Monday, August 28, 2023

क्रिप्टोकरंसी की चुनौती के खिलाफ दुनिया एकजुट हो

 मोदी बोलेसभी हितधारकों का ख्याल रखें, एआई का नैतिक उपयोग करें

क्रिप्टोकरंसी की चुनौती के खिलाफ दुनिया एकजुट हो
 
क्रिप्टोकरंसी की चुनौती के खिलाफ दुनिया एकजुट हो
नई दिल्ली में चल रहे तीन दिवसीय बी20 शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन रविवार को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। ● प्रेट्र
क्रिप्टोकरंसी की चुनौती के खिलाफ दुनिया एकजुट हो

विज्ञान-उद्योग दोनों की सफलता चंद्रयान-3

मोदी ने कहा कि चंद्रयान-3 के चांद पर पहुंचने के साथ त्योहारों का मौसम शुरू हो गया। मिशन में कई कलपुर्जे निजी क्षेत्र, एमएसएमई ने उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा, यह मिशन विज्ञान और उद्योग दोनों की सफलता है।

भारत आपूर्ति शृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा

मोदी ने कहा, अफ्रीकी संघ को भी जी20 में स्थायी सदस्यता का न्योता दिया गया है। कुशल और भरोसेमंद आपूर्ति शृंखला में देश का महत्वपूर्ण स्थान है। भारत वैश्विक आपूर्ति शृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उत्पाद -उपभोक्ता के हितों में संतुलन जरूरी

पीएम मोदी ने इस बात पर चिंता जताई कि महत्वपूर्ण पदार्थ और दुर्लभ धातुओं की उपलब्धता असमान है, जबकि इनकी जरूरत सभी को है। जिनके पास ये हैं, यदि वे इन्हें वैश्विक दायित्व के रूप में नहीं देखते हैं, तो यह उपनिवेशवाद के नए मॉडल को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि एक फायदे वाला बाजार तभी कायम रह सकता है, जब उत्पादकों और उपभोक्ताओं के हितों में संतुलन हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि दूसरे देशों को केवल बाजार मानने से काम नहीं चलेगा। इससे अंत में उत्पादक देशों को भी नुकसान होगा।

नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को क्रिप्टोकरंसी की चुनौतियों से निपटने के लिए दुनिया के देशों से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय ढांचा तैयार करने की भी बात कही, जिसमें सभी हितधारकों का ख्याल रखा जाए। मोदी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के नैतिक इस्तेमाल की भी अपील की।

भारत हरित क्रेडिट के लिए वैश्विक ढांचा तैयार कर रहा भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित ‘बी20 समिट इंडिया-2023’ के अंतिम दिन पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता सेवा दिवस मनाने और कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग की मौजूदा प्रथा को छोड़कर ग्रीन क्रेडिट अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत हरित क्रेडिट के लिए एक वैश्विक ढांचा तैयार कर रहा है।

मोदी ने जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा क्षेत्र के संकट, खाद्य आपूर्ति शृंखला में असंतुलन, जल सुरक्षा से संबंधित मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे मामलों का व्यवसाय पर बड़ा प्रभाव पड़ता है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्रयासों को बढ़ाने की जरूरत है।

उद्योग जगत पारंपरिक नजरिए पर फिर विचार करे प्रधानमंत्री ने कहा, आज दुनिया एआई को लेकर बहुत उत्साह दिखा रही है, पर इसके बीच कुछ नैतिक विचार भी हैं। कौशल और पुन कौशल के संबंध में एल्गोरिदम पूर्वाग्रह और समाज पर इसके प्रभाव के बारे में चिंता जताई जा रही है। इन मुद्दों को भी हल किया जाना चाहिए।

1 comment:

Anonymous said...

Modi ne San gadbad kar rkha hai