Tuesday, August 29, 2023

त्योहार से पहले सरकार का तोहफा, 200 रुपये सस्ता हुआ घरेलू LPG गैस सिलेंडर

 त्योहार से पहले सरकार का तोहफा, 200 रुपये सस्ता हुआ घरेलू LPG गैस सिलेंडर आज की ताजा खबर news



29 Aug 2023 3:58 PM


आज केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 200 रुपये की कटौती की है। सरकार ने देश की महिलाओं को रक्षाबंधन के त्यौहार से पहले ये लाभ दिया है। इसके साथ ही सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले एलपीजी सिलेंडर में भी रुपये की छूट दी है। इससे पहले तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 100 रुपये की कटौती की थी।


नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क: बढ़ती महंगाई से राहत देते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने जनता को राहत देते हुए घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 200 रुपये की कटौती की है।


केंद्र सरकार ने रक्षाबंधन के त्योहार से पहले देश की सभी महिलाओं को यह खास तोहफा दिया है। इसके अलावा सरकार ने 200 रुपये की अतिरिक्त छूट उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले लाभार्थियों को भी दी है।


आपको बता दें कि उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले सभी लाभार्थियों को सरकार की ओर से 200 रुपये की छूट पहले से दी जा रही थी जो अब बढ़कर 400 रुपये हो गई है।


क्या होगी नई कीमत?

नई दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत फिलहाल 1,103 रुपये है जो कल यानी बुधवार से कम होकर 903 रुपये हो जाएगी। वहीं मुंबई में फिलहाल एलपीजी की कीमत 1,102 रुपये है जो कल घटकर 902 रुपये हो जाएगी।


इसके अलावा उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए, प्रति सिलेंडर 200 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी के बाद कीमत 703 रुपये होगी। सरकार के इस निर्णय की घोषणा करते हुए, सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य परिवारों को राहत प्रदान करना है।


कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें भी हुई थी कम

इससे पहले 1 अगस्त को देश की तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों को 100 रुपये कम किया था। हालांकि, उस वक्त घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला था।


75 लाख अतिरिक्त उज्ज्वला कनेक्शन देगी सरकार

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया की सरकार अतिरिक्त 75 लाख उज्ज्वला कनेक्शन प्रदान करेगी, जिससे कुल पीएमयूवाई (PMUY) लाभार्थियों की संख्या 10.35 करोड़ हो जाएगी। 


प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई एक सरकारी योजना है। इस योजना में मूल रूप से गरीबी रेखा से नीचे की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देना है।


इस योजना की शुरुआत में 50 मिलियन एलपीजी कनेक्शन के वितरण की परिकल्पना की गई थी। बाद में, इसका लक्ष्य मार्च 2020 तक आठ करोड़ महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन प्रदान करना था। हालांकि, यह लक्ष्य सात महीने पहले, सितंबर 2019 में हासिल किया गया था। इस योजना का गरीब महिलाओं को चूल्हे के धुओं से मुक्ती प्रदान करना भी है।

Solar Mission Aditya L1: चांद को मुट्ठी में कर लिया है... अब सूरज की बारी है...

 Solar Mission Aditya L1: चांद को मुट्ठी में कर लिया है... अब सूरज की बारी है... जी हां, हमारे देश के वैज्ञानिकों का इरादा और दृढ़ संकल्प यही दर्शाता है। यही वजह है कि भारत चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) के जरिए इतिहास रचने के बाद अब अपने पहले सोलर मिशन (Solar Mission Aditya L1) को भी लॉन्च करने जा रहा है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।



आदित्य एल-1 कब लॉन्च होगा? (Aditya L1 Mission Kab Launch Hoga)

भारत के पहले सूर्य मिशन आदित्य एल-1 को लॉन्च करने की तारीख सामने आ गई है। आदित्य एल-1 को दो सितंबर के दिन सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर लॉन्च किया जाएगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने 28 अगस्त को इसका एलान किया।


आदित्य एल-1 को लॉन्च करने का मकसद क्या है?

