Tuesday, August 29, 2023

दवा-पर्यटन क्षेत्र में रोजगार बढ़ेंगे मोदी

 रोजगार मेले में 51,000 से अधिक नवनियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया, देशभर में 45 स्थानों पर मेला आयोजित

दवा-पर्यटन क्षेत्र में रोजगार बढ़ेंगे मोदी

9/08/2023

 
दवा-पर्यटन क्षेत्र में रोजगार बढ़ेंगे मोदी
रोजगार मेले में सोमवार को नियुक्ति पत्र देते केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह, साथ में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल और मीनाक्षी लेखी।
दवा-पर्यटन क्षेत्र में रोजगार बढ़ेंगे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारा चंद्रयान और उसका रोवर प्रज्ञान लगातार चंद्रमा से ऐतिहासिक तस्वीरें भेज रहा है। पिछले नौ वर्षों में उनकी सरकार के प्रयासों से परिवर्तन का एक और नया दौर दिखने लगा है।
दवा-पर्यटन क्षेत्र में रोजगार बढ़ेंगे मोदी
डेढ़ करोड़ से ज्यादा रोजगार यादव

इंदौर, एजेंसी। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को कहा कि 2014 में देश की बागडोर संभालने वाली मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, व्यापार और परिवहन समेत नौ संगठित क्षेत्रों में डेढ़ करोड़ से ज्यादा रोजगार पैदा हुए हैं। यादव ने कहा, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत दुनिया की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है।

कांग्रेस ने रोजगार मेले को नौटंकी बताया

नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस ने सोमवार को रोजगार को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी छवि बनाने के लिए रोजगार मेला आयोजित करा रही है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रोजगार मेलों को सबसे बड़ा जुमला करार दिया। रमेश ने एक्स पर लिखा, हर साल दो करोड़ नौकरी देने के अपने वादे को पूरा करने में केंद्र सरकार असफल रही।

नौ साल में नौ लाख नौकरियां दीं जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के पिछले नौ साल के कार्यकाल में रोजगार बढ़े हैं। देश के युवाओं को नौ लाख नौकरियां दी गईं।

जितेंद्र सिंह ने रोजगार मेले को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां दी गई। उन्होंने यूपीए और एनडीए शासन के दौरान रोजगार सृजन का जिक्र करते हुए कहा, यूपीए के पहले नौ साल यानी 2004 से 2013 के दौरान छह लाख नौकरियां दी गईं, जबकि वर्तमान सरकार के तहत नौ लाख नौकरियां दी गई, जो 60 से 70 प्रतिशत वृद्धि है।

एसएससी ने यूपीए के नौ साल के शासन के दौरान दो लाख लोगों की भर्ती की थी, जबकि एनडीए के शासनकाल में उसने चार लाख से अधिक लोगों की भर्ती की। इसी तरह आरआरबी द्वारा यूपीए के शासन के दौरान 3,47,291 भर्तियों के मुकाबले, एनडीए के शासन में 4.2 लाख से अधिक भर्तियां की गईं।

दुनिया में भारतीय सामान की मांग लगातार बढ़ रही

नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था तेज वृद्धि की ओर अग्रसर है। खास तौर पर ऑटोमोबाइल, दवा, पर्यटन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में तेजी से वृद्धि होने की उम्मीद है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा हुए हैं।

वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित रोजगार मेले में 51,000 से अधिक नवनियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि 2030 तक पर्यटन क्षेत्र से अर्थव्यवस्था में 20 लाख करोड़ रुपये का योगदान होने की उम्मीद है। इसमें 13-14 करोड़ नए रोजगार पैदा करने की क्षमता है। यह रोजगार मेला देशभर में 45 स्थानों पर आयोजित किया गया। रोजगार मेले के जरिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने विभिन्न केंद्रीय सशस्त्रत्त् पुलिस बल, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और दिल्ली पुलिस में कर्मियों की भर्तियां की हैं।

प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि भारत इस दशक में दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में उभरेगा। इससे आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार होगा। खाद्यान्न से लेकर दवा उद्योग तक, अंतरिक्ष से स्टार्टअप तक हर क्षेत्र का विकास होना चाहिए। दवा उद्योग का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान में चार लाख करोड़ रुपये का यह क्षेत्र 2030 तक बढ़कर 10 लाख करोड़ रुपये का हो जाने की उम्मीद है। इस दशक में दवा उद्योग को युवाओं की काफी जरूरत होगी।

