Saturday, September 2, 2023

केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने संबंधी जो इरादा जताया है, उससे लोगों को लगने लगा है कि सरकार इस बार विधानसभा चुनाव को लेकर गंभीर है।

 चुनावी तारीखों के इंतजार में कश्मीर

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केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने संबंधी जो इरादा जताया है, उससे लोगों को लगने लगा है कि सरकार इस बार विधानसभा चुनाव को लेकर गंभीर है।
 
चुनावी तारीखों के इंतजार में कश्मीर

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आज की ताजा खबर जम्मू-कश्मीर में चुनाव की चर्चा तेज हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने संबंधी बयान के बाद यहां के राजनीतिक दलों के नेताओं व लोगों को लगने लगा है कि सरकार इस बार विधानसभा चुनाव कराने को लेकर गंभीर है। उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर में नौ साल पहले 2014 में विधानसभा के चुनाव हुए थे, उसका कार्यकाल खत्म होने से पहले ही 22 नवंबर, 2018 को तत्कालीन राज्यपाल सतपाल मलिक ने विधानसभा को भंग कर दिया था और तब से यहां राज्यपाल या उप-राज्यपाल का शासन चल रहा है।

हालांकि, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनावों को लेकर तो इरादा जता दिया है, मगर यहां के राजनेता, बुद्धिजीवी और पत्रकार मानते हैं कि केंद्र सरकार इस तरह के बयान पिछले दो वर्षों में अलग-अलग मंचों पर दे चुकी है। यहां भाजपा भी अपने कार्यकर्ताओं को यह विश्वास नहीं दिला पा रही है कि आखिर चुनाव कब होंगे? स्थानीय स्तर पर अगर देखें, तो भाजपा, नेशनल कांफ्रेंस, कांग्रेस, पीडीपी और अन्य दल पिछले कई महीनों से चुनावी मुद्रा में हैं।

कश्मीर के बुद्धिजीवियों और विद्वानों का मानना है कि केंद्र सरकार 2024 के आम चुनाव से पहले जम्मू-कश्मीर में चुनाव नहीं कराएगी और यही कारण है कि सुप्रीम कोर्ट के सामने सरकार ने किसी महीने या तारीख के बारे में कोई प्रतिबद्धता जाहिर नहीं की है। शायद केंद्र सरकार जल्दबाजी में चुनाव इसलिए नहीं करवा रही, क्योंकि उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा पहले भ्रष्टाचार और आतंकवाद से मुक्त केंद्र शासित प्रदेश के निर्माण में लगे हैं। विकास अगर एक बार पटरी पर चल पड़ेगा, तो शांतिपूर्ण चुनाव में कामयाबी मिलेगी और दुनिया में उसका संदेश भी अच्छा जाएगा।

सरकार का मानना है कि कानून-व्यवस्था में बहुत हद तक सुधार आई है। कश्मीर में पत्थरबाजी और हड़ताल की घटनाएं पिछले पांच साल में शून्य हो गई हैं। सुरक्षा बलेां की शहादत और हत्या-हिंसा में भी काफी कमी आई है। आमतौर पर एक बड़ा तबका केंद्र सरकार व स्थानीय प्रशासन से काफी खुश है, क्योंकि यहां इन दिनों काफी विकास कार्य हो रहे हैं, जो पिछले सात दशक में नहीं हुए थे। लोग इसलिए भी खुश हैं कि कश्मीर में पहले जैसा खून-खराबा खत्म हो गया है, जिसमें ज्यादातर आम लोग ही पिसते थे। पर्यटकों की आमद बढ़ती ही जा रही है, जिससे रोजगार के मौके बहाल हुए हैं। हड़ताल और पत्थरबाजी की वारदात खत्म होने से भी लोगों को बड़ा सुकून मिला है। स्कूल, कॉलेज पूरे खुल रहे हैं, खेल गतिविधियां भी बढ़ी हैं। अब यहां के बच्चे पुरस्कार जीत रहे हैं। यहां बहुत कुछ ऐसा अच्छा हो रहा है, जो 33 साल के आतंकवाद और अलगाववाद के दौर में मुमकिन नहीं था।