आदित्य एल-1 भारत का पहला सूर्य मिशन है। इसे लॉन्च करके भारत सौर वायुमंडल यानी क्रोमोस्फेयर और कोरोना की गतिशीलता का अध्ययन करना चाहता है। इसके साथ ही, वह कोरोना से बड़े पैमाने पर निकलने वाली ऊर्जा के रहस्यों से भी पर्दा उठाना चाहता है।


इसके अलावा, आदित्य एल-1 के जरिए इसरो आंशिक रूप से आयनित प्लाज्मा की भौतिकी और अंतरिक्ष के मौसम की गतिशीलता के बारे में जानकारी इकट्ठा करना चाहता है। इसके साथ ही, वह सौर वातावरण से प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्रों के बड़े पैमाने पर विस्फोट का अध्ययन करना चाहता है।


पृथ्वी से सूर्य कितनी दूरी पर है?

आदित्य एल-1 करीब 15 लाख किलोमीटर दूर स्थित सूर्य के रहस्यों से पर्दा उठाएगा। इसे लैंग्रेज बिंदु यानी एल-1 तक पहुंचने में चार महीने लगेंगे। आदित्य एल-1 को लैंग्रेज बिंदु की पास की कक्षा में स्थापित किया जाएगा। लैंग्रेज बिंदु का मतलब अंतरिक्ष में मौजूद उस प्वाइंट से होता है, जहां दो अंतरिक्ष निकायों जैसे सूर्य और पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण आकर्षण और प्रतिकर्षण का क्षेत्र उत्पन्न होता है। इतावली-फ्रांसीसी गणितज्ञ जोसेफ-लुइस लैंग्रेंज के नाम पर इसका नामकरण किया गया है।


 पेलोड लेकर जाएगा आदित्य एल-1?कितने

आदित्य एल-1 सात पेलोड लेकर अपनी मंजिल तक पहुंचेगा। इन पेलोड के जरिए इसरो को फोटोस्फेयर (प्रकाश मंडल), क्रोमोस्फेयर यानी सूर्य की दिखाई देने वाली सतह से ठीक ऊपर की सतह और कोरोना (सूर्य की सबसे बाहरी परत) के अध्ययन में मदद मिलेगी।


आदित्य एल-1 को कहां से लॉन्च किया जाएगा?

आदित्य एल-1 को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी-सी57 के जरिए लॉन्च किया जाएगा। इससे पहले चंद्रयान-3 को भी यहां से लॉन्च किया गया था।


आदित्य एल-1 की लॉन्चिंग को कैसे देख सकते हैं?

भारत के पहले सूर्य मिशन आदित्य एल-1 को लेकर लोगों के उत्साह को देखते हुए इसरो ने एक लिंक जारी किया है। इस लिंक https://lvg.shar.gov.in/VSCREGISTRATION/index.jsp के जरिए लोग आवेदन कर श्रीहरिकोटा के लांच व्यू गैलरी से लॉन्चिंग देख सकते हैं। इसरो के मुताबिक, पंजीकरण की जल्द शुरुआत की जाएगी।


आदित्य एल-1 मिशन का बजट कितना है? (Aditya L1 mission Cost)

आदित्य एल-1 मिशन का बजट करीब 400 करोड़ रुपये हैं। आदित्य एल-1 को दिसंबर 2019 से बनाना शुरू किया गया था।


चंद्रयान-3 को कब लॉन्च किया गया?

चंद्रयान-3 को 14 जुलाई को दोपहर दो बजकर 35 मिनट पर श्रीहरिकोटा स्थित स्पेस सेंटर से एलवीएम-3 के जरिए लॉन्च किया गया था। यह 23 अगस्त को शाम छह बजकर चार मिनट पर चांद की सतह पर लैंड किया। इसी के साथ भारत चौथा देश बन गया, जिसने चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग की हो। इसी के साथ भारत ने नाम एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई। भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।


चंद्रयान-3 से आदित्य एल-1 किस तरह अलग है?