चांद के बाद अब सूरज से जुड़ी जानकारी जुटाएगा भारत सूर्य अभियान का शंखनाद दो को

 चांद के बाद अब सूरज से जुड़ी जानकारी जुटाएगा भारत

सूर्य अभियान का शंखनाद दो को
 
सूर्य अभियान का शंखनाद दो को
एल-1 प्वाइंट पर ठहरेगा

यान सूर्य और पृथ्वी के बीच मौजूद लैंग्रेज प्वाइंट1 (एल-1) के पास स्थापित होगा। एल-1 प्वाइंट अंतरिक्ष में वो स्थान है जहां सूर्य और पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्तियां आकर्षण और प्रतिकर्षण के उन्नत क्षेत्र का निर्माण करती हैं।

प्रज्ञान ने रास्ता बदला

चंद्रयान-3 मिशन के तहत चांद पर भेजे गए रोवर प्रज्ञान की चहलकदमी जारी है। रविवार को प्रज्ञान चांद की सतह पर चल रहा था। इस बीच तीन मीटर की दूरी से ही उसे चार मीटर व्यास का गड्ढा दिखा तो उसने रास्ता बदल लिया। ब्योरा P11

बेंगलुरु, एजेंसी। चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारत सूर्य के रहस्यों को समझने के लिए दो सितंबर को आदित्य एल-1 अभियान भेजेगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार को बताया कि श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केंद्र से शनिवार सुबह पीएसएलवी-सी57 रॉकेट की मदद से छोड़ा जाएगा।

भारत पहली बार सूरज से जुड़े तथ्यों को जानने और समझने के लिए इस तरह के अभियान को अंजाम देगा। इसके तहत सात पेलोड होंगे जो विभिन्न जानकारियां जुटाएंगे। इनमें से चार पेलोड सीधे सूर्य पर नजर रखेंगे। तीन पेलोड सूर्य से जुड़े दूसरे तथ्यों, कणों के बारे में जानकारी एकत्र करेंगे।

पूर्ण स्वदेशी इसरो के अनुसार, आदित्य एल-1 अभियान पूर्ण रूप से स्वदेशी होगा। इसमें बेंगलुरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स की अहम भूमिका है। इसी ने विजिबल एमिशन लाइन कॉर्नोग्राफ पेलोड तैयार किया है। इसी तरह पुणे के यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स ने सोलर अल्ट्रावॉयलेट इमेजिंग टेलीस्कोप पेलोड को तैयार किया है।

दुनियाभर में बीते छह दशक में सूर्य से जुड़े 22 मिशन भेजे जा चुके हैं। नासा के पार्कर सोलर प्रोब ने एक हजार डिग्री सेल्सियस से अधिक गर्मी झेली थी। आदित्य एल-1 को इतनी गर्मी नहीं झेलनी होगी, क्योंकि वो नासा के मिशन की तुलना में सूर्य से काफी दूर होगा।

पेलोड इस मिशन में शामिल, इसमें से चार सूर्य की निगरानी करेंगे

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पेलोड सूर्य से जुड़े दूसरे तथ्यों, कणों की जानकारी जुटाएंगे

Monday, August 28, 2023

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की है।

 नई दिल्ली, एएनआई: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की है। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय सहयोग के कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान वाल्दिमीर पुतिन ने 9-10 सितंबर 2023 को नई दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने में असमर्थता व्यक्त की और बताया कि रूस का प्रतिनिधित्व रूसी संघ के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव करेंगे। रूस के फैसले पर सहमति व्यक्त करते हुए, पीएम मोदी ने भारत की जी-20 अध्यक्षता के तहत सभी पहलों के लिए रूस के लगातार समर्थन के लिए राष्ट्रपति पुतिन को धन्यवाद दिया।



जी20 में शामिल नहीं होंगे पुतिन

पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति के बीच यह बातचीत पिछले हफ्ते आई उन खबरों के बाद हुई है, जिसमें संकेत दिए गए थे कि रूसी राष्ट्रपति सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं होंगे। वहीं, शुक्रवार को क्रेमलिन की ओर से हुई एक घोषणा में बताया गया था कि पुतिन कुछ अन्य कार्यक्रमों में व्यस्त हैं और मुख्य अभी उनका मुख्य फोकस यूक्रेन में चल रहे सैन्य अभियान पर है।


