Friday, August 25, 2023

चीन सैनिकों की तैनाती तनाव घटाने को तैयार

 ब्रिक्स सम्मेलन से इतर मोदी और जिनपिंग में लद्दाख मुद्दे पर बात हुई

चीन सैनिकों की तैनाती तनाव घटाने को तैयार
 
चीन सैनिकों की तैनाती तनाव घटाने को तैयार
जोहानिसबर्ग में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाथ मिलाते चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग। ● एएफपी
ब्रिक्स में छह नए सदस्यों को शामिल किया गया

ब्रिक्स में छह नए देशों को सदस्यता मिल गई है। समूह के नेताओं ने गुरुवार को अर्जेंटीना, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को नए सदस्यों के रूप में शामिल करने का फैसला किया। इससे एक लंबी प्रक्रिया पर मुहर लग गई। नए सदस्य एक जनवरी, 2024 से ब्रिक्स का हिस्सा बन जाएंगे। फैसले की घोषणा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने की। उन्होंने कहा, मार्गदर्शक सिद्धांतों, मानदंडों और प्रक्रियाओं को मजबूत करने के बाद नए सदस्यों के बारे में निर्णय पर सहमति बनी। रामफोसा ने कहा, ब्रिक्स विस्तार प्रक्रिया के पहले चरण पर हमारी आम सहमति है।

मोदी-जिनपिंग ने हाथ मिलाए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को गुरुवार को जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स नेताओं की मीडिया ब्रीफिंग से पहले संक्षिप्त बातचीत करते देखा गया। इस दौरान दोनों नेताओं ने हाथ मिलाए। इससे पहले नवंबर 2022 में बाली में जी20 बैठक के दौरान दोनों नेता मिले थे।

नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव कम करने को लेकर सहमत हो गए हैं। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने बताया कि दोनों नेताओं ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर गुरुवार को इस संबंध में बातचीत की।

क्वात्रा ने कहा कि इस संबंध में दोनों नेता संबंधित अधिकारियों को सैनिकों की शीघ्र वापसी और तनाव कम करने के प्रयासों को तेज करने का निर्देश देने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने बताया कि मोदी ने जिनपिंग से कहा कि भारत-चीन संबंधों को सामान्य बनाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और एलएसी का सम्मान करना जरूरी है।

सीमा पर शांति जरूरी विदेश सचिव ने बताया कि बातचीत के दौरान मोदी ने जिनपिंग को पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर अनसुलझे मुद्दों पर भारत की चिंताओं से अवगत कराया। क्वात्रा ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने रेखांकित किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखना और एलएसी का निरीक्षण तथा सम्मान करना भारत-चीन संबंधों को सामान्य बनाने के लिए आवश्यक है। मई, 2020 में शुरू हुए पूर्वी लद्दाख सीमा गतिरोध के बाद भारत और चीन के संबंध अच्छे नहीं हैं।

बदलते दौर में खुद को बदलने की जरूरत इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन में कहा कि इस समूह का आधुनिकीकरण और विस्तार यह संदेश है कि सभी वैश्विक संस्थानों को बदलते दौर में खुद को बदलने की जरूरत है।

उन्होंने यह भी कहा कि समूह के विस्तार का निर्णय बहुध्रुवीय दुनिया में कई देशों के विश्वास को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा ब्रिक्स के विस्तार का पूरा समर्थन किया है तथा माना है कि नए सदस्यों के जुड़ने से समूह और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि तीन दिनों के विचार-विमर्श से कई सकारात्मक नतीजे निकले।

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