चंद्रयान-3 जहां चांद के रहस्यों से पर्दा उठाएगा, वहीं आदित्य एल-1 सूर्य के राज को दुनिया के सामने खोलेगा। सूर्य के उन रहस्यों से पर्दा उठेगा, जिससे दुनिया अब तक अनजान है।

रक्षा बंधन पर बहनों को उपहार के रूप में रोडवेज की बसों में टिकट तो मिलेगा, लेकिन उसके लिए उन्हें पैसे नहीं देने होंगे।

 नोएडा,न्यूज। रक्षा बंधन पर बहनों को उपहार के रूप में रोडवेज की बसों में टिकट तो मिलेगा, लेकिन उसके लिए उन्हें पैसे नहीं देने होंगे। रोडवेज की तरफ से यह व्यवस्था 29 अगस्त की रात 12 बजे से शुरू होगी और 31 अगस्त की रात 12 बजे तक टिकट लेने वाली महिलाओं के लिए यह लागू रहेगी।



नोएडा के 15 रूट पर मिलेगी यह सुविधा

नोएडा के 15 रूट पर 180 रोडवेज बसों में यह सुविधा मिलेगी। रोडवेज नोएडा डिपो सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एनपी सिंह ने बताया कि पूछताछ कक्ष 24 घंटे कार्य करेगा। इसके लिए 0120-2507864, 9557789076, 7906352776 और टोल फ्री नंबर 18001802877 पर किसी भी प्रकार की सहायता के लिए संपर्क कर सकते हैं।


यात्रियों की संख्या अधिक होने पर नोएडा डिपो से 24 घंटे बसों का संचालन किया जाएगा। सबसे अधिक बसों का संचालन नोएडा-एटा-मैनपुरी-कासगंज रूट पर किया जाएगा। इसके अलावा 20 से अधिक बसों का संचालन नोएडा-आगरा और नोएडा-मेरठ रूट पर किया जाएगा।


फ्री में टिकट के लिए मशीन में भी बदलाव

29 अगस्त की रात 12 बजे से 31 अगस्त रात 12 बजे तक सभी महिलाओं को रोडवेज बसों में यात्रा हेतु शून्य (नि:शुल्क) टिकट ईटीआइएम मशीन से दिया जाएगा। इसके लिए मशीन में भी बदलाव किए गए हैं। जिस समय परिचालक टिकट देगा, उस समय मशीन में तीन विकल्प दिखाई देंगे।


पहला विकल्प पे बाई कैश, दूसरा पे बाई यूपीआई और तीसरा विकल्प वूमन दिखेगा। महिलाओं को टिकट जारी करने के लिए तीसरे विकल्प का चयन करना होगा। इससे महिलाओं को टिकट तो मिलेगा, लेकिन उसके लिए पैसे नहीं देने होंगे।


बसों का रूट -                                                                        संख्या


नोएडा - मेरठ -                                                                          20


नोएडा - मेरठ - हरिद्वार व देहरादून -                                            आठ


नोएडा - मेरठ - शामली - सहारनपुर - शाकुंभरी -                             पांच


नोएडा - बिजनौर - नगीना - कोटद्वार -                                            दस


नोएडा - मुरादाबाद - बरेली - रुद्रपुर -                                             दस


नोएडा - धामपुर -                                                                       पांच


नोएडा - गजरौला - बदायूं -                                                           दस


नोएडा - बुलंदशहर - बदायूं -                                                         15


नोएडा - एटा - मैनपुरी - कासगंज -                                                  25


नोएडा - अलीगढ़ -                                                                       15


नोएडा - बुलंदशहर -                                                                    15


नोएडा - आगरा -                                                                         21


नोएडा - मथुरा - हाथरस -                                                             15


नोएडा - लखनऊ - अयोध्या - आजमगढ़ -                                       चार


नोएडा - लखनऊ - प्रयागराज -                                                      दो


कुल रूट -                                                                                 15


कुल बसें -                                                                                 180