इंडोनेशिया से भारत ने ग्रहण की G20 की अध्यक्षता

गौरतलब है कि, भारतीय राजधानी नई दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को जी20 शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित होने वाला है। यह शिखर सम्मेलन भारत में वैश्विक नेताओं की सबसे बड़ी सभाओं में से एक होने की उम्मीद है। भारत ने 1 दिसंबर, 2022 को इंडोनेशिया से G20 की अध्यक्षता ग्रहण की थी।


इससे पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मॉस्को में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया था कि राष्ट्रपति पुतिन की नई दिल्ली में आयोजित हो रहे जी-20 समिट में शामिल होने की कोई योजना नहीं है।

Chandrayaan-3: चंद्रमा की सतह पर रोवर के रास्ते में आया गड्ढा; ISRO ने बताया- नए पथ पर आगे बढ़ेगा 'प्रज्ञान

 Chandrayaan-3: चंद्रमा की सतह पर रोवर के रास्ते में आया गड्ढा; ISRO ने बताया- नए पथ पर आगे बढ़ेगा 'प्रज्ञान'



न्यूज Published by: राजू भाई Updated Mon, 28 Aug 2023 05:00 PM IST

सार

इससे पहले चंद्रयान-3 के 'विक्रम' लैंडर में लगे चास्टे उपकरण ने चंद्रमा के तापमान से जुड़ी पहली जानकारी भेजी थी। इसके अनुसार चंद्रमा पर अलग-अलग गहराई पर तापमान में काफी अंतर है।


चंद्रमा पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग के बाद रोवर 'प्रज्ञान' रोज नए-नए अपडेट पृथ्वी पर भेज रहा है। इस बीच भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार को बताया कि 27 अगस्त, 2023 को रोवर को अपने स्थान से तीन मीटर आगे चार मीटर व्यास का गड्ढा मिला। इसके बाद रोवर को वापस लौटने का निर्देश दिया गया। यह अब सुरक्षित रूप से एक नए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है


इससे पहले चंद्रयान-3 के 'विक्रम' लैंडर में लगे चास्टे उपकरण ने चंद्रमा के तापमान से जुड़ी पहली जानकारी भेजी थी। इसके अनुसार चंद्रमा पर अलग-अलग गहराई पर तापमान में काफी अंतर है। चंद्र सतह जहां करीब 50 डिग्री सेल्सियस जितनी गर्म है, वहीं सतह से महज 80 मिमी नीचे जाने पर तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। चंद्रमा की सतह एक ऊष्मारोधी दीवार जैसी है, जो सूर्य के भीषण ताप के असर को सतह के भीतर पहुंचने से रोकने की क्षमता रखती है। 


कुछ विशेषज्ञों का दावा है कि यह एक संकेत भी है कि चंद्र सतह के नीचे पानी के भंडार हो सकते हैं। इसरो ने रविवार को इस नई जानकारी के बारे में लिखा था कि 'विक्रम' लैंडर ने चंद्र सरफेस थर्मो फिजिकल एक्सपेरिमेंट यानी चास्टे उपकरण ने दक्षिणी ध्रुव के निकट चंद्रमा की ऊपरी परत के तापमान की प्रोफाइल बनाई है। इसके जरिए चंद्रमा की सतह के तापीय व्यवहार को समझने में मदद मिल सकती है।

हिन्दू नाम का कोई धर्म नही, केवल धोखा है, स्वामी प्रसाद मौर्य के एक ओर बयान पर बवाल,

 समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) एक बाद फिर विवादित बयान के चलते सुर्खियों में आ गए हैं। उन्होंने हिंदू धर्म को लेकर फिर से विवादित बयान दिया है। जो इंटरनेट मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वहीं बयान को लेकर लोग अलग-अलग तरीके से अपना पक्ष रख रहे हैं।



क्या कहते हैं स्वामी प्रसाद मौर्य

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा है कि 'ब्राह्मणवाद की जड़े बहुत गहरी हैं और सारी विषमता का कारण भी ब्राह्मणवाद ही है। हिंदू नाम का कोई धर्म है ही नहीं, हिंदू धर्म केवल धोखा है।

उन्होंने कहा कि सही मायने में जो ब्राह्मण धर्म है, उसी ब्राह्मण धर्म को हिंदू धर्म कहकर के इस देश के दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों को अपने धर्म के मकड़जाल में फंसाने की एक साजिश है। अगर हिंदू धर्म होता तो आदिवासियों का भी सम्मान होता है, दलितों का भी सम्मान होता, पिछड़ों का भी सम्मान होता लेकिन क्या विडंबना है...'