वैसे, यहां एक तबका खुश नहीं है। उसका कहना है कि जम्मू-कश्मीर में 2018 में विधानसभा के भंग होने के बाद और 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 और 35ए के खत्म होने के बाद ‘डेमोक्रेसी’ बिल्कुल नहीं है। जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस के उप-प्रधान और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का कहना है कि उनकी पार्टी केंद्र से चुनाव की भीख नहीं मांगेगी। उनका कहना है कि सरकार विधानसभा के चुनाव कराने में क्यों डर रही है? जब उसका दावा है कि यहां कानून-व्यवस्था बिल्कुल ठीक है, तब संसदीय चुनावों के साथ विधानसभा के चुनाव करा देने चाहिए, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी सामने आ जाएगा। वैसे, राजनीतिक दलों की ओर से दी जा रही यह दलील जम्मू-कश्मीर में नई नहीं है।

तय है, यहां चुनाव जब भी होंगे, बहुत दिलचस्प होंगे, क्योंकि इस बार के चुनाव अलगाववादी नेताओं और आतंकवादियों के दखल के बिना होंगे। राजनीतिक विशेषज्ञों और बुद्धिजीवियों का मानना है कि इस बार के चुनाव में हुर्रियत कांफ्रेंस, उसके नेताओं और उनके संगठनों का नामो-निशान नहीं होगा। सब जानते हैं कि जम्मू-कश्मीर में पिछले पांच साल में काफी बदलाव आया है, पर अभी तक कोई भी राजनीतिक पार्टी जमात के वोट को अपनी तरफ नहीं खींच पाई है। साल 1977 में जब केंद्र में जनता पार्टी की सरकार बनी थी, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई श्रीनगर में अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक के पिता मौलाना फारूक के घर गए थे और वहां सभी तत्कालीन अलगाववादी नेताओं से मिलकर उनको विश्वास दिलाया था कि जम्मू-कश्मीर में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराए जाएंगे। इस दौरान कई अलगाववादी नेता जनता पार्टी में शामिल हो गए थे और चुनाव लड़कर कामयाब भी हुए थे। ऐसे नेताओं में सईद अली शाह गिलानी भी शामिल थे। अभी भी कश्मीर में पुराने लोग याद करते हैं कि साल 1977 के विधानसभा चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हुए थे।

उसके बाद भी प्रयास तो हुए, पर एक तबका है, जिसे मुख्यधारा की राजनीति में लाने का काम बचा हुआ है। क्या आगामी चुनाव में यह काम मुमकिन हो सकेगा? जमात के वोट मुख्यधारा के दलों को हासिल हो सकेंगे? जमात के वोट को अभी तक न तो अल्ताफ बुखारी समेट पाए हैं और न सज्जाद लोन। यहां ज्यादातर जानकारों का मानना है कि इस बार पहले के मुकाबले में चुनाव स्थानीय मुद्दों पर ज्यादा आधारित रहेंगे। लोग स्थानीय दलों को ज्यादा वोट देंगे।

बहरहाल, आम लोग भी मानते हैं कि चुनावों को ज्यादा टालना ठीक नहीं है और चुनाव के लिए राजनीतिक दल भी तैयार हैं। देखना है, क्या गुलाम नबी आजाद की आजाद पार्टी कुछ खास मतदाताओं को अपनी तरफ आकर्षित कर पाएगी? क्या कश्मीर में भी नए विपक्षी गठबंधन- इंडिया -का कोई स्वरूप उभरेगा? भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को मतदान केंद्र के स्तर पर प्रशिक्षण देने का काम शुरू कर दिया है। अब सबको चुनावी तारीख का इंतजार है।