दवा-पर्यटन क्षेत्र में रोजगार बढ़ेंगे मोदी

 रोजगार मेले में 51,000 से अधिक नवनियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया, देशभर में 45 स्थानों पर मेला आयोजित

दवा-पर्यटन क्षेत्र में रोजगार बढ़ेंगे मोदी

9/08/2023

 
दवा-पर्यटन क्षेत्र में रोजगार बढ़ेंगे मोदी
रोजगार मेले में सोमवार को नियुक्ति पत्र देते केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह, साथ में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल और मीनाक्षी लेखी।
दवा-पर्यटन क्षेत्र में रोजगार बढ़ेंगे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारा चंद्रयान और उसका रोवर प्रज्ञान लगातार चंद्रमा से ऐतिहासिक तस्वीरें भेज रहा है। पिछले नौ वर्षों में उनकी सरकार के प्रयासों से परिवर्तन का एक और नया दौर दिखने लगा है।
दवा-पर्यटन क्षेत्र में रोजगार बढ़ेंगे मोदी
डेढ़ करोड़ से ज्यादा रोजगार यादव

इंदौर, एजेंसी। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को कहा कि 2014 में देश की बागडोर संभालने वाली मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, व्यापार और परिवहन समेत नौ संगठित क्षेत्रों में डेढ़ करोड़ से ज्यादा रोजगार पैदा हुए हैं। यादव ने कहा, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत दुनिया की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है।

कांग्रेस ने रोजगार मेले को नौटंकी बताया

नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस ने सोमवार को रोजगार को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी छवि बनाने के लिए रोजगार मेला आयोजित करा रही है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रोजगार मेलों को सबसे बड़ा जुमला करार दिया। रमेश ने एक्स पर लिखा, हर साल दो करोड़ नौकरी देने के अपने वादे को पूरा करने में केंद्र सरकार असफल रही।

नौ साल में नौ लाख नौकरियां दीं जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के पिछले नौ साल के कार्यकाल में रोजगार बढ़े हैं। देश के युवाओं को नौ लाख नौकरियां दी गईं।

जितेंद्र सिंह ने रोजगार मेले को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां दी गई। उन्होंने यूपीए और एनडीए शासन के दौरान रोजगार सृजन का जिक्र करते हुए कहा, यूपीए के पहले नौ साल यानी 2004 से 2013 के दौरान छह लाख नौकरियां दी गईं, जबकि वर्तमान सरकार के तहत नौ लाख नौकरियां दी गई, जो 60 से 70 प्रतिशत वृद्धि है।

एसएससी ने यूपीए के नौ साल के शासन के दौरान दो लाख लोगों की भर्ती की थी, जबकि एनडीए के शासनकाल में उसने चार लाख से अधिक लोगों की भर्ती की। इसी तरह आरआरबी द्वारा यूपीए के शासन के दौरान 3,47,291 भर्तियों के मुकाबले, एनडीए के शासन में 4.2 लाख से अधिक भर्तियां की गईं।

दुनिया में भारतीय सामान की मांग लगातार बढ़ रही

नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था तेज वृद्धि की ओर अग्रसर है। खास तौर पर ऑटोमोबाइल, दवा, पर्यटन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में तेजी से वृद्धि होने की उम्मीद है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा हुए हैं।

वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित रोजगार मेले में 51,000 से अधिक नवनियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि 2030 तक पर्यटन क्षेत्र से अर्थव्यवस्था में 20 लाख करोड़ रुपये का योगदान होने की उम्मीद है। इसमें 13-14 करोड़ नए रोजगार पैदा करने की क्षमता है। यह रोजगार मेला देशभर में 45 स्थानों पर आयोजित किया गया। रोजगार मेले के जरिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने विभिन्न केंद्रीय सशस्त्रत्त् पुलिस बल, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और दिल्ली पुलिस में कर्मियों की भर्तियां की हैं।

