिए अपने हर हिस्से में जी20 बैठकें आयोजित करना स्वाभाविक है। उन्होंने यह बात कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश में आयोजित कुछ कार्यक्रमों पर चीन की आपत्तियों को खारिज करते हुए कही।

साइबर अपराध आतंकी संगठन द्वारा कट्टरता फैलाने में प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को प्रधानमंत्री ने बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा, डार्क नेट, मेटावर्स और क्रिप्टोकरंसी मंचों के गलत इस्तेमाल से बचने को वैश्विक सहयोग जरूरी है।

जलवायु परिवर्तन मोदी ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियाें से निपटने के मुद्दे पर होने वाली चर्चाओं में रचनात्मक रवैया अपनाने की वकालत की। उन्होंने कहा, भारत ने जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने में कसर नहीं छोड़ी है। कुल उत्सर्जन में भारत का योगदान पांच फीसदी से भी कम है।

ऋण संकट मोदी ने कहा कि ऋण संकट दुनिया के लिए बड़ी चिंता है। भारत द्वारा जी-20 बैठक की अध्यक्षता ने ऋण संबंधी जटिलताओं से उत्पन्न वैश्विक चुनौतियों से निपटने पर जोर दिया है।

लंबे समय तक भारत को एक अरब से अधिक भूखे पेट वाले लोगों के राष्ट्र के रूप में जाना जाता था। लेकिन अब भारत एक अरब से अधिक आकांक्षी प्रतिभाओं, दो अरब से अधिक कुशल हाथों और युवाओं के राष्ट्र के रूप में देखा जा रहा है।

-नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जिस देश को सिर्फ बड़े बाजार के रूप में देखा जाता था, वह अब वैश्विक चुनौतियों के समाधान का एक हिस्सा बन गया है। भारत ने दुनिया का दृष्टिकोण बदल दिया है।

नई दिल्ली में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन से पहले एक समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत के अनुभव को देखते हुए यह माना गया कि संकट के दौरान भी मानव केंद्रित दृष्टिकोण काम करता है। महामारी के दौर में भारत का मानवीय मदद का दृष्टिकोण, दुनिया का सबसे बड़े टीका अभियान,150 देशों के साथ दवाओं और टीकों को साझा करने जैसे प्रयासों को पूरे विश्व ने सराहा।

भविष्य का रोडमैप जब भारत जी-20 का अध्यक्ष बना, तब दुनिया के लिए हमारे शब्दों और दृष्टिकोण को केवल विचारों के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य के रोडमैप के रूप में लिया जा रहा था। जी-20 की अध्यक्षता पूरी करने से पहले एक लाख से अधिक प्रतिनिधि भारत का दौरा कर चुके होंगे। यह समझ बढ़ रही है कि दुनिया को जिन समाधानों की जरूरत है, उनमें से कई हमारे देश में सफलतापूर्वक लागू किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता का विषय ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य की ओर, यह सिर्फ नारा नहीं है बल्कि व्यापक दर्शन है, जो सांस्कृतिक लोकाचार से लिया गया है।

भारत की पहल वैश्विक आंदोलन का जरिया बन रही मोदी ने एक सवाल पर कहा कि जब प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण की बात आती है, तो भारत की वैश्विक विश्वसनीयता है। हमने पिछले कुछ वर्षों में कई पहल की हैं, जिन पर दुनिया ने ध्यान दिया है। ये पहल एक बड़े वैश्विक आंदोलन का जरिया भी बन रहे हैं। दुनिया का सबसे बड़ा कोरोना टीकाकरण अभियान हमने चलाया। हमने 200 करोड़ से अधिक खुराक मुफ्त प्रदान की। यह एक तकनीकी मंच कोविन पर आधारित था। आज डिजिटल लेन-देन हमारे व्यावसायिक जीवन के हर वर्ग को सशक्त बना रहा है।

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