Thursday, August 31, 2023

I.N.D.I.A को टक्कर देगा महायुति, बैठक में महाराष्ट्र की सभी लोकसभा सीटें जीतने की रणनीति पर जोर

 I.N.D.I.A को टक्कर देगा महायुति, बैठक में महाराष्ट्र की सभी लोकसभा सीटें जीतने की रणनीति पर जोर



Maharashtra एक तरफ आईएनडीआईए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) को हटाने की रणनीति बनाने के लिए अपनी तीसरी बैठक मुंबई में कर रहा है तो उसके समानांतर ही भाजपानीत महायुति के नेता भोज के बहाने अपनी रणनीति भी बनाने में जुट गए हैं। भोज के दौरान सभी दल मिलकर महाराष्ट्र की सभी 48 सीटें जीतने की रणनीति पर विचार करेंगे।


News मुंबई। विपक्षी दलों के गठबंधन आईएनडीआईए के समानांतर भाजपा, शिवसेना (शिंदे) एवं राकांपा (अजित पवार) सहित 12 पार्टियों को मिलाकर बनी महायुति (महागठजोड़) का एक भोज गुरुवार शाम मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सरकारी आवास पर आयोजित किया गया। इस बैठक में महाराष्ट्र की सभी लोकसभा सीटें जीतने की रणनीति पर मंथन किया जा रहा है।

महायुति के भोज में सभी लोकसभा सीटें जीतने पर मंथन

एक तरफ आईएनडीआईए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हटाने की रणनीति बनाने के लिए अपनी तीसरी बैठक मुंबई में कर रहा है, तो उसके समानांतर ही भाजपानीत महायुति के नेता भोज के बहाने अपनी रणनीति भी बनाने में जुट गए हैं। इस भोज में सत्तारूढ़ तीनों बड़े दलों के साथ नौ अन्य दलों को मिलाकर बनी महायुति के सभी दलों को आमंत्रित किया गया।

महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने मीडिया से बात करते हुए इस भोज की पुष्टि की और कहा कि भोज के दौरान सभी दल मिलकर महाराष्ट्र की सभी 48 सीटें जीतने की रणनीति पर विचार करेंगे।

पिछले चुनाव में क्या थी स्थिति?

गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने महाराष्ट्र की 48 में से 41 सीटें जीती थीं। इनमें 23 सीटें भाजपा के और 18 सीटें शिवसेना के हिस्से में आई थीं। अब शिवसेना का विभाजन होने के बाद उसके 13 सांसद बगावत कर एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो चुके हैं।

दूसरी ओर राकांपा में भी दो माह पहले पड़ी फूट के बाद पार्टी एवं जनप्रतिनिधियों का बड़ा हिस्सा अजित पवार के साथ आ चुका है। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व राकांपा में फूट के पहले 45 प्लस का लक्ष्य लेकर चल रहा था। अब अजित पवार जैसे जनाधार वाले नेता का साथ मिलने के बाद लक्ष्य राज्य की सभी 48 सीटें जीतने का हो गया है। इतनी सीटें जीतने की रणनीति बनाने के अलावा महायुति अपने खेमे के छोटे दलों का मनोबल भी गिरने नहीं देना चाहती। भोज का एक उद्देश्य यह भी माना जा रहा है।


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