प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि भारत इस दशक में दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में उभरेगा। इससे आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार होगा। खाद्यान्न से लेकर दवा उद्योग तक, अंतरिक्ष से स्टार्टअप तक हर क्षेत्र का विकास होना चाहिए। दवा उद्योग का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान में चार लाख करोड़ रुपये का यह क्षेत्र 2030 तक बढ़कर 10 लाख करोड़ रुपये का हो जाने की उम्मीद है। इस दशक में दवा उद्योग को युवाओं की काफी जरूरत होगी।

चांद के बाद अब सूरज से जुड़ी जानकारी जुटाएगा भारत सूर्य अभियान का शंखनाद दो को

 चांद के बाद अब सूरज से जुड़ी जानकारी जुटाएगा भारत

सूर्य अभियान का शंखनाद दो को
 
सूर्य अभियान का शंखनाद दो को
एल-1 प्वाइंट पर ठहरेगा

यान सूर्य और पृथ्वी के बीच मौजूद लैंग्रेज प्वाइंट1 (एल-1) के पास स्थापित होगा। एल-1 प्वाइंट अंतरिक्ष में वो स्थान है जहां सूर्य और पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्तियां आकर्षण और प्रतिकर्षण के उन्नत क्षेत्र का निर्माण करती हैं।

प्रज्ञान ने रास्ता बदला

चंद्रयान-3 मिशन के तहत चांद पर भेजे गए रोवर प्रज्ञान की चहलकदमी जारी है। रविवार को प्रज्ञान चांद की सतह पर चल रहा था। इस बीच तीन मीटर की दूरी से ही उसे चार मीटर व्यास का गड्ढा दिखा तो उसने रास्ता बदल लिया। ब्योरा P11

बेंगलुरु, एजेंसी। चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारत सूर्य के रहस्यों को समझने के लिए दो सितंबर को आदित्य एल-1 अभियान भेजेगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार को बताया कि श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केंद्र से शनिवार सुबह पीएसएलवी-सी57 रॉकेट की मदद से छोड़ा जाएगा।

भारत पहली बार सूरज से जुड़े तथ्यों को जानने और समझने के लिए इस तरह के अभियान को अंजाम देगा। इसके तहत सात पेलोड होंगे जो विभिन्न जानकारियां जुटाएंगे। इनमें से चार पेलोड सीधे सूर्य पर नजर रखेंगे। तीन पेलोड सूर्य से जुड़े दूसरे तथ्यों, कणों के बारे में जानकारी एकत्र करेंगे।

पूर्ण स्वदेशी इसरो के अनुसार, आदित्य एल-1 अभियान पूर्ण रूप से स्वदेशी होगा। इसमें बेंगलुरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स की अहम भूमिका है। इसी ने विजिबल एमिशन लाइन कॉर्नोग्राफ पेलोड तैयार किया है। इसी तरह पुणे के यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स ने सोलर अल्ट्रावॉयलेट इमेजिंग टेलीस्कोप पेलोड को तैयार किया है।

दुनियाभर में बीते छह दशक में सूर्य से जुड़े 22 मिशन भेजे जा चुके हैं। नासा के पार्कर सोलर प्रोब ने एक हजार डिग्री सेल्सियस से अधिक गर्मी झेली थी। आदित्य एल-1 को इतनी गर्मी नहीं झेलनी होगी, क्योंकि वो नासा के मिशन की तुलना में सूर्य से काफी दूर होगा।

पेलोड इस मिशन में शामिल, इसमें से चार सूर्य की निगरानी करेंगे

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पेलोड सूर्य से जुड़े दूसरे तथ्यों, कणों की जानकारी जुटाएंगे

Monday, August 28, 2023

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की है।

 नई दिल्ली, एएनआई: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की है। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय सहयोग के कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान वाल्दिमीर पुतिन ने 9-10 सितंबर 2023 को नई दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने में असमर्थता व्यक्त की और बताया कि रूस का प्रतिनिधित्व रूसी संघ के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव करेंगे। रूस के फैसले पर सहमति व्यक्त करते हुए, पीएम मोदी ने भारत की जी-20 अध्यक्षता के तहत सभी पहलों के लिए रूस के लगातार समर्थन के लिए राष्ट्रपति पुतिन को धन्यवाद दिया।