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों की घोषणा से पहले केंद्रशासित प्रदेश को पूरी तरह से राज्य का दर्जा देने की घोषणा इस माह संसद के विशेष सत्र में भी हो सकती है। यह भी एक ऐसी घोषणा होगी, जिसका इंतजार चल रहा है। दूसरी ओर, पीडीपी जैसी पार्टी अभी भी अनुच्छेद 370 और 35ए की बहाली के इंतजार में है। वैसे ज्यादातर कश्मीरी मानते हैं कि यह समय पीछे नहीं, बल्कि आगे देखने का है, और इसी में तरक्कीपसंद कश्मीर का मुस्तकबिल भी है।

सीट बंटवारे पर इसी माह सहमति जुटाकर एका दिखाएगा इंडिया

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कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे, राहुल गांधी, लालू प्रसाद और अरविंद केजरीवाल ने गठबंधन को मजबूत बताया

सीट बंटवारे पर इसी माह सहमति जुटाकर एका दिखाएगा इंडिया
 
सीट बंटवारे पर इसी माह सहमति जुटाकर एका दिखाएगा इंडिया
मुंबई में शुक्रवार को इंडिया की बैठक से पहले काग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को शॉल ओढ़ाकर उन्हें सम्मानित करतीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी। साथ में गठबंधन के नेता राहुल गांधी, नीतीश कुमार और उद्धव ठाकरे। ● प्रेट्र

विपक्षी दल एकजुट लालू प्रसाद

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कहा कि इस देश में विपक्षी दल एकजुट नहीं थे, इसका फायदा नरेंद्र मोदी ने उठाया। वहीं, देश को महंगाई और बेरोजगारी के रूप में इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। हालांकि अब विपक्ष एकजुट है। उन्होंने कहा कि हम शुरू से ही यह लड़ाई लड़ते रहे कि भाजपा हटाओ, देश बचाओ। अल्पसंख्यक देश में खुद को सुरक्षित नहीं महसूस कर रहे हैं, महंगाई चरम पर है। बेरोजगारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा, हम लोगों ने संकल्प लिया है कि मोदी को हटाकर ही दम लेंगे।

देश का इतिहास बदलने नहीं देंगे नीतीश

बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पटना से शुरू हुई बैठक के बाद यह सफर मुंबई पहुंचा है, लिहाजा वह चाहते हैं कि अब आगे का काम तेजी से हो। उन्होंने कहा, हम लोगों ने तेजी से काम करने की शुरुआत कर दी है। कोई ठिकाना नहीं है, चुनाव समय के पहले भी हो सकते हैं। इसलिए हम लोगों को भी सतर्क रहना पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर इतिहास बदलने की कोशिश करने का आरोप लगाया। दावे के साथ कहा कि विपक्षी गठबंधन किसी भी सूरत में ऐसा नहीं होने देगा।

मुंबई बैठक में ये नेता शामिल रहे

दूसरे दिन की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, द्रमुक नेता एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, जदयू नेता एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजद प्रमुख लालू प्रसाद, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, राकांपा नेता शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और कई अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल थे। बतादें कि इंडिया की तीसरी बैठक में गठबंधन के लोगो पर सहमति नहीं बन पाई।

मुंबई, एजेंसी। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की शुक्रवार को हुई बैठक में भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए एकजुटता का संकल्प लिया गया। इंडिया सीट बंटवारे पर इसी माह सहमति जुटाकर एका दिखाएगा।

राहुल बोले, कर्नाटक के नतीजे को दोहराएंगे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ‘इंडिया’ की बैठक के बाद कहा कि भाजपा का ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का आह्वान कभी पूरा नहीं होगा क्योंकि, अंग्रेज भी अपने सुनहरे दिनों में पार्टी को खत्म करने में विफल रहे थे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे को तेलंगाना, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी दोहराएगी।