व्हाट्सऐप पर क्वालिटी वीडियो शेयर कर सकेंगे

व्हाट्सऐप पर क्वालिटी वीडियो शेयर कर सकेंगे
 
व्हाट्सऐप पर क्वालिटी वीडियो शेयर कर सकेंगे

व्हाट्सऐप यूजर जल्द ओरिजनल क्वालिटी वीडियो भेज पाएंगे। कंपनी ने हाल में क्वालिटी वीडियो सपोर्ट व्हाट्सऐप के लिए रिलीज किया है। इससे पहले यूजर को एचडी फोटो भेजने की सुविधा मिली थी। इसके बाद अब कंपनी एक नए फीचर पर काम कर रही है, जो यूजर को ओरिजनल क्वालिटी में फोटो और वीडियो शेयर करने की सुविधा देगा। वेबसाइट वेबबीटाइंफो की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, इसे भविष्य में आने वाले ऐप के अपडेट के साथ जारी किया जाएगा। रिपोर्ट में स्क्रीनशॉट दिया गया है। इसमें डॉक्यूमेंट सेक्शन में एक नया एंट्री प्वाइंट देखने को मिल रहा है। यह यूजर को गैलेरी में से फोटो और वीडियो सिलेक्ट करने का ऑप्शन दे रहा है। इसे भविष्य में आने वाले ऐप के अपडेट के साथ टेस्टिंग के तौर पर पहले कुछ बीटा टेस्टर्स के लिए जारी किया जाएगा। इसका मतलब है कि यूजर को अभी व्हाट्सएप के जरिए ओरिजनल क्वालिटी में फोटो और वीडियो शेयर करने के लिए थोड़ा लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।


एक्स पर अधिक समय का वीडियो डालने की सुविधा

28/08/2023

 

एक्स पर अधिक समय का वीडियो डालने की सुविधा

एलन मस्क के स्वामित्व वाले एक्स ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर विभिन्न वीडियो और मीडिया से जुड़े बदलावों की घोषणा की है। एक्स ने कहा कि प्रीमियम ग्राहक अब प्लेटफॉर्म पर लंबे वीडियो पोस्ट कर सकते हैं। 1080पी गुणवत्ता वाले दो घंटे तक के वीडियो या 720पी गुणवत्ता वाले तीन घंटे तक के वीडियो। इसके अलावा, भुगतान करने वाले यूजरों के पास अब अपनी टाइमलाइन से अपने कैमरा रोल तक वीडियो डाउनलोड करने की क्षमता है और अब वे पोस्ट किए गए वीडियो के लिए डाउनलोड विकल्प को सक्षम/अक्षम कर सकते हैं। प्रीमियम एक्स यूजरों को अपने टीवी पर वीडियो स्ट्रीम करने के लिए एयरप्ले समर्थन, लोकप्रिय वीडियो की ऑटो-कैप्शनिंग, पिक्चर-इन-पिक्चर प्लेबैक मिलेगा ताकि वे अपनी टाइमलाइन या अन्य ऐप्स को स्क्रॉल करते समय वीडियो देख सकें।


मेटा से मैसेंजर लाइट एप होगा बंद

28/08/2023

 