जी20 में शामिल नहीं होंगे पुतिन

पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति के बीच यह बातचीत पिछले हफ्ते आई उन खबरों के बाद हुई है, जिसमें संकेत दिए गए थे कि रूसी राष्ट्रपति सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं होंगे। वहीं, शुक्रवार को क्रेमलिन की ओर से हुई एक घोषणा में बताया गया था कि पुतिन कुछ अन्य कार्यक्रमों में व्यस्त हैं और मुख्य अभी उनका मुख्य फोकस यूक्रेन में चल रहे सैन्य अभियान पर है।


इंडोनेशिया से भारत ने ग्रहण की G20 की अध्यक्षता

गौरतलब है कि, भारतीय राजधानी नई दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को जी20 शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित होने वाला है। यह शिखर सम्मेलन भारत में वैश्विक नेताओं की सबसे बड़ी सभाओं में से एक होने की उम्मीद है। भारत ने 1 दिसंबर, 2022 को इंडोनेशिया से G20 की अध्यक्षता ग्रहण की थी।


इससे पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मॉस्को में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया था कि राष्ट्रपति पुतिन की नई दिल्ली में आयोजित हो रहे जी-20 समिट में शामिल होने की कोई योजना नहीं है।

Chandrayaan-3: चंद्रमा की सतह पर रोवर के रास्ते में आया गड्ढा; ISRO ने बताया- नए पथ पर आगे बढ़ेगा 'प्रज्ञान

 Chandrayaan-3: चंद्रमा की सतह पर रोवर के रास्ते में आया गड्ढा; ISRO ने बताया- नए पथ पर आगे बढ़ेगा 'प्रज्ञान'



न्यूज Published by: राजू भाई Updated Mon, 28 Aug 2023 05:00 PM IST

सार

इससे पहले चंद्रयान-3 के 'विक्रम' लैंडर में लगे चास्टे उपकरण ने चंद्रमा के तापमान से जुड़ी पहली जानकारी भेजी थी। इसके अनुसार चंद्रमा पर अलग-अलग गहराई पर तापमान में काफी अंतर है।


चंद्रमा पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग के बाद रोवर 'प्रज्ञान' रोज नए-नए अपडेट पृथ्वी पर भेज रहा है। इस बीच भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार को बताया कि 27 अगस्त, 2023 को रोवर को अपने स्थान से तीन मीटर आगे चार मीटर व्यास का गड्ढा मिला। इसके बाद रोवर को वापस लौटने का निर्देश दिया गया। यह अब सुरक्षित रूप से एक नए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है


इससे पहले चंद्रयान-3 के 'विक्रम' लैंडर में लगे चास्टे उपकरण ने चंद्रमा के तापमान से जुड़ी पहली जानकारी भेजी थी। इसके अनुसार चंद्रमा पर अलग-अलग गहराई पर तापमान में काफी अंतर है। चंद्र सतह जहां करीब 50 डिग्री सेल्सियस जितनी गर्म है, वहीं सतह से महज 80 मिमी नीचे जाने पर तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। चंद्रमा की सतह एक ऊष्मारोधी दीवार जैसी है, जो सूर्य के भीषण ताप के असर को सतह के भीतर पहुंचने से रोकने की क्षमता रखती है। 


कुछ विशेषज्ञों का दावा है कि यह एक संकेत भी है कि चंद्र सतह के नीचे पानी के भंडार हो सकते हैं। इसरो ने रविवार को इस नई जानकारी के बारे में लिखा था कि 'विक्रम' लैंडर ने चंद्र सरफेस थर्मो फिजिकल एक्सपेरिमेंट यानी चास्टे उपकरण ने दक्षिणी ध्रुव के निकट चंद्रमा की ऊपरी परत के तापमान की प्रोफाइल बनाई है। इसके जरिए चंद्रमा की सतह के तापीय व्यवहार को समझने में मदद मिल सकती है।