सीट बंटवारे पर तेजी लाएंगे गठबंधन की बैठक के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि दो प्रमुख बातें हैं। पहली यह कि एक समन्वय समिति और इस समन्वय समिति के अंतर्गत समितियां होंगी। दूसरी बात यह है कि हम सीट-बंटवारे पर सभी चर्चाओं और निर्णयों में तेजी लाएंगे। उन्हें जल्द से जल्द पूरा करेंगे।

समन्वय समिति में ये होंगे

समन्वय समिति ही गठबंधन की सर्वोच्च इकाई के रूप में काम करेगी। इसमें कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, द्रमुक नेता टीआर बालू, बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, तृणमूल महासचिव अभिषेक बनर्जी, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत, आप सांसद राघव चड्ढा, भाकपा के डी. राजा, नेकां के उमर अब्दुल्ला व पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की महबूबा मुफ्ती शामिल हैं। इसमें जदयू के अध्यक्ष ललन सिंह और सपा सांसद जावेद अली खान को भी शामिल किया गया है।

तैयारी एक देश एक चुनाव के लिए कमेटी का गठन

 तैयारी एक देश एक चुनाव के लिए कमेटी का गठन

 

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। केंद्र सरकार ने एक देश, एक चुनाव की संभावनाएं तलाशने के लिए एक समिति का गठन किया है। इस समिति की कमान पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संभाल सकते हैं। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति से मुलाकात की।

सूत्रों के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को इस समिति का अध्यक्ष बनाया जाना है। समिति इस कवायद और तंत्र की व्यवहार्यता का पता लगाएगी कि देश में लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव एक साथ कैसे कराए जा सकते हैं। समिति इस संबंध में विशेषज्ञों से बात करेगी और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ विचार विमर्श करेंगी।

देश में 1967 तक लोकसभा और विधानसभा चुनाव एकसाथ हुए थे। सरकार द्वारा 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने के एक दिन बाद यह कदम सामने आया है। हालांकि सरकार ने संसद के विशेष सत्र का एजेंडा घोषित नहीं किया है। 2014 में सत्ता में आने के बाद से ही प्रधानमंत्री मोदी चुनाव चक्र से वित्तीय बोझ पड़ने और इस दौरान विकास कार्य को नुकसान पहुंचने का हवाला देते हुए लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव साथ कराने के विचार पर जोर देते रहे हैं। जिनमें स्थानीय निकायों के चुनाव भी शामिल हैं। रामनाथ कोविंद ने भी राष्ट्रपति बनने के बाद इसका समर्थन किया था।

नवंबर-दिसंबर में पांच राज्यों मिजोरम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसके बाद अगले साल मई-जून में लोकसभा चुनाव होने हैं। सरकार के इस कदम से आम चुनाव और कुछ राज्यों के चुनाव को आगे बढ़ाने की संभावना है, जो लोकसभा चुनावों के बाद में या साथ होने हैं।

सियासत गर्माई।

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आज की ताजा खबर

रामनाथ कोविंद से मिले नड्डा

 
रामनाथ कोविंद से मिले नड्डा

समिति एक रिपोर्ट लेकर आएगी और इस पर सार्वजनिक डोमेन और संसद में चर्चा की जाएगी। समुद्र मंथन में निकले अमृत की तरह इस मुद्दे पर भी मंथन में अमृत ही निकलेगा। विपक्षी दल इस पर चिंतित क्यों हैं। अभी तो कमेटी बनी है।

-प्रह्लाद जोशी, संसदीय कार्य मंत्री

इंडिया ने बनाई ‘टीम 14’

 विपक्षी दलों के गठबंधन की तीसरी बैठक में कई मुद्दों पर फैसला, इधर केंद्र ने चुनाव को लेकर उठाया महत्वपूर्ण कदम

इंडिया ने बनाई ‘टीम 14’
 
इंडिया ने बनाई ‘टीम 14’
मुंबई में शुक्रवार को ‘इंडिया’ की बैठक में राहुल गांधी, नीतीश कुमार, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, लालू यादव, अखिलेश यादव समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।● 
आज की ताजा खबर Today News in hindi
इंडिया ने बनाई ‘टीम 14’
ये संकल्प लिए गए

1. लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगे। सीट बंटवारे का काम ‘इस हाथ दे, उस हाथ ले’ की सहयोगात्मक भावना से जल्द पूरा किया जाएगा।

2. राज्यों में सीट-बंटवारे की व्यवस्था तुरंत शुरू होगी। लेन-देन की भावना के साथ जल्द पूरा किया जाए।

3. जनहित से जुड़े मुद्दों पर जल्द ही देशभर में जनसभाएं आयोजित करने का भी संकल्प लिया।

4. कई भाषाओं में ‘जुड़ेगा इंडिया, जीतेगा इंडिया’ थीम के साथ रणनीतियों और अभियानों पर समन्वय करेंगे।

मुंबई,एजेंसी  मध्यावधि चुनावों की चर्चा के बीच विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की तीसरी बैठक शुक्रवार को ‘जुड़ेगा भारत, जीतेगा इंडिया’ थीम के साथ संपन्न हुई। बैठक में गठबंधन की सर्वोच्च इकाई के रूप में 14 सदस्यीय एक महत्वपूर्ण समन्वय समिति गठित की गई, जिसमें कई दलों के प्रमुख नेता शामिल हैं।

इस दौरान घटक दलों के नेताओं ने संकल्प लिया कि वे अगला लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगे। साथ ही सीटों का बंटवारा बहुत जल्द कर लिया जाएगा। विपक्षी गठबंधन ने संकेत दिया कि वह एनडीए के खिलाफ किसी चेहरे पर दांव लगाने की बजाय मुद्दों को आगे करके जनता के बीच जाएगा। बैठक के बाद सभी नेताओं ने अपनी-अपनी बात रखी।

मुंबई के एक पंचसितारा होटल में 28 दलों के 68 प्रतिनिधियों की दो दिवसीय मंत्रणा के बाद विपक्षी दलों ने 14 सदस्यीय समन्वय समिति, 19 सदस्यीय चुनाव अभियान समिति, सोशल मीडिया से संबंधित 12 सदस्यीय कार्य समूह, मीडिया के लिए 19 सदस्यीय कार्यसमूह और शोध के लिए 11 सदस्यीय समूह का गठन किया।

हमें प्रतिशोध की कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी गठबंधन इंडिया के घटक दलों के नेताओं का आह्वान कि वे आने वाले कुछ महीनों में प्रतिशोध की और कार्रवाई, छापेमारी तथा गिरफ्तारी के लिए तैयार रहें। क्योंकि, यह गठबंधन जमीन पर जितना मजबूत होगा, सरकार उसके खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियों का उतना ही ज्यादा दुरुपयोग करेगी। उन्होंने विपक्षी गठबंधन की तीसरी बैठक में यह आरोप भी लगाया कि भाजपा सभी एजेंसियों और संस्थाओं पर पूर्ण नियंत्रण चाहती है। इसके खिलाफ लड़ने के लिए इंडिया का जीतना जरूरी है। हम हर राज्य की राजधानी में बैठक करेंगे।

सरकार महंगाई रोकने में विफल कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर महंगाई और बेरोजगारी रोकने में विफल रहने का भी आरोप लगाया। अडानी समूह से जुड़े मामले में राहुल गांधी की प्रेस वार्ता का उल्लेख करते हुए खड़गे ने कहा, यह समझ से परे है कि प्रधानमंत्री इस मामले की जांच क्यों नहीं करा रहे हैं। प्रधानमंत्री गरीबों के लिए काम नहीं करेंगे, वह सिर्फ कुछ उद्योगपतियों के लिए काम करते हैं। मणिपुर हिंसा के समय विशेष सत्र नहीं बुलाया, कोरोना के समय नहीं बुलाया, चीन ने जमीन हड़प ली तो विशेष सत्र नहीं बुलाया, अब क्यों बुलाया, मुझे पता नहीं। वह तानशाही की तरफ जा रहे हैं।