मेटा से मैसेंजर लाइट एप होगा बंद

मेटा मैसेंजर लाइट एप को अगले महीने से बंद कर देगा। इसे फेसबुक मैसेंजर के लाइट वर्जन के दौर पर पेश किया गया था। यह यूजर को कम फोन स्पेस के साथ फेसबुक पर अपने दोस्तों से चैट करने की सुविधा देता है। कंपनी का कहना है कि यूजर को फेसबुक पर चैटिंग जारी रखने के लिए मैसेंजर का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। फेसबुक ने मैसेंजर लाइट को पहले ही गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया है। अब जो यूजर्स पहले से इस एप को डाउनलोड किए हुए हैं और इस्तेमाल कर रहे हैं, वे 18 सितंबर के बाद इस एप का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। मेटा ने साल 2016 में अपने मैसेजिंग एप लाइट को पेश किया था। मैसेंजर लाइट डाउनलोड के मामले में अमेरिका 8वें स्थान पर है। हाल ही में मेटा ने मैसेंजर के लिए एसएमएस सुविधा को बंद करने का एलान किया है।

मोबाइल पर आयकर रिटर्न दाखिल करना आसान होगा

 मोबाइल पर आयकर रिटर्न दाखिल करना आसान होगा

 
मोबाइल पर आयकर रिटर्न दाखिल करना आसान होगा
मोबाइल पर आयकर रिटर्न दाखिल करना आसान होगा
मोबाइल पर आयकर रिटर्न दाखिल करना आसान होगा
मोबाइल पर आयकर रिटर्न दाखिल करना आसान होगा
संचालन और बेहतर होगा

नए पोर्टल को मोबाइल के अनुसार भी तैयार किया गया है। मोबाइल पर खोलने पर नए बटन संकेत और दूसरी कई अन्य जानकारियां जैसे ई-वेरिफाई सिस्टम, लिंक आधार स्टेटस, लिंक आधार, इनकम टैक्स रिटर्न स्टेटस जैसे कई कॉलम दिखाई देंगे।

वीडियो से संदेह दूर होंगे

साथ ही कई चीजों की जानकारी के लिए वीडियो सेक्शन भी बनाया गया है। यहां कई तरह की जानकारियां ली जा सकती हैं। इनमें ऑफलाइन मोड में आयकर भुगतान कैसे करें से लेकर

आईटीआर-1, आईटीआर-2,

आईटीआर-4 कैसे दाखिल करें, इसका

विस्तृत ब्योरा दिया गया

है।

मेगा मेन्यू का विकल्प मिलेगा

आयकर विभाग के अनुसार, करदाताओं के अनुभव को बेहतर करने और नई तकनीक के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए फिर से तैयार किया गया है। इसमें उपयोगकर्त्ता के अनुकूल इंटरफेस और नए मॉड्यूल जोड़े गए हैं। इसी में ‘मेगा मेनू’ का विकल्प भी शामिल हैं। इसमें कर बकाया, पेनाल्टी, आयकर रिटर्न फर्म, टैक्स कैलेंडर जैसे आयकर से जुड़े सभी जरूरी लिंक दिए गए हैं।

नई दिल्ली, एजेंसी। आयकर विभाग ने करदाताओं के लिए संशोधित वेबसाइट जारी की है। इसमें कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जिनकी मदद से कर भुगतान और आयकर रिटर्न भरना पहले से आसान हो जाएगा। यही नहीं इसे मोबाइल संचालन के अनुरूप भी बनाया गया है। इससे मोबाइल पर ही रिटर्न दाखिल करने की सुविधा मिलेगी। आयकर विभाग के लिए इस वेबसाइट को सीबीडीटी से डिजाइन किया है।

विभाग के अनुसार, वेबसाइट को इस तरह से बनाया गया है कि उपयोगकर्ताओं को काम की सारी चीजें एक क्लिक पर उपलब्ध हो सकेंगी। इसके लिए वेबसाइट के इंटरफेस और नेविगेशन में सुधार किया गया है। इसके साथ ही वेबसाइट में एक लेटेस्ट अपडेट का कॉलम भी दिया गया है।

इस कॉलम में करदाताओं को विभाग द्वारा जारी की गई नई सूचनाओं की जानकारी मिल पाएगी।

आयकर धारा और नियमों की तुलना कर सकेंगे

वेबसाइट पर आयकर से जुड़ी सभी धाराओं और नियमों का ब्योरा भी जोड़ा गया है। करदाता को कर संबंधी किसी तरह की दिक्कत होने पर वह यहां से जानकारी प्राप्त कर सकता है। विभाग का कहना है कि यह एक अतिरिक्त पहल है, जिससे करदाताओं की जागरूकता बढ़ेगी। इसके अतिरिक्त, अन्य पोर्टलों के बारे में जानकारी जोड़ी गई है।