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विपक्षी गठबंधन में शामिल घटक दल देश की 60 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। अगर वे एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे तो भाजपा के लिए जीत असंभव हो जाएगी। उन्होंने कहा, मुझे पूरा विश्वास है कि इंडिया गठबंधन भाजपा को हरा देगा।

राहुल गांधी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष

विपक्षी गठबंधन में शामिल सभी घटक दल मिलकर और एकजुट होकर काम कर रहे हैं। इसका फलसफा आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार के रूप में सामने आएगा। अब इसके घटक दलों के नेता देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर प्रचार-प्रसार करेंगे।

नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार

गठबंधन इंडिया को ‘घमंडिया’ कहने से सत्तारूढ़ दल के अहंकार की बू आती है। इंडिया गठबंधन ने देश के लोगों को एक विश्वसनीय विकल्प दिया है। हम कभी कुछ गलत नहीं करेंगे। हम गलत पक्ष लेने वालों को सही रास्ते पर लाने की कोशिश करेंगे।

शरद पवार, एनसीपी अध्यक्ष

पूरी केंद्र सरकार सिर्फ एक आदमी के लिए काम कर रही है, यह सबसे भ्रष्ट और अहंकारी सरकार है। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन कुछ दलों का नहीं है, बल्कि 140 करोड़ जनता का गठबंधन है। गठबंधन के घटक दलों के बीच किसी तरह का संघर्ष नहीं है।

अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री

अगली बैठक दिल्ली में

विपक्षी इंडिया गठबंधन की अगली महत्वपूर्ण बैठक राष्ट्रीय राजधानी में होगी। एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने बैठक के समापन पर यह जानकारी दी।

Friday, September 1, 2023

Gadar 2 Music Controversy: निर्देशक अनिल शर्मा का पलटवार, छह महीने पहले ही उत्तम सिंह को दिखा दिए थे गाने

Gadar 2 Music Controversy: निर्देशक अनिल शर्मा का पलटवार, छह महीने पहले ही उत्तम सिंह को दिखा दिए थे गाने



सुपरहिट फिल्म ‘गदर एक प्रेमकथा’ के संगीत का बिना इसके मूल संगीतकार उत्तम सिंह की अनुमति के फिल्म 'गदर 2' में प्रयोग करने का विवाद गहराता जा रहा है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर खूब ताबड़तोड़ कमाई है। फिल्म के गाने भी खूब पसंद किए जा रहे है। खासकर फिल्म के दो गीत 'मैं निकला गड्डी लेके' और 'उड़ जा काले कावां' को खूब पसंद किया जा रहा है। संगीतकार उत्तम सिंह का कहना है कि इन गानों के प्रयोग से पहले उनसे अनुमति नहीं ली गई। शुक्रवार को मुंबई में हुई एक प्रेस कांफ्रेंस में निर्देशक अनिल शर्मा ने दावा किया कि उन्होंने छह महीने पहले ही ऑफिस में बुलाकर उन्हें ये गाने दिखा दिए थे।


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फिल्म 'गदर 2' के गीत 'मैं निकला गड्डी लेके' और 'उड़ जा काले कावा' को लेकर गीत के मूल संगीतकार उत्तम सिंह ने ‘अमर उजाला’ से एक खास बातचीत के दौरान कहा था कि फिल्म के निर्माता-निर्देशक अनिल शर्मा ने उनके गीत तो इस्तेमाल कर लिए, लेकिन उन्होंने उनसे इसकी अनुमति नहीं ली। इस फिल्म के संगीत की सफलता को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब इस बारे में बात हुई तो अनिल शर्मा ने  कहा कि छह महीने पहले उन्होंने उत्तम सिंह को अपने ऑफिस में बुलाकर गाने दिखाए थे और उनको बताया बताया था कि आपके गाने और बैक ग्राउंड म्यूजिक इस फिल्म में प्रयोग कर रहे हैं।




निर्माता-निर्देशक अनिल शर्मा ने कहा, 'पता नहीं इस गाने को लेकर कहां से कंट्रोवर्सी पैदा हो गई। उत्तम सिंह बहुत ही सज्जन व्यक्ति हैं, वह ऐसी बात नहीं कर सकते हैं। मैंने जब उनको ऑफिस में बुलाकर गाने दिखाए थे और उनको बताया था कि आपके गाने फिल्म में प्रयोग कर रहा हूं, तो वह बहुत खुश हुए थे। जितनी लोकप्रियता उत्तम सिंह को फिल्म 'गदर-एक प्रेम कथा' के दौरान नहीं मिली, उससे ज्यादा तो अब इस गाने को लेकर जो कंट्रोवर्सी पैदा हुई, उससे मिल रही है।'




यह पूछे जाने पर कि क्या अनिल शर्मा ने 'गदर 2' में संगीत देने के लिए पहले उत्तम सिंह से संपर्क किया था। वह कहते हैं, 'इस फिल्म के संगीत के लिए मैने संपर्क नहीं किया था। जी म्यूजिक कंपनी ने मेरे सामने चार- पांच म्यूजिक डायरेक्टर के नाम सुझाए थे, उसमे से मैने संगीतकार मिथुन को चुना, क्योंकि इस फिल्म के गाने के लिए एक नए साउंड की जरूरत थी। और, मुझे लगता है कि मिथुन से बेहतर कोई नहीं कर सकता है।'

फिल्म के गायक उदित नारायण ने फिल्म के गाने को लेकर ऑस्कर अवॉर्ड लेने की इच्छा जताई। निर्माता-निर्देशक अनिल शर्मा ने कहा, 'मुझे बहुत खुशी होगी, अगर इस फिल्म को ऑस्कर अवॉर्ड मिले तो। क्योंकि अभी तक मेरी किसी भी फिल्म को अवॉर्ड नहीं मिला है। बड़ी हैरानी की बात है कि मेरी फिल्म 'गदर- एक प्रेम कथा' को नेशनल अवार्ड के लिए 11 नॉमिनेशन मिलने के बाद भी अवॉर्ड नहीं मिला था।'

Manufacturing PMI: अगस्त में भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी, तीन सालों में सबसे ज्यादा दर हुई दर्ज

 

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August manufacturing PMI बीते दिन चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के विकास दर जारी हुए 'थे। पहली तिमाही देश का विकास दर 7.8 फीसदी बढ़ गया है। आज पीएमआई आंकड़े जारी हुए हैं। अगस्त महीने में पीएमआई (India Manufacturing PMI Data July) 58.6 था। यह तीन वर्षों में सबसे ज्यादा है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि देश का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी है।

आज जारी आंकड़ों के अनुसार भारत के पिछले महीने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी देखने को मिली है। अगस्त में एसएंडपी ग्लोबल इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) 58.6 हो गया। ये जुलाई महीने में 57.7 था। यह तीन वर्षों में सबसे ज्यादा दर है। एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में इकोनॉमिक्स एसोसिएट डायरेक्टर पोलियाना डी लीमा ने कहा कि भारत के लिए अगस्त पीएमआई नतीजों ने देश के विनिर्माण परिदृश्य की तेजी को पेश कर रहा है। इस आंकड़ों से पता चलता है कि देश में नए ऑर्डर और उत्पादन में मजबूत है। यह दूसरी तिमाही (राजकोषीय) की आर्थिक वृद्धि भी योगदान दे रहा है।

भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर मजबूत



पीएमआई (Manufacturing PMI India) ने पूरे भारत में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की मजबूत स्थितियों को पेश कर रहा है। अगस्त के महीने में नए ऑर्डर और उत्पादन लगभग तीन वर्षों में सबसे तेज था। कंपनियों ने खरीदारी के स्तर को बढ़ा दिया है। इस वजह से लागत मुद्रास्फीति के दबाव में तेजी आई है और बिक्री शुल्क में धीमी वृद्धि हुई है। बीते दिन चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून के भारत के विकास दर के नतीजों का ऐलान हुआ है। इसमें कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही देश का जीडीपी 7.8 फीसदी बढ़ा है। यह आंकड़ें उम्मीदों के अनुरूप था। जारी आंकड़ों से पता चलता है कि पहली तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में केवल 4.7 फीसदी ही बढ़त हुई है।

पीएमआई की भाषा में अगर आंकड़े 50 से ऊपर होते हैं तो उसका मतलब विस्तार है जबकि 50 से नीचे का स्कोर कमजोरी या संकुचन को दर्शाता है। पीएमआई एसएंडपी ग्लोबल द्वारा लगभग 400 निर्माताओं का एक पैनल होता है। इन पैनल को भेजे गए प्रश्नावली के जवाबों से संकलित किया गया है। इन आंकड़ों से अनुमान लगाया जाता है कि देश मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है।


G20 Summit के लिए 'बुलेटप्रूफ' हुई दिल्ली, 'मेहमानों के आने-जाने पर कमरों में बंद कर दिया जाएगा होटल स्टाफ

 Today News in hindi G20 Summit के लिए 'बुलेटप्रूफ' हुई दिल्ली, 'मेहमानों के आने-जाने पर कमरों में बंद कर दिया जाएगा होटल स्टाफ



आज की ताजा खबर जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने आने वाले अमेरिका आदि कुछ प्रमुखों देशों के राष्ट्राध्यक्ष जिन होटलों में ठहरेंगे वहां के सुइट की सभी खिड़कियों में बुलेटप्रूफ शीशे लगा दिए गए हैं। पुलिस अधिकारी का कहना है कि पिछले 15 दिनों से सभी एजेंसियां अपने-अपने स्तर पर होटलों का निरीक्षण कर रही हैं। आज से सुरक्षा यूनिट धीरे-धीरे 23 होटलों को अपने कब्जे में लेना शुरू करेगी।

जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आने वाले 29 देशों के राष्ट्राध्यक्षों व अंतरराष्ट्रीय संगठनों के पदाधिकारियों की सुरक्षा की तैयारी में सभी केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां व दिल्ली पुलिस की सुरक्षा यूनिट दिन-रात एक करके जुटी हुई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति समेत कुछ राष्ट्राध्यक्षों के कमरे हुए बुलेटप्रूफ

सम्मेलन में भाग लेने आने वाले अमेरिका आदि कुछ प्रमुखों देशों के राष्ट्राध्यक्ष जिन होटलों में ठहरेंगे वहां के सुइट की सभी खिड़कियों में बुलेटप्रूफ शीशे लगा दिए गए हैं। साथ ही उस एरिया के कुछ हिस्सों को भी बुलेटप्रूफ शीशों से घेराव कर दिया गया है।

सुरक्षा में कहीं कोई चूक न हो इसके लिए सुरक्षा यूनिट ने सभी केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर पूरी क्षमता के साथ रिहर्सल शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को रिहर्सल के दौरान ही एनएसजी ने नई दिल्ली जिले स्थित ली मेरिडियन होटल की छत पर सुबह करीब 11.30 बजे हेलीकॉप्टर उतारा।

हर होटल पर नहीं बना है हेलीपैड

पुलिस अधिकारी का कहना है कि नई दिल्ली जिले के किसी भी होटल की छत पर हेलीपैड नहीं बने हैं। ट्रायल के तौर पर एनएसजी ने ली मेरिडियन की छत पर हेलीकॉप्टर उतारा। पुलिस अधिकारी का कहना है कि एनएसजी कुछ अन्य होटलों पर भी हेलीकाप्टर उतारने का प्रयास करेगी।